नई दिल्ली: कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश में आज फिर डेढ़ लाख से ज्यादा नए संक्रमित मिले हैं। देश में कोविड 19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकारों को परेशानी में डाल दिया है। सोमवार को एक बार फिर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 1,68,912 नए कोरोनावायरस केस दर्ज किए गए हैं, जो एक दिन में रिकॉर्ड हुए केसों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है| इस दौरान देश में 904 मरीज़ों की इस घातक संक्रमण की वजह से मौत भी हुई है, और भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या 1,70,179 हो गई है|
भारत में पिछले 24 घंटे में COVID19 के 1,68,912 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,35,27,717 हुई। 904 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,70,179 हो गई है। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 12,01,009 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,21,56,529 है। देश में कुल 10,45,28,565 लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई गई है।
कोविड-19 के नए केसों में लगातार होते इजाफे के बीच देश में उपचाररत मरीज़ों की तादाद भी लगातार बढ़ रही है, और एक वक्त पर एक लाख के आसपास पहुंच चुका कुल उपचाररत मरीज़ों की संख्या अब 12 लाख से ज़्यादा है| सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में इस वक्त 12,01,009 मरीज़ों का इलाज जारी है| इससे पहले बीते साल 18 सितंबर को 10,17,754 सक्रिय मरीज थे।
वहीं, केंद्र सरकार ने कोरोना मरीजों को दिए जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत को देखते हुए इसके निर्यात पर रोक लगा दी। इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का भी निर्यात नहीं हो सकेगा। देश को अक्तूबर तक पांच और नए कोरोना टीके मिलने की भी उम्मीद है, जबकि रूसी टीके स्पूतनिक-5 के उपयोग को अगले 10 दिन में आपातकालीन मंजूरी दी जा सकती है।
केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और इसके उत्पादन में सहायक ड्रग रेमडेसिविर 'एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट्स ' (API) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया, यह आदेश देश में COVID19 के हालात सुधरने तक लागू रहेगा | सभी घरेलू निर्माताओं को स्टॉक की जानकारी वेबसाइट पर डालनी होगी| ड्रग्स इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों को स्टॉक के जांच के निर्देश दिए गए|
सरकार ने राज्यों को यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान ‘कोविड-19 के लिए राष्ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ जो साक्ष्य पर आधारित है, को विशेषज्ञों की समिति द्वारा कई परस्पर बैठकों के बाद विकसित किया गया है और यह कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज है। प्रोटोकॉल में रेम्डेसिविर को एक इंवेस्टिगेशनल थेरेपी अर्थात विस्तृत दिशा-निर्देशों में उल्लेखित प्रति संकेतों पर गौर करने के अतिरिक्त, जहां सूचित और साझा निर्णय निर्माण अनिवार्य है, के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को सुझाव दिया गया है कि इन कदमों को एक बार फिर से सभी अस्पतालों, सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को संप्रेषित कर दिया जाए और इनके अनुपालन की निगरानी की जाए।