नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजर वाले सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की भागीदारी के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा,'' हमने तथाकथित CPEC परियोजनाओं में तीसरे देशों की प्रस्तावित भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर रिपोर्टे देखी हैं। किसी भी पार्टी द्वारा इस तरह की कोई भी कार्रवाई सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है|
कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा,''भारत तथाकथित CPEC (China-Pakistan Economic Corridor) में परियोजनाओं का दृढ़ता से और लगातार विरोध करता है, जो भारतीय क्षेत्र में हैं जिसे पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया है। ऐसी गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अवैध, नाजायज, अस्वीकार्य है|
अरिंदम बागची ने कहा,'किसी भी पार्टी द्वारा इस तरह की कोई भी कार्रवाई सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है।भारत तथाकथित सीपीईसी में परियोजनाओं का दृढ़ता से और लगातार विरोध करता है, जो कि भारतीय क्षेत्र में हैं जो पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस तरह की गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अवैध, नाजायज और अस्वीकार्य हैं, और भारत द्वारा तदनुसार जवाब दिया जाएगा|
आपको बता दें कि, 19 जुलाई, 2022 को पाकिस्तान और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को अफगानिस्तान तक विस्तारित करने की संभावना पर चर्चा की थी, ताकि युद्ध से तबाह देश में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके।