नई दिल्ली : 12 सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर संसद में गतिरोध बना हुआ है|राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सरकार और विपक्षी दलों को इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए कहा है| जिसके बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी की तरफ से निलंबित सांसदों के चार दलों को आज बातचीत के लिए बुलाया है|कांग्रेस ने बातचीत के लिए सिर्फ़ चार दलों को बुलाए जाने को अनुचित करार दिया है| राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चार विपक्षी दलों को भेजे गए न्योते को लेकर संसदीय कार्य मंत्री को पत्र लिखा है| वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने लिखा, 12 सांसदों के निलंबन के खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट हैं|
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा,''निलंबित सांसदों का मुद्दा है इसलिए हम निलंबित पार्टियों के नेताओं के साथ बात करके हल निकालना चाहते थे। आप संविधान दिवस का बायकॉट करते हैं, लोग आपको बायकॉट ही कर रहे हैं अब तो समझ लो। बायकॉट करने की ये क्या नई परंपरा है|
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा बुलाई गई बैठक पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'''सिर्फ 4 पार्टियों को बुलाकर अगर विपक्ष के सभी नेताओं को नहीं बुलाएंगे तो क्या संदेश जाएगा? ये विपक्षी दलों की एकजुटता को तोड़ने की साजिश है। हमने पत्र लिखा है कि सर्वदलीय बैठक बुलाओ|
खड़गे ने कहा,'' हम 29 नवंबर से अनुरोध कर रहे हैं कि राज्यसभा चेयरमैन या सदन के नेता पीयूष गोयल सभी विपक्षी दलों के साथ एक बैठक बुलाएं, ताकि गतिरोध को खत्म किया जा सके| लेकिन इस पर कुछ नहीं किया गया| ऐसे में सभी विपक्षी दलों को बुलाने की बजाय चार दलों को बुलाना अन्यायपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है|
शिवसेना नेता संजय राउत ने भी कहा कि उन्हें सरकार की ओर से बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है| और इसमें भाग लेने को लेकर अंतिम फैसला विपक्षी दलों की सुबह होने वाली बैठक के बाद होगा|
इस पर, राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन पर सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेना है या नहीं, इस पर फैसला लेने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं ने बैठक की।