रायपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कांग्रेस नेताओं से जुड़े परिसरों सहित छत्तीसगढ़ में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की| प्रवर्तन निदेशालय (ED) खनन मामले में छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर तलाशी चल रही है। जिन स्थानों की तलाशी चल रही है उनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत पार्टी के विभिन्न नेताओं के आवासीय और कार्यालय परिसर शामिल हैं। यह छापेमारी राज्य की राजधानी रायपुर में 24-26 फरवरी तक कांग्रेस के तीन दिवसीय पूर्ण अधिवेशन से पहले हुई है|
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है| कांग्रेस ने कहा कि ,“अब ED का मतलब Eliminating Democracy (लोकतंत्र को खत्म करना) है। 2004 से 2014 के बीच ED ने 112 बार छापे मारे थे, जबकि बीते 8 साल में 3,010 छापे मारे गए। कांग्रेस ने कहा कि ,“प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति की मिसाल आज सुबह रायपुर में देखने को मिली। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी का अधिवेशन होने वाला है और उससे ठीक 3 दिन पहले ED के छापे पड़े हैं।''
एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि,“ साथियों, प्रतिशोध कीराजनीति और उत्पीड़न की राजनीति की नवीनतम मिसाल आज सुबह रायपुर में देखने को मिली है। 24, 25 और 26 को रायपुर में 85वां हमारा प्लेनरी अधिवेशन होने वाला है, कांग्रेस पार्टी का और तीन दिन पहले ईडी के छापे पड़े हुए हैं, हमारे छत्तीसगढ़ के कई कांग्रेस साथियों के घरों में आज सुबह 5 बजे से छापे शुरु हुए हैं|
अब ईडी मतलब एलिमिनेटिंग डेमोक्रेसी
कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि ,“ इस सरकार ने कई परिभाषाएं बदली, कई परंपराएं बदली, कई एब्रिविएशन को बदल दिया। अब ईडी मतलब एलिमिनेटिंग डेमोक्रेसी । मेरे वरिष्ठ सहयोगी जयराम रमेश जी कहते हैं, एक्सटर्मिनेटिंग डेमोक्रेसी । दोनों ही बातें सत्य हैं और हैरानी की बात है कि जब आप आंकड़े देखते हैं, 2004 से 2014 के बीच जब यूपीए की सरकार थी, तो ईडी ने 112 बार छापे मारे। पिछले 8 साल में 3,010 छापे ईडी ने मारे हैं और सिर्फ राजनीतिक दलों को और राजनेताओं की लिस्ट को अगर आप सामने रखेंगे तो 95 प्रतिशत छापे विपक्ष पर ईडी ने डाले हैं।
भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से बौखलाए हुए हैं प्रधानमंत्री
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि ,“नेशनल हेराल्ड आपको सबको मालूम है, रेड हुई है। राहुल गांधी जी से 50 घंटे तक ईडी ने पूछताछ की थी, शायद 55 घंटे पूछताछ की थी। हमारी पूर्व अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी से लगातार तीन दिन तक पूछताछ की थी ईडी ने । हमारे वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे जी से भी पूछताछ हुई, 7-8 घंटे की पूछताछ उनसे हुई और अब छत्तीसगढ़ सुबह से लगातार रेड चल रही हैं। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से बौखलाए हुए हैं ही प्रधानमंत्री जी और उनकी पार्टी, हमारा महाधिवेशन भी वहाँ होने वाला है, ये आप सब जानते हैं। वरिष्ठ नेताओं पर, हमारे ट्रेजरार पर, हमारे कुछ एमएलए पर, कुछ निगम के चेयरमैन पर, एक प्रवक्ता पर, इन सबके यहाँ आज सुबह से रेड डाली जा रही है।
खेड़ा ने कहा कि ,“मैं नाम बता देता हूं, हमारे कोषाध्यक्ष हैं राम गोपाल अग्रवाल जी, हमारे भिलाई के युवा विधायक देवेन्द्र यादव जी, गिरीश देवांगन एक निगम के चेयरमैन हैं, आरपी सिंह अब प्रवक्ता हैं, विनोद तिवारी हैं और सनी अग्रवाल, ये भी एक निगम के चेयरमैन हैं। इनके कार्यालयों पर, इनके निवासों पर सुबह से ईडी की कार्यवाही चल रही है।
पवन खेड़ा ने कहा कि ,“मैं आपको पार्टीवार एक कुछ जानकारी देना चाहता हूं। 2014 से अगर हम शुरु करें- कांग्रेस पर 24 बार अलग-अलग नेताओं पर कांग्रेस के 24 बार रेड हुई ईडी की । वहीं टीएमसी पर 19 बार हुई, एनसीपी पर 11 बार हुई, शिवसेना पर 8 बार हुई, डीएमके 6, आरजेडी 5, बीएसपी 5, टीडीपी 5, आईएनएलडी 3, वाईएसआरपी 3, सीपीएम 2, एनसी 2, पीडीपी 2, एआईएडीएमके 1, एमएनएस 1, एसबीएसबी 1.
