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25 अगस्त 2026

क्या जयशंकर जी स्टॉकहोम सिंड्रोम से ग्रसित हैं?': कांग्रेस का हमला, कहा - चीन मुद्दे पर विदेश मंत्री का बयान 'चिंताजनक', पूछे कई सवाल

नई दिल्ली: कांग्रेस ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर पर एक तीखा हमला किया और कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन को लेकर जो बोला है वो चिंताजनक है। हालांकि वह राहुल गांधी पर हमला करना चाहते थे…

क्या जयशंकर जी स्टॉकहोम सिंड्रोम से ग्रसित हैं?': कांग्रेस का हमला, कहा - चीन मुद्दे पर विदेश मंत्री का बयान 'चिंताजनक', पूछे कई सवाल
क्या जयशंकर जी स्टॉकहोम सिंड्रोम से ग्रसित हैं?': कांग्रेस का हमला, कहा - चीन मुद्दे पर विदेश मंत्री का बयान 'चिंताजनक', पूछे कई सवाल | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  कांग्रेस ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर पर एक तीखा हमला किया और कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन को लेकर जो बोला है वो चिंताजनक है। हालांकि वह राहुल गांधी पर हमला करना चाहते थे, उन्होंने सशस्त्र बलों का अपमान किया जब उन्होंने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था के विपरीत भारत एक छोटी अर्थव्यवस्था है| इसलिए चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को अटैक नहीं कर सकते, "जब आप ऐसा कहते हैं, तो आपने भारतीय सेना के शौर्य और गौरव को ठेस पहुंचाई है, सेना के पराक्रम का अपमान किया । इससे कोई भी (छोटे देश) दुनिया की महाशक्तियों से नहीं लड़ेगा। 


कांग्रेस ने कहा,"चीनी आक्रमण की वे तस्वीरें क्या हैं? उनकी क्या प्रतिक्रिया है कि हमारे पेट्रोलिंग प्वाइंट अब बफर जोन बन गए हैं? पुल के निर्माण के बारे में क्या? क्या आपने पीएम मोदी को दुनिया के सामने यह दावा करने की सलाह दी कि कोई चीनी घुसपैठ नहीं हुई है?" जयशंकर जी, क्या यह सरकार को आपकी सलाह है कि इससे ध्यान भ???काया जाए?क्या आप स्टॉकहोम सिंड्रोम  (बुरा करने वाले से ही लगाव होने की मनोदशा) से ग्रसित हैं?" ....स्टॉकहोम सिंड्रोम वास्तविक है जब किडनैप होने वाले को किडनैपर से प्‍यार हो जाता है|  लाल आंख दिखाने के बजाय, PM मोदी लाल शर्ट पहन कर शी जिनपिंग के स्वागत में खड़े हो जाते हैं, शी जिनपिंग की गलबइंया करने लगते हैं, गले लगने लगते हैं|


बता दें कि ,जयशंकर  इस सवाल का जवाब देते हुए कि  क्या चीन के मुद्दे पर मोदी सरकार प्रतिक्रियाशील है, सक्रिय नहीं, ने कहा था, "मैं यह नहीं कहूंगा कि हम सीमा को मजबूत कर रहे हैं। हम वैध रूप से अपनी सीमा के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं क्योंकि वे अपनी सीमा के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं। " वे (चीन)  बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। मैं क्या करने जा रहा हूं....? एक छोटी अर्थव्यवस्था के रूप में, मैं बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ लड़ाई करने जा रहा हूं? यह प्रतिक्रियावादी होने का सवाल नहीं है, यह सामान्य ज्ञान का सवाल है।" यह स्थिति को स्थिर करने के लिए है। 



साथ ही एस. जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि,“  LAC पर आर्मी को किसने भेजा? राहुल गांधी ने आर्मी को नहीं भेजा, नरेंद्र मोदी ने भेजा| जयशंकर ने कहा था कि,“मैं सबसे लंबे समय तक चीन का राजदूत रहा और बॉर्डर मु्द्दों को डील कर रहा था।


