नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान ने अब विवादित क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान को अस्थाई प्रांतीय दर्जा दे दिया है| पाकिस्ता पीएम ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी प्रांतीय दर्जा देने की घोषणा की|
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी प्रांत का दर्जा देने के ऐलान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है| भारत ने कहा,पाकिस्तान की ओर जबरन कब्जा किए गए भारतीय भूभाग में किसी भी बदलाव को भारत खारिज करता है| भारत ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान इन क्षेत्रों का दर्जा बदलने की बजाय अवैध कब्जे को खाली करे।
पाकिस्ता पीएम के गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी प्रांतीय दर्जा देने की घोषणा की पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, भारत सरकार अपने अवैध और जबरन कब्जे के तहत, पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्र के एक हिस्से में भौतिक परिवर्तन लाने के प्रयास को दृढ़ता से अस्वीकार करती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा,मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों को फिर से दोहराता हूं, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, 1947 में भारत के जम्मू और कश्मीर के कानूनी, पूर्ण और अपरिवर्तनीय परिग्रहण के आधार पर, भारत का अभिन्न अंग हैं।श्रीवास्तव ने कहा, पाकिस्तान सरकार के पास अवैध रूप से और जबरन उसके कब्जे वाले क्षेत्रों पर कोई ठिकाना नहीं है
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, पाक के अवैध कब्जे को रोकने के इरादे से किए गए इस तरह के प्रयास, इन पाक अधिकृत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को 7 दशकों से अधिक समय तक मानव अधिकारों के उल्लंघन और स्वतंत्रता से वंचित नहीं कर सकते हैं।
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, इन भारतीय क्षेत्रों की स्थिति को बदलने की मांग करने के बजाय, हम पाकिस्तान से अपने अवैध कब्जे के तहत सभी क्षे???्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं