नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि," देश का एक बड़ा वर्ग देश को ‘रेवड़ी संस्कृति’ से मुक्त करने के लिए कमर कस रहा है"| PM मोदी ने कहा कि टैक्सपेयर जब ये देखता है कि उससे वसूले गए रुपए में मुफ्त की रेवड़ी बांटी जा रही है, तो टैक्सपेयर सबसे ज्यादा दुखी होता है। आज ऐसे अनेकों टैक्सपेयर्स मुझे खुलकर चिट्ठियां लिख रहे हैं। मुझे खुशी है कि देश में एक बड़ा वर्ग, देश को रेवड़ी कल्चर से मुक्ति दिलाने के लिए कमर कस रहा है।
यह बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश में PMAY-G के लाभार्थियों के 'गृह प्रवेश' के अवसर पर कही है| उन्होंने कहा,''आज मध्य प्रदेश के साढ़े 4 लाख गरीब बहनों और भाइयों के लिए नए जीवन की शुरुआत हो रही है। आज ये सभी साथी अपने नए और पक्के घर में गृह प्रवेश कर रहे हैं। एक समय था, जब धनतेरस पर सिर्फ वही लोग गाड़ी और घर जैसी बड़ी और महंगी संपत्ति खरीद पाते थे जिनके पास संसाधन होते थे, पैसे होते थे, उन्हीं के लिए धनतेरत होती थी। लेकिन आज देखिए, देश का गरीब भी धनतेरस पर गृहप्रवेश कर रहा है। मैं मध्य प्रदेश की उन लाखों बहनों को आज विशेष बधाई देता हूं, जो आज अपने घर की मालकिन बनी हैं, और लाखों रुपयों के बने घर आपको लखपति बना दिया है।
80 करोड़ देशवासियों को मुफ्त राशन दे रही सरकार: PM
PM मोदी ने कहा कि,''बीते अनेक महीनों से केंद्र सरकार 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को इसलिए मुफ्त राशन दे रही है, ताकि वैश्विक महामारी के समय में उसे भूखमरी का सामना ना करना पड़े। इसके लिए केंद्र सरकार अभी तक पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना पर 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है।
जब पैसा सही जगह खर्च हो रहा, तो टैक्सपेयर भी खुश होता है
प्रधानमंत्री ने कहा, “ मैं आपको एक और बात बताना चाहता हूं। जब टैक्सपेयर को लगता है जो देश का खजाना भरते हैं, कर देते हैं, जब उसको लगता है कि उसका पैसा सही जगह खर्च हो रहा है, तो टैक्सपेयर भी खुश होता है, संतुष्ट होता है और ज्यादा टैक्स देते रहता है। आज देश के करोड़ों टैक्यपेयर्स को ये संतोष है कि कोरोना काल में करोड़ों लोगों का पेट भरने में मदद करके वो कितनी बड़ी सेवा का काम कर रहे हैं। आज जब मैं चार लाख घर दे रहा हूं ना हर टैक्सपेयर सोचता होगा कि चलिये मैं तो दिवाली मना रहा हूं लेकिन मध्य प्रदेश का मेरा कोई गरीब भाई भी अच्छी दिवाली मना रहा है, उसको पक्का घर मिल रहा है। उसकी बेटी का जीवन सुख बन जाएगा।
'मुफ्त की रेवड़ी' से दुखी है टैक्सपेयर: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा, “वही टैक्सपेयर जब ये देखता है कि उससे वसूले गए रुपए में मुफ्त की रेवड़ी बांटी जा रही है, तो टैक्सपेयर सबसे ज्यादा दुखी होता है। आज ऐसे अनेकों टैक्सपेयर्स मुझे खुलकर चिट्ठियां लिख रहे हैं। मुझे खुशी है कि देश में एक बड़ा वर्ग, देश को रेवड़ी कल्चर से मुक्ति दिलाने के लिए कमर कस रहा है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत 4 करोड़ गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज: मोदी
उन्होंने कहा,''हमारी सरकार का लक्ष्य, नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ ही, इस बात का भी है कि गरीबों के, मध्यम वर्ग के पैसे बचें। आयुष्मान भारत योजना के तहत अभी तक करीब 4 करोड़ गरीब मरीज़ मुफ्त इलाज ले चुके हैं। इससे इन सभी परिवारों के हज़ारों करोड़ रुपए बचे हैं, जो सरकार ने वहन किए हैं। कोरोना काल में मुफ्त टीकाकरण पर हजारों करोड़ रुपए सरकार ने खर्च किए, ताकि गरीब को, मिडिल क्लास को अचानक आई इस गंभीर बिमारी की विपत्ति के कारण जेब से खर्च करना ना पड़े, कर्ज लेना न पड़े।
