नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीनी 'लोन ऐप केस' से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेंगलुरु में 5 ठिकानों पर छापेमारी की| इस दौरान जांच एजेंसी ने 78 करोड़ रुपये जब्त किया| एजेंसी ने एक बयान में कहा कि,''प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ''चीनी लोन ऐप केस'' से संबंधित एक जांच के संबंध में 19 अक्टूबर 2022 को बेंगलुरु में 05 परिसरों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया है।
यह मामला, साइबर अपराध पुलिस स्टेशन, बेंगलुरु शहर द्वारा कई संस्थाओं / व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई 18 प्राथमिकी पर आधारित है, जो इन संस्थाओं/व्यक्तियों। द्वारा चलाए जा रहे चीनी मोबाइल ऐप के माध्यम से छोटी मात्रा में ऋण लेने वाले लोगों की जबरन वसूली और उत्पीड़न में शामिल होने के संबंध में हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया,''पीएमएलए जांच के दौरान यह सामने आया है कि ये संस्थाएं हैं चीनी नागरिकों द्वारा नियंत्रित / संचालित होती है।इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली भारतीयों के जाली दस्तावेजों का उपयोग कर रही है और उन्हें उन संस्थाओं का डमी निदेशक बनाना और अपराध की आय उत्पन्न करना है। यह पता चला है कि उक्त संस्थाएं अपना संदिग्ध/अवैध व्यवसाय विभिन्न मर्चेंट आईडी/पेमेंट गेटवे/बैंकों के पास रखे खातों के माध्यम से कर रही थीं।
चीनी लोन ऐप केस की गई जांच और सेंट्रल क्राइम ब्रांच, बेंगलुरु शहर से मिले इनपुट के आधार पर इस मामले में सर्च ऑपरेशन चलाया गया| इन संस्थाओं से संबंधित रेजरपे प्राइवेट लिमिटेड और बैंक के अनुपालन कार्यालयों के परिसरों को तलाशी अभियान में शामिल किया गया था।
तलाशी अभियान के दौरान, यह देखा गया कि उक्त संस्थाएं भुगतान गेटवे/बैंकों के पास विभिन्न मर्चेंट आईडी/खातों के माध्यम से अपराध की आय उत्पन्न कर रही थीं और उन्होंने केवाईसी दस्तावेजों में नकली पते जमा किए हैं।
इन चीनी व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के मर्चेंट आईडी और बैंक खातों में धारा 17(1) के तहत 78 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई है। इस मामले में कुल जब्ती अब 95 करोड़ रुपये है।
आगे की जांच जारी है........