एस. जयशंकर ने चीन को लेकर जो बोला है, वो चिंताजनक है

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- कल यानी मंगलवार को इस देश के विदेश मंत्री ने डॉ. एस जयशंकर ने कुछ ऐसी बातें कही, अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ तो आप बयानबाजी करिए, इसमें कोई दिक्कत नहीं है और आप लगातार करते रहते हैं। वो कई बार फूहड़ होती हैं, वो कई बार इनम्चौयर होती हैं, उससे भी दिक्कत नहीं है। लेकिन जो कल आपने चीन को लेकर एजेंसी को एक दिए अपने वक्तव्य में बोला, वो वाकई में चिंताजनक है और वो चिंताजनक इसलिए है, क्योंकि आपने एक तरह से भले राहुल गांधी जी का अपमान करने की कोशिश की हो, आपने अपमान तो भारतीय सेना, उनके शौर्य, उनके पराक्रम का किया और इस देश की भूभागीय अखंडता पर एक बहुत बड़ा सवाल उठा दिया।



सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,“उनका कहना था और मैं यहाँ पर कोट करती हूं - 'वे मतलब चीन, Is the bigger economy, we are the smaller economy we can't go and pick up fight with them, 20 जवानों की शहादत हुई है 2020 में गलवान वैली में और हमारे देश के विदेश मंत्री कह रहे हैं क्योंकि हम छोटी अर्थव्यवस्था है, तो हम बड़ी अर्थव्यवस्था पर अटैक नहीं कर सकते, चीन आपके घर में घुसकर - बैठा है और ये कौन बोल रहा है, एक हमारे यहाँ लोकोक्ति होती है, उसका बड़ा पॉपुलर सेइंग है वो - सूप तो सूप बोले छलनी भी बोले, जिसमें 72 छेद, क्योंकि इसी इंटरव्यू में उन्होंने डींगें हांकते हुए बोला कि मैं लोंगेस्ट सर्विंग चीन में भारतीय का राजदूत रहा हूं। Longest serving Indian ambassador in China ये डींगे भी उन्होंने हांकी। तो ये कह देना कि हम छोटी इकॉनोमी हैं, हम बड़ी इकोनॉमी को जाकर अटैक थोड़े कर देंगे। 



आप क्या कर रहे हैं भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम, उनके हौसले के साथ ? आपका क्या कहना है उन सैनिकों पर जो बर्फ में, आंधी में, गर्मी में, बरसात में खड़े होकर हमारी भूभागीय अखंडता का, हमारे बॉर्डर की सुरक्षा करते हैं, कि हम छोटी इकॉनमी हैं? उस तरह से महाशक्तियोंके सामने विश्व के छोटे देशों को लड़ना ही नहीं चाहिए। हर सैनिक जो वहाँ पर खड़ा है, उसका हौसला तोड़ने का काम विदेश मंत्री एस जयशंकर जी ने किया है और मैं ये जरुर बोलना चाहती हूं, क्योंकि ये सबसे विवादित बयान चीन पर आज तक किसी मंत्री ने दिया है। 



आप और आपके आका चीन का नाम क्यों नहीं लेते?, अप्रैल 2020 की यथावत स्थिति कैसे बनेगी?: जयशंकर से सवाल

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,“मैं पूछना चाहती हूं उनसे, वो दंभ भरते हैं ना किस चीज का कि वो Longest serving Indian ambassador in China थे। तो उनसे दो-तीन सवाल हैं- पहला सवाल ये है कि आप और आपके आका ( मोदी) चीन का नाम क्यों नहीं लेते? आप  (जयशंकर Longest serving हैं, भैया ये भी बता दीजिए अप्रैल 2020 की यथावत स्थिति कैसे बनेगी? 



सुप्रिया श्रीनेत ने जयशंकर से पूछा कि,“आप ये भी बता दीजिए कि 20 जाबांजों की शहादत के बाद आप चीन से लगातार व्यापार बढ़ाते जा रहे हैं, 100 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट है, 20 प्रतिशत हमारा एक्सपोर्ट है, तो एक तरह से तो हम चीन की आर्मी को फंड कर रहे हैं अतिक्रमण करने के लिए, लेकिन क्योंकि उन्होंने काफी सारे हेट पहने हुए हैं और उन्होंने वन ऑफ द हेट डिस्क्राइब किया कि मैं Longest serving ambassador हूं|.... वो जो चीनी एग्रेशन की फोटो आती है, जो खबरें हैं कि हमारी 2000 स्क्वायर किलोमीटर की जमीन पर चीन ने अतिक्रमण किया हुआ है, उसके बारे में वो (जयशंकर क्या कहेंगे? 


