नई दिल्ली: हरियाणा हिंसा पर बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा,' बुधवार (2 अगस्त 2023) को हरियाणा राज्य में साम्प्रदायिक दंगा का भड़कना और फिर इसका अन्य क्षेत्रों में बिना रोकटोक फैलकर उस हिंसा में अनेकों लोगों के हाताहत होने के साथ ही धार्मिक स्थल सहित लोगों की सम्पत्तियों की भारी हानि होने से यह साबित है कि मणिपुर की तरह ही हरियाणा राज्य में भी कानून व्यवस्था काफी बुरी तरह से ध्वस्त है, जो यह हर प्रकार से अति-दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व काफी चिन्ताजनक भी है। हरियाणा सरकार उस धार्मिक यात्रा को सुरक्षा देने में विफल रही जिस पर पथराव के कारण दंगा भड़क उठा, जबकि राज्य के शासन-प्रशासन तथा खुफिया तंत्र को भी खासकर इन मामलों में हर प्रकार से काफी चुस्त व दुरुस्त होना चाहिए था ।
मायावती ने कहा,'यदि हरियाणा राज्य सरकार प्रस्तावित यात्रा, जुलूस व प्रदर्शन आदि को सुरक्षा नहीं दे सकती है, तो फिर सरकार द्वारा इसके आयोजन की अनुमति ही क्यों दी जाती है? खासकर साम्प्रदायिक दंगा एवं हिंसा आदि को राजनीति तथा संकीर्ण स्वार्थ की पूर्ति का साधन बनने की अनुमति कतई भी नहीं देनी चाहिए, क्योंकि लोगों के जान-माल व मज़हब की सुरक्षा हर सरकार की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी है, जो पुलिस के निष्पक्ष एवं प्रभावी प्रयोग से संभव है, जैसा कि बी.एस.पी. की सरकार ने उत्तर प्रदेश में एक बार नही बल्कि चार बार करके दिखाया है, जिससे सबक लिया जा सकता है।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा,' हरियाणा की राज्य सरकार से वहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव व भाईचारा एवं अमन-चैन आदि की बहाली का निष्पक्ष, गंभीर एवं ईमानदार प्रयास तुरन्त ही शुरू करने की मांग के साथ ही केन्द्र की सरकार को भी इस मामले में राज्य सरकार की हर प्रकार से मदद को आगे आने की अपील।
गौरतलब है कि, हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के बाद राज्य के नौ जिले गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत और जींद संवेदनशील घोषित कर दिए गए हैं। नूंह में सोमवार को हुई हिंसा के बाद अभी भी वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस तनाव का असर आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है। जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। नूंह में 31 जुलाई को दो समूहों के बीच झड़प के बाद पुलिस बल तैनात किया गया है। अब तक 41 FIR दर्ज़ हुई हैं और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है| 116 लोगों के अतिरिक्त 90 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है| इस हिंसा में अभी तक दो पुलिसकर्मियों सहित 6 लोगों की मौत हो चुकी है
मायावती ने एक प्रेसवार्ता में कहा,' जैसा कि यह विदित है कि देश की राजधानी दिल्ली के नजदीक हरियाणा राज्य में साम्प्रदायिक दंगा का भड़कना और इसका गुड़गाँव व अन्य क्षेत्रों में बिना रोकटोक फैल जाना तथा उस हिंसा में अनेकों लोगों के हाताहत होने के साथ ही धार्मिक स्थल सहित लोगों की सम्पत्तियों की भारी हानि होने से यह साबित होता है कि मणिपुर की तरह ही हरियाणा राज्य में भी कानून व्यवस्था काफी बुरी तरह से ध्वस्त है तथा वहाँ कि सरकार का खुफिया तंत्र भी निष्क्रिय है, जो यह हर प्रकार से अति दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व काफी चिन्ताजनक भी है।
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साथ ही, जैसा कि हरियाणा राज्य की सरकार का यह दावा है कि साम्प्रदायिक दंगा विश्व हिन्दू परिषद आदि की यात्रा पर पथराव को लेकर शुरू हुआ, जिससे भी पूरे तौर से यह स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार उस यात्रा को सुरक्षा देने में पूरे तौर से विफल रही है, जबकि राज्य के शासन-प्रशासन व खुफिया तंत्र को खासकर इन मामलों को लेकर हर प्रकार से काफी चुस्त व दुरुस्त होना चाहिए था। कुल मिलाकर इससे वहाँ कि राज्य सरकार की नीति, नीयत व कार्यशैली पर भी काफी कुछ सवाल उठना स्वाभाविक है।
इतना ही नही बल्कि यदि वहाँ की राज्य सरकार इस प्रस्तावित यात्रा, जुलूस व प्रदर्शन आदि को सुरक्षा नहीं दे सकती है, तो फिर सरकार द्वारा इसके आयोजन की अनुमति ही क्यों दी जाती है? यह वह सवाल है जिसका जवाब हर जिम्मेवार व सभ्य सरकार को अपने आपसे जरूर करना चाहिए पूछना चाहिए । और खासकर नूह की घटना को लेकर यह लगता है कि हरियाणा राज्य सरकार के पास दंगा व उसको लेकर आगे भड़क रही हिंसा को रोकने की नीयत का पूरी तरह से अभाव है जो और भी चिन्ताजनक बात है ।
मायावती ने कहा,''वैसे भी चाहे मणिपुर हो या हरियाणा सहित अन्य राज्यों में हुई दर्दनाक व शर्मनाक घटनायें, जो पिछले कुछ समय में लगातार हुई हैं, दंगा एवं हिंसा आदि को राजनीति तथा संकीर्ण स्वार्थ की पूर्ति का साधन बनने की अनुमति किसी भी राज्य सरकार को नहीं देनी चाहिए, क्योंकि लोगों के जान-माल व मज़हब की सुरक्षा करना हर राज्य सरकार की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है, जो स्थानीय पुलिस के निष्पक्ष एवं प्रभावी प्रयोग से संभव है, जैसा कि बी.एस.पी. की सरकार ने उत्तर प्रदेश में एक बार नहीं बल्कि चार बार करके दिखाया है, अर्थात् एक बार नहीं बल्कि चार बार मेरे नेतृत्व में यूपी की बनी सरकार में मैंने लॉ एण्ड आर्डर बेहतरीन बनाके तथा वहाँ कानून द्वारा कानून का राज कायम करके दिखाया है, जिससे सबक लिया जा सकता है।
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उन्होंने कहा,''इसके अलावा बी.एस.पी की यह माँग है कि हरियाणा की राज्य सरकार को वहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव व भाईचारा एवं अमन-चैन आदि की बहाली का निष्पक्ष, गंभीर एवं ईमानदार प्रयास तुरन्त ही शुरू कर देना चाहिए तथा केन्द्र की सरकार को भी इस मामले में राज्य सरकार की हर प्रकार से मदद को जरूर आगे आना चाहिए ताकि वहाँ हालात आगे न बिगड़ने पाए, जिसकी आशंका को लेकर ही दिल्ली व यूपी सहित अन्य कई राज्यों में भी सुरक्षा का रेड अलर्ट कर दिया गया है, जो उचित कदम भी है।