हेमंत बिस्वा सरमा फेयर एंड लवली बनकर निकले
कांग्रेस नेता ने कहा कि ,“मैं आपको हेमंत बिस्वा सरमा के बारे में कुछ याद दिलाना चाहता हूं। आपको याद होगा एक वाइट पेपर, ब्लैक पेपर, अलग-अलग रंग के पेपर भारतीय जनता पार्टी निकाल रही थी । नारदा स्कैम, शारदा स्कैम, इन सबमें शामिल हैं। 2014-15 में शारदा चिटफंड को लेकर इनके यहाँ सीबीआई ने रेड भी की, आज हेमंत बिस्वा सरमा फेयर एंड लवली बनकर निकले हुए हैं, मुख्यमंत्री हैं और मुझे तो नहीं मालूम, अगर आपमें से किसी को जानकारी हो, उन केस का क्या हुआ, तो आप साझा करिएगा । शुभेंदु अधिकारी एक और नाम मैं आप हूं। येदियुरप्पा तीसरा नाम मैं आपको बताता हूं। रेड्डी ब्रदर्स, नारायण राणे, मुकुल राय ऐसे नाम हैं, जिनको अगर राजनीति में सफलता नहीं भी मिली, तो 2024 के बाद फेयर एंड लवली वाले ढूंढ रहे हैं साहब हमारे ब्रांड एंबेसडर बन जाइए ।
देश के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने न्यायपालिका को इतनी मजबूर कर दिया.....
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि ,“हम प्रधानमंत्री मोदी जी से दो सवाल करना चाहते हैं और एक सलाह भी देना चाहते हैं। पहले सवाल, फिर सलाह । जब मीडिया कुछ छापता है, आप उस पर छापा डाल देते हैं। जब विपक्ष संसद में आपसे कुछ सवाल करना चाहता है, आप कार्रवाई से वो नाम निकाल देते हो अपने दोस्त का, एक्सपंज कर देते हो।
न्यायपालिका, इस देश के इतिहास में पहली बार आपने इतनी मजबूर कर दिया न्यायपालिका को कि उनको सार्वजनिक रुप में आकर प्रेस वार्ता करनी पड़ी और रोज आपके मंत्री, कानून मंत्री किस तरह की टिप्पणियां करते हैं न्यायपालिका पर, वो भी आपने होंगी और अभी पिछले हफ्ते ठीक अडानी मामले पर जब सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होने वाली थी, उसके 48 घंटे पहले संघ के मैगजीन पांचजन्य में लीड स्टोरी क्या थी कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्र विरोधी ताकतों के हाथ का टूल बन गया है....न्यायाधीशों पर । परसों अडानी मामले की सुनवाई होनी है और आज अखबार छाप रहा है, संघ का अखबार, संघ की मैगजीन पांचजन्य छाप रहा है और वो संघ जो खुद पंजीकृत नहीं है, वो कह रहा है कि देश का सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्र विरोधी ताकतों के हाथों टूल बन गया है।
प्रधानमंत्री, आप अपने परम मित्र गौतम अडानी के महाघोटाले में जांच क्यों नहीं करते
श्री खेड़ा ने कहा कि ,“हमारा दूसरा सवाल है फादर ऑफ हिपोक्रेसी से, जो मदर ऑफ डेमोक्रेसी के प्रधानमंत्री हैं कि आप अपने परम मित्र गौतम अडानी के महाघोटाले में जांच क्यों नहीं करते, उस पर जवाब क्यों नहीं देते ?
हमारी शराफत को हमारा गहना मानो...
पवन खेड़ा ने कहा कि ,“अब सलाह, मत भूलिए हम भी कुछ राज्यों में सरकार में हैं, आने भी वाले हैं, 24 भी आ रहा है, मौसम बदलता है। ये सलाह प्रधानमंत्री को भी है और उन ऑफिसरों को भी है, जो उनके हाथ में आज खिलौना बने हुए हैं। हमारी शराफत को हमारा गहना मानो,हमारी कमज़ोरी मत समझना . हम भी कभी आएंगे और जहाँ हैं, वहाँ भी कुछ दिखा सकते हैं आपको।
ये धमकी की राजनीति से हम पीछे हटने वाले नहीं
कांग्रेस सांसद ज जयराम रमेश ने कहा कि ,“ मैं यही कहूंगा कि ये धमकी की राजनीति से हम पीछे हटने वाले नहीं हैं, हम इसका कड़ा मुकाबला करेंगे। छापे होने दीजिए। जहाँ छापे होने चाहिएं, वहाँ तो होते नहीं, पवन जी ने कई नाम गिनाए । हमारे देश का सबसे बड़ा घोटाला अभी जिसकी जानकारी रोज कुछ ना कुछ आती रहती है, जिसमें प्रधानमंत्री खुद जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री के पसंदीदा पूंजीपति गौतम अडानी के बारे में जो जानकारी निकल रही है रोज उनके कारनामे II सब गैर कानूनी कारनामे, उस पर कोई जांच नहीं होती । उस पर जेपीसी की मांग नकारी जाती है|
जो फेयर एंड लवली के नाम पर बीजेपी के सदस्य बन गए हैं....