पेट्रोलिंग पॉइंट्स बफर जोन क्यों बने?: सुप्रिया श्रीनेत ने जयशंकर से पूछा

वो यथावत स्थिति अप्रैल 2020 के बारे में क्या कहेंगे और वो क्या कहेंगे कि हमारे पेट्रोलिंग प्वाइंट अब हमारे बफर जोन बन चुके हैं, पेट्रोलिंग प्वाइंट 10, 11, 12, 13, 15, 16 तक ? वो क्या कहेंगे जो पुल बनते जा रहे हैं? उनका कहना था वो तो पहले से चीनी अतिक्रमण था । अतिक्रमण पहले से था पुल अभी बन जाएगा, उनका बेस अभी बन जाएगा और आप अपने मुँह पर दहीं जमाए, मुँह पर ऊँगली दबाए बैठे रहेंगे। 



जो सबसे ज्यादा लंबे समय तक चीन में भारत के राजदूत रहे, क्या उन्होंने प्रधानमंत्री को ये एडवाइज किया था कि वो पूरे देश के सामने, पूरे पार्लियामेंट के सामने ये झूठ बोलें कि कोई घुसा हुआ नहीं है, जबकि हमारे 20 जाबांजों की शहादत हुई थी ?


क्या PM को आपने सलाह दी कि वो कहें- कोई घुसा नहीं: सुप्रिया श्रीनेत ने जयशंकर से पूछा

जो सबसे लंबे भारत के चीन में राजदूत रहे, जयशंकर जी से ये पूछना है कि क्या जो चीन पैंगोंग लेक पर, डोकलाम में ब्रिज बना रहा है, फोर्टिफाइड कर रहा है, उस पर वो 'चुप रहेंगे क्या? क्या उनकी एडवाइज है कि सरकार चुप रहे और ध्यान भटकाए ?


चीन के रेलवे लाइन बिछाने से खतरा नहीं?: कांग्रेस ने जयशंकर से पूछा
जो लांगेस्ट सर्विंग एंबेसडर इंडिया के चीन में रहे, उनसे ये पूछना ये है कि चीन एक रेलवे लाइन बना रहा है, इससे क्या हमारी भूभागीय अखंडता पर खतरा नहीं है? क्या डीबीओ पर जो जंक्शन चीन के अतिक्रमण पर उससे खतरा नहीं है ?


'क्या जयशंकर जी स्टॉकहोम सिंड्रोम से ग्रसित हैं?'

उन्होंने कहा कि,“एक बात जरुर पूछनी हैं लांगेस्ट सर्विंग इंडियन एंबेसडर चीन से कि आपके ही फॉरेन सेक्रेटरी चिंता जता रहे थे कि अनमैनेजेबल 100 बिलियन डॉलर के ट्रेड डेफिसिट पर, उनसे भी कुछ कह दीजिए। इंट्रव्यू देना और वहाँ पर डींगे हाँकना बड़ी बात है, एक घंटा 41 मिनट का आपने एक राष्ट्र के नाम संदेश दिया, लेकिन इन सवालों का भी जवाब दे दीजिए, क्योंकि आप दंभ भरते हैं कि आप चीन में भारत के सबसे लंबे समय तक बने रहे राजदूत हैं.... | एक चीज, ना मैं ये मजाक कह रही हूं, ना मैं हल्केपन से कह रही हूं कि एक स्टॉकहोम सिंड्रोम होता है, आपको अपने ही जिसने आपके साथ गलत बर्ताव किया, उसी से प्यार हो जाता है, स्टॉकहोम सिंड्रोम होता है, स्पेशली किडनैपिंग में इसका बड़ा यूज होता है। क्या जयशंकर जी स्टॉकहोम सिंड्रोम से ग्रसित हैं? सवाल ये सारे चीन पर पूछने चाहिएं, लेकिन आप और आपके आका जब मौका मिलता है, शी जिनपिंग की गलबइंया करने लगते हैं, गले लगने लगते हैं, लाल आंख दिखाने की बजाए, लाल शर्ट पहन कर स्वागत में खड़े हो जाते हैं| तो क्या आप स्टॉकहोम सिंड्रोम से सफर करते हैं?


