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24 अगस्त 2026

केंद्र के पास किसी चीज की कोई कमी नहीं', अनुभव भी पर्याप्त हो गया है, सामान भी पर्याप्त है और टेस्टिंग की सुविधा भी: हर्षवर्धन

नई दिल्ली: केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स), नई दिल्ली का दौरा किया और राजधानी में हाल में कोविड मामलों में वृद्धि को देखते हुए…

केंद्र के पास किसी चीज की कोई कमी नहीं', अनुभव भी पर्याप्त हो गया है, सामान भी पर्याप्त है और टेस्टिंग की सुविधा भी: हर्षवर्धन
केंद्र के पास किसी चीज की कोई कमी नहीं', अनुभव भी पर्याप्त हो गया है, सामान भी पर्याप्त है और टेस्टिंग की सुविधा भी: हर्षवर्धन | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स), नई दिल्ली का दौरा किया और राजधानी में हाल में कोविड मामलों में वृद्धि को देखते हुए उनकी कोविड-19 संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स), नई दिल्ली के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (जेपीएनएटीसी) में जाकर उन मरीजों का हालचाल भी पूछा जिनका यहां इलाज चल रहा है। ट्रामा सेंटर में कोविड बेड की संख्या लगभग 266 है इसमें से 253 बेड पर मरीज़ हैं। हमने यहां 70 और बेड बढ़ाने का निर्णय लिया है। झज्जर में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में कोविड के लिए 500 बेड हैं, वहां पर भी हमने 100 और बेड बढ़ाने का निर्णय लिया है|




डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड और गैर-कोविड चिकित्सा स्थितियों के इलाज में लगे विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ सामान्य/आईसीयू वार्डों में बेड/ऑक्सीजन युक्त बेड की उपलब्धता पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अपने वर्तमान कर्तव्यों को पूरा करने में विभाग प्रमुखों और उनके सहयोगियों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर भी गौर किया गया।



2020 के मुक़ाबले 2021 में भले ही कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है लेकिन 2021 में हमारे डॉक्टरों के पास इस बीमारी से लड़ने का कई सौ गुना अधिक अनुभव है। हम इस बीमारी के बारे में अच्‍छी तरह से जान चुके हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और यही कारण है कि अस्पताल में बिस्तरों की संख्या भी तेज़ी से भर रही है। लेकिन यह भी सच है कि हमारे पास आज पहले के मुक़ाबले अधिक आत्मविश्वास है।



हर्षवर्धन ने कहा कि,''केंद्र सरकार के पास वेंटिलेटर हैं लेकिन अभी कोई राज्य सरकार हमसे वेंटिलेटर नहीं मांग रही है। बहुत सारी राज्य सरकारों को हमने जो वेंटिलेटर दिए हैं वो अभी उन सबका भी इस्तेमाल नहीं कर पाई हैं, उनके पास वेंटिलेटर लगाने का स्थान नहीं है| किसी चीज की कोई कमी नहीं है, अनुभव भी पर्याप्त हो गया है, सामान भी पर्याप्त है और टेस्टिंग की सुविधा भी पर्याप्त है|




डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि संक्रामक बीमारी के आधार के साथ, आगे का कार्य तुलनात्मक रूप से आसान होगा: “मुझे यह जानकर खुशी है कि हमारे योद्धा न केवल जागरूक हैं बल्कि वर्तमान स्थिति से चिंतित भी हैं। मैं वर्तमान स्थिति पर चर्चा करने के लिए यहां आया हूं और भविष्य का परिदृश्य क्या हो सकता है ताकि हम पिछले साल की तरह अति-सक्रिय, सबसे पहले और क्रमिक प्रतिक्रिया अपना सकें। ऐसा नहीं है कि हमने 2020 में समस्याओं का सामना नहीं किया है। लेकिन, 2021 में, हमारे पास पिछले वर्ष की तुलना में बीमारी के बारे में अधिक ज्ञान और समझ व अधिक अनुभव है। पिछले साल, आपने न केवल यहां के मरीजों की बल्कि पूरे देश में साथी डॉक्टरों की टेलीकंसलटेशन के माध्यम से मदद की।”





उन्होंने कहा, "मुझे 5 अप्रैल 2020 को हमारी स्थिति याद है, जब हमारे पास पीपीई किट, वेंटिलेटर और एन-95 मास्क नहीं थे। स्वास्थ्य ढांचे की कथित कमी के लिए दुनिया भर में हमारी अनुचित आलोचना हुई। बुनियादी ढांचे और उत्पादन क्षमताओं के महत्वपूर्ण विस्तार के साथ, हम एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। हमने वायरस को तब हराया जब हमें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी और अपने एक साल के अनुभव से इसे दोबारा हरा सकते हैं।''





 महामारी के समय गैर-कोविड मरीजों को देखने के महत्व पर, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि “हमें गैर-कोविड रोगों के बारे में भी सोचना होगा। हमें उपेक्षा नहीं करनी चाहिए और उनके उपचार को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए। अब हम सभी उपायों से लैस हैं; हमें वर्तमान दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से निपटने के बारे में सोचने की जरूरत है। हमें नए मॉडल विकसित करने के बारे में सोचने की जरूरत है, जिन्हें देश के अन्य हिस्सों में लागू कर दोहराया जा सके। मैं आप सभी को गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रदान करना चाहता हूं। मैं इसे लागू करने में आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करूंगा। देश को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। ”




इसके बाद उन्होंने एम्स, नई दिल्ली (समर्पित कोविड अस्पताल) के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (जेपीएनएटीसी) के रोगी वार्ड का दौरा किया और वहां इलाज करा रहे अनेक रोगियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उन्हें बेहतरीन देखभाल का आश्वासन दिया।



डॉ. हर्षवर्धन ने बाद में मीडिया से भी बातचीत की और इस अवसर क??? उपयोग लोगों को कोविड संबंधी उचित व्यवहार (सीएबी) के कई गुणों की याद दिलाने के लिए किया: “इस समय हमारी सबसे बड़ी लड़ाई लोगों को कोविड से ‍निपटने के बारे में उचित व्यवहार सिखाने की है। लोगों ने एक लापरवाहीपूर्ण तरीका अपनाया है जो बहुत खतरनाक है। कोविड संबंधी उचित व्यवहार सबसे बड़ा सामाजिक उपकरण है जिससे हम संचरण की श्रृंखला को तोड़ सकते हैं।”




 कोविड मुक्त वातावरण की तलाश में सीएबी का अनुसरण करने से जनता को प्रोत्साहित करने के लिए, उन्होंने ऐसे आंकड़े रखे जो स्वास्थ्य और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के साथ-साथ आम जनता के परिश्रम को प्रदर्शित करते हैं: “भारत में 52 जिले हैं जहां से पिछले 7 दिन में कोई नया नहीं आया है। 34 जिलों से पिछले 14 दिन में, 4 जिलों से पिछले 21 दिन में और 44 जिलों से पिछले 28 दिन में कोई या मामला सामने नहीं आया है।” उन्होंने रेमेडेसिवर और इटोलिज़ुमाब जैसी दवाओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए विस्तृत कदमों की भी जानकारी दी।









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यह रिपोर्ट 16 अप्रैल 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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