जहाँ छापे होने चाहिएं, जहाँ कानून का उल्लंघन हुआ है, वहाँ तो छापे नहीं पड़ते और कई मिसाल पवन खेड़ा जी ने आपको बताए हैं, जो फेयर एंड लवली के नाम पर आज बीजेपी के सदस्य बन गए हैं। पर ये छापा चलता रहेगा आज, हो सकता है कल भी होगा, हम कुछ नहीं कह सकते। पर एक बात हम बिल्कुल साफ करना चाहते हैं कि हम कोई चीज छुपा नहीं रहे हैं। छापे होने दीजिए, हम इसका मुकाबला करेंगे, हम पीछे हटेंगे नहीं।
हमारा महाधिवेशन चलेगा 24 तारीख को 25 तारीख को, 26 तारीख को । 'हाथ से हाथ जोड़ो' जो टैगलाइन है उसके आधार पर ये महाधिवेशन हो रहा है, ये चलता रहेगा और भारत जोड़ो यात्रा में हमने जो सफलता हासिल की है, जो परिवर्तन हम लाए हैं हमारी राजनीति में, हमारे संगठन में, वो बरकरार रहेगा।
पीएम मोदी के हाथ का हथियार बन गया है ईडी, प्रतिशोध का.. बदले का....उत्पीड़न का
एक प्रश्न के उत्तर में जयराम रमेश ने कहा कि 17 विपक्ष पार्टियों ने जब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था, जो ईडी के अधिकारों का सवाल जब उठाया गया था और उसके सुप्रीम कोर्ट का एक जजमेंट आया था, 17 पार्टियों ने एक संयुक्त बयान दिया सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है, क्योंकि जो अधिका दिए गए हैं ईडी को, पीएमएलए के संशोधन के माध्यम से वो हानिकारक हैं, लोकतंत्र के खिलाफ हैं और ये एक हथियार है किसी भी सरकार के हाथ में जो विपक्ष की पार्टियों के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है और किया गया है|
तो इस मामले में 17 पॉलिटिकल पार्टियों ने, ये अगर आपको याद नहीं होगा, ये स्टेटमेंट मैं आपको फिर से दे सकता हूं। 17 पार्टियों ने, सभी पार्टियों ने एक ही आवाज में दिया था कि हम इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हैं और जो अधिकार ईडी को दिया गया है पीएमएलए के संशोधन के द्वारा, 2014 के बाद ये हमारे लोकतंत्र के लिए एक पोइजन पिल है, जहर की तरह है और रोज जो छापे मारे जाते हैं विपक्ष के नेताओं के ऊपर, जो इस सरकार के खिलाफ हैं, वो बिल्कुल सुबूत हैं कि ईडी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है, बल्कि ये हमारे प्रधानमंत्री के हाथ में एक हथियार बन गया है प्रतिशोध का, बदले का, उत्पीड़न का ।
ये अमृत काल नहीं है, ये आपातकाल है, अघोषित आपातकाल है
एक अन्य प्रश्न के उत्तर पर श्री खेड़ा ने कहा कि मैंने आपको आंकड़े दिए, ऐसा संयोग, उपयोग, प्रयोग, ये क्या है, मुझे बताइए कि 95 प्रतिशत विपक्ष के ही नेताओं रेड्स होती हैं? क्या कारण है कि शुभेंदु अधिकारी, मुकुल रॉय, येदियुरप्पा, रेड्डी ब्रदर्स, नारायण राणे, हेमंत बिस्वा सरमा अचानक साफ हो गए, तो ये सारे सवाल हम सरकार से इसलिए पूछ रहे हैं कि अगर आप निष्पक्ष होते, अगर आपकी एजेंसियां निष्पक्ष होती तो आज हेमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री नहीं होते, तो आज येदियुरप्पा, रेड्डी ब्रदर्स, नारायण राणे, मुकुल रॉय, शुभेंदु अधिकारी, ये लोग बिल्कुल आजादाना नहीं घूम रहे होते, इन पर भी कुछ कार्रवाई होती, तो कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है।
तो ये सवाल तो हम पूछेंगे और ये सवाल सबके सामने हैं, अब तो एक-एक व्यक्ति, सड़क पर चलने वाले लोग पूछ रहे हैं, उनको हंसी आ जाती है जब वो देखते हैं अपने मोबाइल पर ब्रेक न्यूज आती है कि साहब छत्तीसगढ़ में रेड्स हुईं। उनको समझ में आ रहा है, सबको सबकुछ समझ में आ रहा है कि ये भारत जोड़ो यात्रा से बौखलाए हुए हैं, ये गौतम अडानी STATE लेते हैं, ये उतनी बार परेशान होते हैं, जो 18 घण्टे जागते थे, सुना है, अब 24 घण्टे जाग रहे हैं, नींद उड़ गई है। हमें मालूम है, क्या हो रहा है? न केवल हमें मालूम है, आप हमसे ज्यादा जानते हैं और हम और आप से ज्यादा सड़क पर चलने वाले लोग जानते हैं। आज तो अघोषित आपातकाल है। ये अमृत काल नहीं है, ये आपातकाल है, अघोषित आपातकाल है।
एजेंसीज़ का इस कदर दुरुपयोग किया जा रहा है कि....
