नई दिल्ली: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा,'''विगत कई वर्षों में भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं की बड़े पैमाने पर हत्या हुई है, 200 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। केरल में राजनीतिक प्रतिद्वंदता के कारण यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या पर मैं दुख व्यक्त करता हूं|
नित्यानंद राय ने कहा,''''केरल की सरकार तुष्टिकरण की नीति अपना रही है। भाजपा का संगठन नहीं बढ़े इसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है, राज्य सरकार इसको देखे और इस पर सही से जांच हो व दोषी को पकड़ा जाए। केरल सरकार इस ओर कदम बढ़ाए कि आगे इस तरह की कोई घटना नहीं हो|
बता दें कि,''शनिवार को पुलिस ने बताया था कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो नेताओं की कथित तौर पर हत्या कर दी गई| यह हत्याएं अलाप्पुझा (Alappuzha) में हुईं| पुलिस के मुताबिक मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है|
SDPI के राज्य सचिव 38 वर्षीय शान केएस की शनिवार की रात अज्ञात गिरोह ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी| 12 घंटे से भी कम समय में भाजपा नेता रंजीत श्रीनिवासन की रविवार को उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई थी| पुलिस ने कहा कि भाजपा नेता सुबह की सैर के लिए निकले थे, तभी 8 हमलावरों ने उन पर हमला किया और उन्हें चाकू मार दिया| अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई|
SDPI नेता पर उस समय हमला किया गया, जब वह अपने स्कूटर पर मन्नाचेरी में घर लौट रहे थे| पुलिस ने कहा कि एक कार में आए हमलावरों ने पहले उसके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी और नीचे गिरने पर उसे बार-बार चाकू मार दिया| पीड़ित को कई फ्रैक्चर और सिर में चोटें आईं और बाद में एर्नाकुलम के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई| उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं|
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने अलाप्पुझा में दो राजनीतिक हत्याओं की निंदा की और कहा ‘सरकार किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी| ऐसे अपराधियों से सख्ती से निपटा जाएगा|’ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की राजनीतिक शाखा, SDPI ने हमले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शामिल होने का आरोप लगाया, लेकिन RSS के जिला नेताओं ने इससे इनकार किया|