मुख्य सामग्री पर जाएँ
20 सितंबर 2026

दुःखों से जीता जा सकता है, भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए आठ मंत्र दिये: गुरु पूर्णिमा पर बोले PM मोदी

नई दिल्ली: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ,''आज हम गुरु पूर्णिमा मनाते हैं, आज ही के दिन भगवान बुद्…

दुःखों से जीता जा सकता है, भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए आठ मंत्र दिये: गुरु पूर्णिमा पर बोले PM मोदी
दुःखों से जीता जा सकता है, भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए आठ मंत्र दिये: गुरु पूर्णिमा पर बोले PM मोदी | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ,''आज हम गुरु पूर्णिमा मनाते हैं, आज ही के दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था। हमारे यहां कहा गया है कि जहां ज्ञान है, वहीं पूर्णता है| मोदी ने कहा कि,''सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पूरे जीवन का सूत्र हमें बताया था। उन्होंने दुःख के बारे में बताया, दुःख के कारण के बारे में बताया, ये आश्वासन दिया कि दुःखों से जीता जा सकता है और इस जीत का रास्ता भी बताया|




पीएम मोदी ने कहा कि,''आज कोरोना महामारी के रूप में मानवता के सामने संकट है तब बुद्ध हमारे लिए और प्रासंगिक हो जाते हैं। बुद्ध के मार्ग पर चलकर हम बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कैसे कर सकते हैं, भारत ने ये करके दिखाया है। बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर आज दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं|




आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि,'' आज के ही दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था। हमारे यहाँ कहा गया है, जहां ज्ञान है वहीं पूर्णता है, वहीं पूर्णिमा है। और जब उपदेश करने वाले स्वयं बुद्ध हों, तो स्वाभाविक है कि ये ज्ञान संसार के कल्याण का पर्याय बन जाता है। त्याग और तितिक्षा से तपे बुद्ध जब बोलते हैं तो केवल शब्द ही नहीं निकलते,बल्कि धम्मचक्र का प्रवर्तन होता है। इसीलिए, तब उन्होंने केवल पाँच शिष्यों को उपदेश दिया था, लेकिन आज पूरी दुनिया में उन शब्दों के अनुयायी हैं, बुद्ध में आस्था रखने वाले लोग हैं।

 




सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पूरे जीवन का, पूरे ज्ञान का सूत्र हमें बताया था। उन्होंने दुःख के बारे में बताया, दुःख के कारण के बारे में बताया, ये आश्वासन दिया कि दुःखों से जीता जा सकता है, और इस जीत का रास्ता भी बताया। भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए अष्टांग सूत्र, आठ मंत्र दिये। सम्मादिट्ठी, सम्मा-संकप्पो, सम्मावाचा, सम्मा-कम्मन्तो, सम्मा-आजीवो, सम्मा-वायामो, सम्मासति, और सम्मा-समाधि। यानी कि, सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक मन, सम्यक समाधि यानी मन की एकाग्रता। मन, वाणी और संकल्प में, हमारे कर्मों और प्रयासों में अगर ये संतुलन है तो हम दुःखों से निकलकर प्रगति और सुख को हासिल कर सकते हैं। यही संतुलन हमें अच्छे समय में हमें लोककल्याण की प्रेरणा देता है, और मुश्किल में धैर्य रखने की ताकत देता है।

 




आज कोरोना महामारी के रूप में मानवता के सामने वैसा ही संकट है जब भगवान बुद्ध हमारे लिए और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना हम कैसे कर सकते हैं, भारत ने ये करके दिखाया है। बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर आज दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं, एक दूसरे की ताकत बन रहे हैं। इस दिशा में 'इंटरनेशनल बुद्धिष्ट कनफेडरेशन' का 'केयर विथ प्रेयर इनिशिएटिव' ये भी बहुत प्रशंसनीय है।

 




न ही वेरेन वेरानि, सम्मन्तीध कुदाचनम्।

अवेरेन च सम्मन्ति,एस धम्मो सनन्ततो॥

अर्थात, वैर से वैर शांत नहीं होता। बल्कि वैर अवैर से, बड़े मन से, प्रेम से शांत होता है। त्रासदी के समय में दुनिया ने प्रेम की, सौहार्द की इस शक्ति को महसूस किया है। बुद्ध का ये ज्ञान, मानवता का ये अनुभव जैसे जैसे समृद्ध होगा, विश्व सफलता और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूएगा।






आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान में बुद्ध के मूल्यों और सिद्धांतों का इस्तेमाल करके दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने में मदद मिलेगी| भगवान बुद्ध का शांति और अहिंसा का सार्वभौमिक संदेश और नैतिकता-सादगीपूर्ण जीवन पिछले 2600 वर्षों से दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित करता आया ह| उन्होंने सारनाथ में पहली बार यह संदेश दिया था| भगवान बौद्ध की शिक्षाएं दुखों का अंत करने और चुनौतियों से निपटना का मार्ग दिखाती हैं|







tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 24 जुलाई 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 18 सितंबर 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।