पहले कोरोना आया, फिर दुनिया में लड़ाई आ गई
मोदी ने कहा कि,''पहले कोरोना आया, फिर दुनिया में लड़ाई आ गई, इससे दुनिया से हमें आज महंगी खाद खरीदनी पड़ रही है। यूरिया, जिसके एक बैग की कीमत आज दो हज़ार रुपए से ज्यादा है, उसे हम किसानों को सिर्फ 266 रुपए में उपलब्ध करा रहे हैं। 2000 हजार रुपये की बैग 300 रुपये से भी कम रुपयों में दे देते हैं। किसानों पर बोझ ना पड़े, इसलिए इस वर्ष सरकार 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च इसके पीछे कर रही है। केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि भी किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।
कुछ दिन पहले ही प्रत्येक किसानों के बैंक खाते में 2 हज़ार रुपए भेजे गए
उन्होंने कहा,''आपने देखा होगा, कुछ दिन पहले ही जो 16 हज़ार करोड़ रुपए की जो किस्त भेजी थी, वो हर लाभार्थी किसान तक फौरन पहुंच गई। अभी 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक किसानों के बैंक खाते में हमारी सरकार ने जमा कराए हैं। और ये मदद तब पहुंची है, जब बुआई का समय होता है, जब खाद के लिए, दवाओं के लिए किसान को ज़रूरत होती है। किसान फसल बेचते हैं तो पैसा भी अब सीधे बैंक अकाउंट में आता है। मनरेगा का पैसा भी सीधे बैंक खाते में जमा होता है। यहां तक कि हमारी गर्भवती माताओं को जब अच्छे खाने की सबसे अधिक ज़रूरत होती है, तब मातृवंदना योजना के हज़ारों रुपए सीधे उन तक पहुंचते हैं।
गांव-गांव में ड्रोन से घरों के सर्वे हो रहे हैं
मोदी ने कहा कि,'आज, गांव-गांव में ड्रोन से घरों के सर्वे हो रहे हैं। पहले जो काम पटवारी करते थे, रैवेन्यु डिपार्टमेंट के कर्मचारी करते थे, अब वही काम टेक्लोलॉजी से ड्रोन आकर के कर देता है। देश में पहली बार स्वामित्व योजना से गांव के घरों के नक्शे बनाए जा रहे हैं और ग्रामीणों को स्वामित्व के प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। ताकि सीमा के विवाद ना हों, घर पर कोई अवैध कब्ज़ा ना कर सके और ज़रूरत पड़ने पर बैंकों से लोन भी मिल सके। इसी प्रकार जब खेती में भी बड़े पैमाने पर ड्रोन के उपयोग पर बल दिया जा रहा है, किसान ड्रोन की सुविधा हो जा रही है।
अब किसानों को ज़रूरत का हर सामान किसान केंद्रों पर मिलेगा
कुछ दिन पहले एक बहुत बड़ा कदम हमने किसानों के लिए उठाया है। देशभर में अभी जो लाखों खाद की दुकानें हैं, उनको प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब किसानों को ज़रूरत का हर सामान एक ही जगह पर इन्हीं किसान केंद्रों पर मिलेगा। अनेक कृषि उपकरण यहां तक कि भविष्य में ड्रोन भी इन्हीं केंद्रों पर किराए पर उपलब्ध होंगे। यूरिया को लेकर भी बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब कौन सी कंपनी की यूरिया लें, कौन सी ना लें, इस मुश्किल से किसान को मुक्ति मिल गई है। अब हर खाद भारत नाम से ही मिलेगी। इसमें कीमत भी साफ-साफ लिखी है। जितनी कीमत लिखी है, उससे ज्यादा किसान को देने की ज़रूरत नहीं है।
उन्होंने कहा,'मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसे प्रयासों से किसान का, गरीब का जीवन आसान होगा। हम सभी विकसित भारत के निर्माण में जुटे रहेंगे। एक बार फिर आप सभी लाभार्थियों को आपके अपने पक्के घर की बधाई देता हूं और मैं कल्पना कर सकता हूं कि कितनी खुशी है आपको। खुद का घर तीन-तीन, चार-चार पीढ़ियां गई होंगी, कभी खुद के घर में दिवाली नहीं मनाई होगी। आज जब आप अपने बच्चों के साथ खुद के घर में धनतेरस और दीपावली मना रहे हैं तो आपकी जिंदगी में ये दीया का प्रकाश एक नई रोशनी लेकर के आएगा, मैं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।