चीन के मुद्दे पर UPA सरकार को लेकर BJP ने बहुत झूठ फैलाए हैं: सुप्रिया श्रीनेत

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''सवाल चीन पर पूछे जाएंगे और क्योंकि कुछ झूठ बोले गए और लगातार आपके लोग झूठ बोलते हैं तो इस झूठ का भी मैं चीन का पर्दाफाश कर देती हूं, यूपीए सरकार को लेकर । 



झूठ बोलना कूटनीति का तंत्र नहीं हो सकता है

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,“क्या ये सच नहीं है कि 50 साल, 1967 के बाद 87 में एक इंसिडेंट को छोड़कर लगातार स्टेबिलिटी और पीस बॉर्डर पर बनी रही और लगातार पिछले सालों में चीनी अतिक्रमण हो रहा है, इनकर्जन हो रहा है, चाहे वो लद्दाख हो, चाहे वो अरुणाचल में हो, चाहे वो नेपाल के रास्ते से हो ? क्या ये सच नहीं है कि यूपीए सरकार ने एक्टिव इन्फ्रा पॉलीसी और रोड टनल बनाने के लिए 2006 में पॉलिसी बनाई थी और ये शाम शरण टास्क फोर्स 2006 में बना था और बहुत सारी चीजें इसकी 2014 तक खत्म हो गई थी ? क्या ये सच नहीं है कि इंडियन नेवी ने यूएस नेवी नियर ईस्ट चीन सी ने 2009, 2010, 2011 और 2014 में एक्सरसाइज किए थे?



क्या ये सच नहीं है कि कांग्रेस सरकार ने 50 हजार स्ट्रोंग नई दो माउंटेन डिवीजन सेंक्शन की और क्या ये सच नहीं है कि कांग्रेस सरकार ने चार एडवांस लैंडिंग ग्राउंड शूल में, फोक में, डैम चौक में, दौलत बेग ओल्डी में सेंक्शन किए थे? और अगर ये सब सच नहीं है, तो ये सब चीजें कैसे बन गई 2014 तक? 2014 तक तो ना आप थे और ना आपके आका थे, तो झूठ बोलना कूटनीति का तंत्र नहीं हो सकता है। 



अगर देश के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय साजिश हो रही है तो आप बतौर विदेश मंत्री क्या कर रहे हैं?

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,“आपने भारत की फॉरेन पॉलिसी को एक कारोबारी को कारोबार दिलाने के लिए, जिसको आप अपने साथ अपने हवाई जहाज में लेकर घूमते हैं, अलग-अलग देशों में जाते हैं, चीरोरी करते हैं, भाईया इनको कारोबार दे दो। आपने भारत की फॉरेन पॉलिसी को कारोबार दिलाने के लिए और दूसरा आपने भारत की फॉरेन पॉलिसी को फोटो अपॉर्चुनिटी, कभी शहनाई सुनते हुए, कभी झूले पर पिन लगाते हुए, कभी लाल शर्ट में अपना खाना छोड़कर लपक कर जी हुजूर, जी हुजूर करते हुए आपने भारत की कूटनीति पर रिड्यूस कर दिया है और इसलिए मैं कहती हूं आप भारत के सबसे ज्यादा फेल्ड फॉरेन मिनिस्टर हैं और बिना तथ्यों के नहीं कह रही हूं। मेरा आपसे कोई भी निजी झगड़ा नहीं है। मैं आपके ऊपर कोई निजी आक्षेप नहीं लगा रही हूं, लेकिन हाँ, मैं ये जरुर कहती हूं कि आप इस देश के सबसे फेल्ड फॉरेन मिनिस्टर हैं - + । 



ढाई साल हो गए बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन को अपना आधार एडमिनिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, इंडिया में यूएस का अंबेस्डर नहीं है, ये आपकी फॉरेन पॉलिसी है? ट्रोइका बना था अफगानिस्तान में रशिया चाहता था, हम ट्रोइका में रहें, पाकिस्तान ने मना कर दिया, चीन ने उसकी सहमति की, हम ट्रोइका में नहीं आ पाए, ये आपकी फॉरेन पॉलिसी है? अगर आपकी ही बात मैं मान लूं कि जो होता है इस देश में, जो भी गलत होता है, वो इंटरनेशनल साजिश हो रही है। एक इंटरनेशनल स्पीसी की बात मान लूं, तो आप क्या कर रहे हैं? अगर इतनी इंटरनेशनल कांस्पीरेसी इस देश में हुए जा रही है तो प्रभु एज फॉरेन मिनिस्टर आप क्या कर रहे हैं? आपका विभाग क्या कर रहा है, कौन सी नेरेटिव सेटिंग करने की आप कोशिश कर रहे हैं?


