नई दिल्ली: कृषि कानूनों को लेकर कड़कड़ाती ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में दिल्ली एनसीआर पहुंचे किसानों का विरोध लगातार जारी है।सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच शनिवार को पांचवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही, जहां किसान संगठनों के नेता नये कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग पर अड़े रहे और इस मुद्दे पर सरकार से ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब की मांग करते हुए ‘मौन व्रत’ पर चले गये|
केंद्र ने गतिरोध समाप्त करने के लिए नौ दिसंबर को एक और बैठक बुलाई है| तीन केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार घंटे से अधिक देर तक चली बातचीत के बाद किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए अंतिम प्रस्ताव पेश करने के वास्ते आंतरिक चर्चा के लिए और समय मांगा है|
Farmers Protest Live Updates
प्रधानमंत्री को काले क़ानून वापिस ले लेने चाहिए अन्यथा RLP पार्टी NDA में रहेगी या नहीं इस पर हम 8 तारीख के बाद आपात बैठक बुला रहे हैं। आवश्यकता पड़ी तो किसानों के हक़ में लाखों लोग दिल्ली कूच करेंगे। हम भारत बंद का समर्थन करते हैं: RLP नेता हनुमान बेनीवाल(राजस्थान)
उत्तराखंड के किसान अपने साथ लाए मॉडिफाई ट्रैक्टर-ट्रॉली: कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध में शामिल होने आए उत्तराखंड के किसान अपने साथ मॉडिफाई ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आई हैं। इन ट्रॉली में एक इन्वर्टर, एसी, बेड, गद्दे और चार्जिंग पॉइंट है। एक किसान ने बताया कि ट्रॉली में यह संसोधन इसलिए किया गया ताकि हमारे बुजुर्ग आराम से इस सर्दी में रह सकें।
उन्होंने हमसे कहा था कि वो 7 तारीख को डॉक्यूमेंट पूरा करके बैठक करेंगे और ऐसा न हुआ तो हमें बताएंगे। फिर हमने उन्हें 8 तारीख दी थी पर उस दिन भारत बंद को तोड़ना हमें सही नहीं लगा। ये उनकी मंशा नहीं थी, हमारी ओर से ही 9 तारीख का समय दिया गया है:सिंघु बॉर्डर से किसान नेता बलदेव सिंह
गुजरात से 250 नौजवान किसानों का जत्था मोटरसाइकिलों पर दिल्ली आ रहा है। आंदोलन को तेज़ करना हमारी मज़बूरी है क्योंकि केंद्र सरकार हमारे मुद्दों पर संजीदगी से काम नहीं ले रही है: सिंघु बॉर्डर से किसान नेता बलदेव सिंह
8 तारीख को सुबह से शाम तक भारत बंद रहेगा। चक्का जाम शाम तीन बजे तक रहेगा। दूध-फल-सब्ज़ी पर रोक रहेगी। शादियों और इमरजेंसी सर्विसेज़ पर किसी तरह की रोक नहीं होगी: सिंघु बॉर्डर पर जय किसान आंदोलन से योगेंद्र यादव
उन्होंने बातचीत के लिए समय मांगा है पर पता नहीं किससे बात करेंगे ऑफिसर्स से कॉर्पोरेट घरानों से या नागपुर RSS से। इतने सालों से मोदी की मन की बात सुन रहे हैं अब ये किसानों के मन की बात सुनें: सिंघु बॉर्डर से जगमोहन सिंह जनरल सेक्रेटरी भारतीय किसान यूनियन
-NCP प्रमुख शरद पवार 9 दिसंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे: NCP महाराष्ट्र कार्यालय
-झारखंड: कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और अन्य पार्टियां रांची में विरोध प्रदर्शन करते हुए।
जो हमारा पेट भरता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है उसके साथ इतना बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। किसान हज़ारों-लाखों की संख्या में दिल्ली के पास कड़ाके की सर्दी में बैठे हैं और कोई सुननेवाला नहीं है: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव
नोएडा: भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के सदस्यों ने अर्धनग्न अवस्था में दिल्ली कूच करना शुरू किया।
नोएडा: कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति ने दिल्ली कूच करना शुरू किया। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "आज हम सभी कालिंदी कुंज बॉर्डर से दिल्ली कूच करेंगे। हम रुकने वाले नहीं हैं, दिल्ली जाकर सरकार से अपनी बात मनवा के रहेंगे।"
