सियांग: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले से सात राज्यों में 28 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। अरुणाचल प्रदेश के सियांग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “आज सीमा सड़क संगठन द्वारा देश के सीमावर्ती इलाकों में निर्मित 28 मूलढ़ांचा परियोजनाएं को राष्ट्र को समर्पित करते हुए मुझे बड़ी खुशी और गौरव का अनुभव हो रहा है। साथ ही BRO@2047 विजन दस्तावेज जारी करना भी मेरे लिए खुशी की बात है|
राजनाथ सिंह ने कहा, “हाल में BRO ने जिस भावना और गति के साथ विकास कार्यों को अंजाम दिया है वह सराहनीय है। अधिक से अधिक सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने की योजना सरकार की प्राथमिकता में है, ताकि वहां रहने वाले लोगों के विकास के साथ-साथ, उनमें व्यवस्था के प्रति विश्वास की भावना विकसित हो सके|
अभी कुछ ही समय पहले, अक्टूबर 2022 में, BRO द्वारा ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में 75 infrastructure projects का उद्घाटन किया गया था। इसके अंतर्गत मैंने लद्दाख में, श्योक bridge का उद्घाटन किया था|
उन्होंने कहा, “ चाहे डेमचौक हो या डीएस-दौलत-बेग-ओल्डी सेक्टर, लद्दाख में roads के development की गति अभूतपूर्व है। पहले डेमचोक में, लोगों को दर्रा पार करने के लिए घोड़ों और खच्चरों का इस्तेमाल करना पड़ता था। पर आज वे किसी भी वाहन से यात्रा कर सकते हैं| वैसे तो सुनने में यह बड़ी साधारण सी बात लगती है, पर जो लोग अब तक बिना किसी road infrastructure के अपनी ज़िंदगी बिताते आए हैं, उनके लिए यह development बहुत बड़ी बात है|
भारत हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है, और यही भारत की नीति रही है: रक्षा मंत्री
बदलती दुनिया, बदलते समय और राष्ट्रों के बदलते हितों के मद्देनज़र किसी भी राष्ट्र को अपने आपको सशक्त रखना एक बड़ी आवश्यकता हैI दुनिया में आए दिन किसी न किसी प्रकार के conflict की स्थिति दिखाई देती रहती हैI हालांकि, भारत हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है, और यही भारत की नीति रही है| भारत की धरती से ही वसुधैव कुटुंबकम का संदेश गया है। हम शांति के साथ साथ शक्ति के भी उपासक हैं|
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “this is not the era of war” कहकर भारत के संकल्प को पुनः स्पष्ट किया था और दुनिया का ध्यान इस संकल्प की ओर आकर्षित किया था। यानि हम युद्ध में यकीन नहीं रखते हैं। पर अगर हम पर युद्ध थोपा जाता है, तो हम हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। पिछले दिनों northern sector में हमें जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, और जिस प्रकार हम adversary का दृढ़ता से मुकाबला करने में सक्षम रहे, वह बिना adequate infrastructural development के संभव नहीं हो सकता था|
मैदानी इलाकों में टेक्नोलॉजी की मदद से सड़कों की जगह स्मार्ट सड़कें बनाई जा रही हैं:रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा, “आज हम मैदानी इलाकों में, technologies की मदद से roads की जगह smart roads बना रहे हैं। पर अनेक border areas में आज भी roads की किल्लत हैI यहाँ तक कि समुचित पगडण्डियां भी नहीं हैं| अनेक ऐसे दुर्गम स्थान हैं, जिन्हें सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न welfare schemes के साथ-साथ electricity, telecommunications, education और health जैसी basic civic amenities प्राप्त करने के लिए connectivity की आवश्यकता है|
पूर्वी हिस्सा जितना अधिक मजबूत होगा, हमारा पूरा देश उतना मजबूत होगा:रक्षा मंत्री
उन्होंने कहा, “हमारा मानना है, कि North-East region, न केवल हमारे देश के समग्र विकास के लिए, बल्कि east Asia के साथ हमारे संबंधों, trade, travel, और tourism का भी gateway है। हमारे देश का यह पूर्वी हिस्सा जितना अधिक मजबूत होगा, हमारा पूरा देश उतना मजबूत होगा|जब मैं गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहा था, तब भी north-east region के security environment, और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों को address करने के लिए मैं यहाँ आता रहता था, और इसके लिए हमने कई महत्त्वपूर्ण कदम भी उठाए|
अधिकतर लोग यह समझते हैं, कि BRO केवल Armed Forces के लिए काम करता है। पर मुझे लगता है कि BRO इससे कहीं आगे, “Connecting Places, Connecting People’’ की philosophy के साथ देशवासियों को एक-दूसरे से जोड़ रहा है|
रक्षा मंत्री ने कहा, “आज मुझे अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और मिजोरम के remote & difficult locations पर स्थित Medical Inspection Rooms में तीन Telemedicine Nodes का उद्घाटन करते हुए बेहद खुशी हो रही है| ये nodes, Telemedicine consultation के माध्यम से medical & surgical emergencies में शीघ्र चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं, जो स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे|
बीआरओ, यानि हमारी सेनाओं का ‘ब्रो’, बीआरओ यानि हमारे देशवासियों का ‘ब्रो’
राजनाथ सिंह ने कहा, “, Border Roads Organization’ के नाम को, जब मैंने पहली बार short में लिखा देखा था, तो मैंने उसे ‘ब्रो’ समझा था, जिसे आज-कल हमारी नई generation ‘Brother’ यानि भाई के sense में use करती है। फिर मुझे बताया गया कि यह ‘ब्रो’ नहीं, बीआरओ लिखा है| हमारी Armed forces, और देश की जनता के साथ मिलकर आगे बढ़ते देख रहा हूँ, तो मैं कह सकता हूँ, कि तब मैंने बीआरओ को ‘ब्रो’ यानि ‘Brother’ गलत नहीं, बिलकुल सही पढ़ा था। बीआरओ, यानि हमारी सेनाओं का ‘ब्रो’, बीआरओ यानि हमारे देशवासियों का ‘ब्रो’|
पर्वतीय इलाके में BRO बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है:रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत की जनता को आवागमन की सुख-सुविधाएं कैसे अधिक से अधिक मिल सकें, इस दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नतृत्व में हमारी सरकार काम कर रही है। पर्वतीय इलाके में BRO बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है|