डॉ एस जयशंकर भारत के सबसे ज़्यादा असफल विदेश मंत्री है

उन्होंने  कहा कि,“पॉलिटिकल वार की आप बात कर रहे हैं ना, कौन से नैरेटिव सेट कर रहे हैं और नेबर हु की बात कर लीजिए। पाकिस्तान दौड़े दौड़े प्रधानमंत्री जाते हैं बिन बुलाए, बिरयानी सेवई भगवान जाने क्या खाने । श्रीलंका में चीनी इंटरफेरेंस है। भूटान हमसे दूर हो गया है, बांग्लादेश ने चीन को सबमरीन बेस बनाने को कह दिया है। बांग्लादेश आज हमसे इकोनॉमिक पैरामीटर में बैटर कर रहा है, चाहे वो पर कैपिटा इनकम हो या जीडीपी ग्रोथ रेट हो और ये जरुर बताइएगा फॉरेन मिनिस्टर (जयशंकर) करीब सवा दो लाख भारतीयों ने एक साल में और ये बारह साल में सबसे ऊंचा आंकड़ा है, लगातार लोग भारतीय नागरिकता छोड़ रहे हैं। सवा दो लाख लोगों ने पिछले साल भारत की नागरिकता छोड़ी और भारत का जो पासपोर्ट रैंक है, वो 2006 में 71 से गिरकर में 85 पर कैसे आ गया? विदेश मंत्री तो आप हैं, इतनी बढ़िया विदेश नीति बनाई कि लोग भारत ही छोड़ देना चाहते हैं । हमारे पासपोर्ट की रैंकिंग गिर रही है ।



तो मेरा अपना मानना है आप जी-20 करिए, आप तमाशे सारे करिए लेकिन इस देश की भूभागीय अखंडता, इस देश की आर्मी, इस देश के शौर्य और पराक्रम के साथ खिलवाड़ मत कीजिए। जो आप लगातार कर रहे हैं। झूठ बोलना, एक्चुअली चीन का साथ देता है, क्योंकि चीन जब कोर कमांडर मीटिंग में बैठता है, तो यही कहता है चीन का पीएलए की आपके प्रधानमंत्री वही तो कह रहे हैं कि कोई घुसा नहीं हुआ है और एस जयशंकर जी इस देश के सबसे फेल्ड फॉरेन मिनिस्टर लगातार इस बात की पुष्टि कर रहे हैं।


,मैं अंत में यही कहना चाहूँगी आप भले लोगों को अटैक करिए, लेकिन बुजुर्गों के पास विज़डम होती है, उनके पास एक्सपीरियंस होता है। बहुत दूर जाने की जरुरत नहीं है। अपने ही पिता की बात सुन लीजिए, जिन्होंने 2002 में लिखा था, गुजरात के दंगों के बाद कि धर्म का हनन हुआ है, गुजरात में और जिन्होंने मासूम नागरिकों को नहीं बचाया, वो असुर हैं। अपने ही पिता की बात सुनिए । जिन लोगों का डंका आप आज बजा रहे हैं, जिन लोगों का गुड़गान आज आप कर रहे हैं, उन्होंने असुरों का काम किया है। ये मेरे शब्द नहीं हैं, ये आप ही के पिता के शब्द हैं। वो भले बुजुर्ग होंगे, लेकिन विज़डम और एक्सपीरियंस ये कहता है कि आप उनकी बात सुनें।