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि अभी आपने सुना, 10 दिन पहले की रोचक बात कही थी जो आपने भी दिमाग में, ज़रूर ज़ेहन में रखी हो???ी कि अडानी जी कई विपक्षी नेताओं को, पार्टियों को एक साथ ले आए, एक कर दिया उन्होंने । मोदी जी नहीं समझ पा रहे कि वो जितना इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं, उतना एकता बढ़ती जा रही है। अब यूं तो ये चर्चा का विषय है, लंबी चर्चा इसमें होनी चाहिए, किसी दिन करेंगे, आज जैसा कि जयराम रमेश जी ने कहा मुद्दा कुछ और है, लेकिन आपने सवाल पूछा तो उसका मैं जवाब दे रहा हूं। 2-3 अलग-अलग उदाहरण लाकर तुलना आप हर बार नहीं कर सकते। एजेंसीज़ का इस कदर दुरुपयोग किया जा रहा है कि कभी कहीं गलती से भी एजेंसी कोई सही कदम उठा ले, तब भी लोग उसको अविश्वास की दृष्टि से देखेंगे, ऐसा भी हो रहा है। अब इससे ज्यादा खुलासा मैं नहीं करूंगा इस पर, आप खुद समझदार हैं।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री जयराम रमेश ने कहा कि मैं आपको याद दिला दूं कि 3 अगस्त, 2022 को 17 पार्टियों ने एक बयान दिया था मिलकर और वो बयान क्या था - बयान ये था कि जो पीएमएलए में संशोधन लाए गए हैं, इस सरकार द्वारा वो सही ठहराना, जो सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, वो हमारे लोकतंत्र के खिलाफ हैं, लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और ये प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति को प्रोत्साहन देगा और हमने ये भी कहा था 3 अगस्त, को हमने इसकी रिव्यू पिटीशन की बात की थी पर उसके बाद हम लोग ''भारत जोड़ो यात्रा' में लग गए, 5 महीने हम ''भारत जोड़ो यात्रा'' में लग गए, ये बात थोड़ी पीछे हट गई पर मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि हम ये रिव्यू पिटीशन जरूर, हम इसको आगे ले चलेंगे। उस बयान में हमने ये कहा था कि हम सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे को खटखटाएंगे और उनसे फिर से मांग करेंगे इस पर पुनर्विचार हो, ये पुनर्विचार हम जरूर करेंगे। मैं आपको एक बात याद दिला दूं कि 17 विपक्ष पार्टियों में सभी पार्टी शामिल थी टीएमसी भी थी, आम आदमी पार्टी भी शामिल थी और एक इंडिपेंडेंट एमपी कपिल सिब्बल जी भी शामिल थे।
हमें छापों से कोई फर्क नहीं पड़ता
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि हम छापों से कमजोर हो रहे हैं ये किसने बता दिया आपको, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। अभी जयराम रमेश जी ने कहा कि इस प्रतिशोध की राजनीति, इस भय की राजनीति से हम कोई डरने वाले हैं नहीं, आपको लगता है कि हमारे चेहरे पर शिकन कोई कभी नजर आई पिछले 8-9 सालों में, हमें सिर्फ तब शिकन आती है, चेहरे पर जब लोगों के साथ जो हो रहा होता है, जब बेरोजगारी बढ़ रही होती है, महंगाई बढ़ रही होती है, कोविड से मौतें हो रही होती हैं, लोग जान गंवा रहे होते हैं, अखबार वालों पर रेड्स होती हैं, तब हमें बुरा लगता है, हमारे पर आप जितना करना है, करिए। आपको बताया था न राहुल जी ने अभयमुद्रा, ये अभयमुद्रा देख लीजिए हमारी, हम नहीं घबराते हैं।