मुंबई के शिरोमणि अकाली दल का एक प्रतिनिधिमंडल आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिला। मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि "उन्होंने कहा कि वह आंदोलन के दौरान किसानों के सभी कार्यक्रमों का समर्थन करेंगे। वह दो हफ्ते बाद दिल्ली में होने वाली बैठक में भी आएंगे। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वह किसानों के आंदोलन का समर्थन करेंगे।
-कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करने के लिए बॉक्सर विजेंदर सिंह सिंघु बॉर्डर पहुंचे। विजेंदर सिंह ने कहा, "अगर सरकार ये काले कानून वापस नहीं लेती तो मैं सरकार को खेल का सबसे बड़ा सम्मान राजीव गांधी खेल पुरस्कार वापस करूंगा।"
-हमने सुना था कि कोर्ट में तारीख पर तारीख पड़ती है,समाधान नहीं आता।पहली बार देख रहे हैं कि किसान ठंड से ठिठुर रहे और सरकार वार्ता के नाम पर केवल टालमटोल कर रही है।किसान मांग कर रहे हैं कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाए तो सरकार जबरदस्ती उसके फायदे गिना रही है| 8 दिसंबर को किसानों ने भारत बंद का आह्वान किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी AAP पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भारत बंद का समर्थन करने का आह्वान किया है :दिल्ली के मंत्री और AAP नेता गोपाल राय
-उत्तर प्रदेश: नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। #FarmersProtest
-कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद का कांग्रेस पार्टी समर्थन करेगी। हम अपने पार्टी कार्यालयों पर भी प्रदर्शन करेंगे। यह किसानों के समर्थन में को राहुल गांधी की ओर से बढ़ाया गया मजबूत कदम होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदर्शन सफल हो।
-कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर(दिल्ली-हरियाणा) पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
-कल जो बैठक हुई उसमें किसानों के सुझाव पर विचार-विमर्श किया गया। कृषि कानून किसानों को आज़ादी देने वाला कानून है। किसानों को अगर लगता है कि इसमें कुछ संशोधन की जरूरत है तो सरकार ने भी कहा है अगर आवश्यकता हुई तो हम संशोधन करेंगे| मैं सभी किसान भाईयों से कहना चाहूंगा कि भारत बंद करने से देश का आर्थिक नुकसान होगा इसलिए मैं उन्हें थोड़ा पीछे हटने के लिए कहूंगा क्योंकि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में जिस तरह से किसानों के हित में काम हुए उस तरह पहले कभी नहीं हुआ: केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी
कई किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा) के पास बैठक की।
सरकार ने अभी पूर्ण रूप से कुछ नहीं कहा है। हम चाहते हैं कि ये कानून वापस हो जाएं। 8 दिसंबर को भारत बंद करने का निर्णय लिया है: कल केंद्र सरकार और किसानों के बीच हुई पांचवें दौर की वार्ता पर राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता
-किसानों को मिला टीआरएस का समर्थन: किसानों के भारत बंद आंदोलन को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद में टीआरएस किसानों के समर्थन में खड़ी है।
केंद्र की सरकार घबराहट में है, वो किसानों के मुद्दे मान चुकी है और जानबूझकर लटका रही है। सरकार सोचती है कि शायद बूढ़े-बच्चे घबरा कर घर चले जाएंगे, इन्होंने हमार इतिहास नहीं पढ़ा है। हमारे पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता है: किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की मांग पर काम नहीं कर रही है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "बैठक लगातार हो रही है लेकिन बैठक में कोई कामयाबी नहीं मिल रही है। किसान बड़ी संख्या में दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं।"
दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में डटे हुए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "जब तक कानून वापस नहीं होते, तब तक हम नहीं जाएंगे।"
पूरे देश का किसान एक साथ है और देश के किसानों ने आपस में तालमेल कर लिया है, 13 राज्यों से समर्थन आ चुका है। सरकार को जल्दी इसका हल निकालना चाहिए, अगर जल्दी हल नहीं निकलता तो 9 दिसंबर की बैठक के बाद नई रणनीति बनेगी:सुखविंदर सिंह सभरा,किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान अभी भी डटे हुए हैं। केंद्र सरकार अब 9 दिसंबर को किसानों के साथ बैठक करेगी।