अडानी केस पर....प्रश्न के उत्तर में श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मुझे ये समझ में नहीं आता कि अगर इंटरनेशनल कांस्पीरेसी सारा विश्व कर रहा है देश के खिलाफ तो विदेश मंत्री क्या कर रहे हैं? क्या ये विदेश मंत्री की असफलता नहीं हैं कि सारी इंटरनेशनल कांस्पीरेसी देश के खिलाफ हो रही है। चलिए आपने एक व्यक्ति के लिए कह दिया इंटरनेशनल कांस्पीरेसी कर रहे हैं। लैडी समर्स जो ट्रेजरी सेक्रेटरी थे और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हैं लॉरेंस समर्स.... उन्होंने कल बोला है अडानी पर और बोला है कि शायद ये धब्बा हिन्दुस्तान कभी मिटा नहीं पाएगा, क्या वो भी कांस्पीरेसी कर रहे हैं? क्या स्टैण्डर्ड चार्टर्ड सिटी ग्रुप और क्रेडिटस बिज भी कांस्पीरेसी कर रहा है? क्या डाऊ जोंस और एस एण्ड पी भी कांस्पीरेसी कर रहा है? क्या यूके का फेयर प्रैक्टिस रेग्युलेटर भी कांस्पीरेसी कर रहा है? क्या नॉर्वे का पेंशन फंड भी कांस्पीरेसी कर रहा है? क्या टुर्टाल ने जिसने अपना इंवेस्टमेंट रोक दिया है वो भी कांस्पीरेसी कर रहा है? ये जो कांस्पीरेसी थ्योरीज हैं, ये उन्हीं लोगों के पास से आएगी, जिनके पास कोई जवाब नहीं है 



कल जयशंकर जी ने बात की कि लोग इंवेस्ट करते हैं रिसोर्सज़ को नेरेटिव शेप करने के लिए और पूरे सर्वसम्मान से मैं इसको राजनीतिक रखना चाहती हूं, व्यक्तिगत आक्षेप नहीं चाहती हूं, लेकिन आपके पुत्र ऐस्पन इंस्टीट्यूट में थे, जहां पर जिनका आपने नाम लिया जॉर्ज सोरोस जी की कंपनी ने खूब फंडिंग की है, आपके पुत्र लोवी इंस्टीट्यूट में थे, आपके पुत्र ब्रुकिंग्स में थे, आपके पुत्र तमामों ऐसे इंस्टीट्यूट में, जर्मन मार्शल फंड में थे, इन सबकी फंडिंग फिलांथ्रोपिक फाउंडेशनस करती है तो जब तक आपके पुत्र वहां पर रहे और अभी भी हैं और वहां से फिलांथ्रोपिक फंडिंग ऐसे इंस्टीट्यूशनस से, ऐसे लोगों से आ रही है नेरेटिव शेपिंग के लिए तो कोई गड़बड़ नहीं है।



आप अगर उस पर बोलते हैं तो वो इंटरनेशनल साजिश हो जाती है तो अगर इंटरनेशनल साजिश हो भी रही, अगर आपकी बात मान भी ली जाए तो मुझे बस इतना बताइए कि इस इंटरनेशनल साजिश को खत्म करने के लिए देश का विदेश मंत्री क्या कर रहा है? क्या आप फेल नहीं हो गए? क्या आप बुरी तरह से विफल नहीं हैं?


BJP घबराई हुई हैं....

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्रीमती श्रीनेत ने कहा कि The BJP is full of 'Silly Souls, if I may say so आप क्या एक्सपेक्ट कर रहे थे बीजेपी बोलेगी? मुझे लगता है 2024 में जो चुनाव होगा और 2024 के जो मुद्दे हैं उससे भारतीय जनता पार्टी ऐसी घबराई हुई हैं क्योंकि जब वो मुद्दे खुलकर सामने आ रहे हैं तो वो इंटरनेशनल साजिश की बात करते हैं। 



कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस देश की असलियत है, इस देश की राजनीतिक असलियत है कि बहुत सारे ऐसे घटक दल हैं और हमने मिलकर सरकार (कांग्रेस सरकार) चलाई और ऐसी सरकार चलाई है जिसने इस देश को सबसे ज्यादा ग्रोथ दी है, जिसने इस देश को सबसे ज्यादा प्रोस्पेरिटी दी है, संपन्नता दी है और 27 करोड़ लोगों को गरीबी की सीमा रेखा से निकाला है, हमने अपने घटक दलों के साथ मिलकर ऐसी सरकार चलाई है और हम बिल्कुल इसे नकारते नहीं हैं कि हम सब एकसाथ खड़े हैं और एकसाथ बीजेपी का सामना करेंगे, दिक्कत की बात ये है कि भारत जोड़ो यात्रा या अडानी के आक्षेप जिससे घिरे हुए हैं मोदी जी बुरी तरह या बेरोजगारी या महंगाई या आर्थिक असामा ऐसे तमाम मुद्दे हैं जिसके बारे में ये निरुत्तर हैं, इसके बारे में न कोई जवाब है, न कोई समाधान है तो आप अनर्गल बात करते रहिए उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 22 फ़रवरी 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 25 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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