नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट पर जमकर निशाना साधा और साथ ही सवाल पूछा| कपिल सिब्बल ने कहा,आप सिर्फ 20 विधायकों के समर्थन के साथ एक राज्य के मुख्यमंत्री नहीं हो सकते| उन्होने कहा, "आप जनता के सामने पार्टी को तमाशा नहीं बना सकते| पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भाजपा पर भी हमला बोला
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि,'सचिन पायलट साहब चाहते क्या हैं..? आप मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो बताइए,कुछ और चाहते हैं तो बताइए। विरोध किस बात का है...? हरियाणा में जाकर क्यों बैठे हो...? इतनी छोटी उम्र में आपको इतना कुछ मिल गया,कांग्रेस पार्टी में इतनी छोटी उम्र में शायद ही किसी को मिला हो|
कपिल सिब्बल ने कहा कि,आप और क्या चाहते हो..? भाजपा ज्वाइन नहीं करना चाहते तो बता दीजिए या अपना दल बनाना चाहते हैं तो बता दीजिए। हमें मालूम है आप CM बनना चाहते थे।आप खुद कहते हैं कि आपके पास 20 MLA हैं शायद 30 हो जाएं। राजस्थान में कांग्रेस की संख्या 100 से ज़्यादा है तो आप CM कैसे बन सकते हैं| उन्होंने कहा, "आपके इन कृत्यों से पार्टी में घमासान मचा हुआ है, आप ऐसे जनता के सामने पार्टी का तमाशा नहीं बना सकते हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी ऐसी कोई मंशा नहीं है|
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होने कहा,मैं समझता हूं कि पिछले कुछ सालों में लोकतंत्र की परिभाषा बदली है। आज लोकतंत्र की परिभाषा में राज्यपाल सरकारों की सलाह नहीं लेंगे,वो कहीं और से सलाह लेंगे। और देश में चुनी गई सरकारों को गिराने में राज्यपाल मदद भी करेंगे
कपिल सिब्बल ने कहा कि इस देश में जो चुनी गयी सरकारें हैं उसमें राज्यपाल सरकार गिराने में मदद भी करेंगे और जिस दल को बहुमत है उसके कुछ लोग एक प्राइवेट चार्टेड प्लेन में बाहर ले जाएंगे, वहाँ उसे होटल में ठहराएंगे, लेन देन की बात करेंगे और सरकार गिराएँगे| उन्होंने कहा,आपको याद होगा कि महाराष्ट्र में क्या हुआ था, राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद भी गवर्नर द्वारा सुबह 4 बजे शपथ दिला दी गयी। कहने का मतलब है कि ये लोकतंत्र की नई परिभाषा है|
कपिल सिब्बल ने कहा कि वकील वहाँ क्यों बहस करे। अगर सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट का फैसला नही मानना तो वकील क्यों बहस करेंगे? मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि वकील भी आजकल निराश हो चुके हैं| जब तक हम देश की जनता को ये नहीं बताएँगे कि इस देश में हो क्या रहा है? तब तक वो लोकतंत्र की लड़ाई कभी लड़ नहीं पाएंगे|