नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,'' , आज हम डॉ. भीमराव अंबेडकर की 130वीं जयंती मना रहे हैं। हमें खुशी है कि पार्टी की तरफ से INC-TV डिजिटल लॉन्च किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस के विचारों का व्यापक प्रचार और प्रसार इसके माध्यम से हो| खड़गे ने कहा कि,'' ,,बाबा साहब जी ने कहा था- "किसी समाज या विचार को अगर जीवित रखना है तो तीन चीज़ों की आवश्यकता होती है। पहला - विचार, दूसरा-आचार और तीसरा- प्रचार।
भारत रत्न डा० भीम राव अम्बेडकर की 130वीं जयंती पर कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,'' ,डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार। संविधान कितना भी अच्छा हो, अगर उसे चलाने वाले लोग अच्छे नहीं हैं तो वह बुरा हो सकता है। संविधान में कितनी भी कमियां हों अगर उसे चलाने वाले लोग सही हों तो अच्छा हो सकता है|
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''आज बाबा साहब की जन्म जयंती भारत के संविधान और संवैधानिक अधिकारों का उत्सव भी है। बाबा साहब की जयंती दासता, रुढिवादिता और अंधविश्वास के खिलाफ एक सम्पूर्ण क्रांति का उत्सव भी है| सुरजेवाला ने कहा कि,'बाबा साहब की जयंती बैगर किसी दबाव और प्रलोभन के अभिव्यक्ति की आज़ादी का उत्सव भी है। आज जब देश के संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर मोदी सरकार द्वारा पूर्व नियोजित हमला बोला जा रहा है तो बाबा साहब का कथन आज के संदर्भ में और भी प्रासंगिक है|
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''‘अज्ञानता से भय पैदा होता है, भय से अंधविश्वास, अंधविश्वास से अंधभक्ति पैदा होती है, अंधभक्ति से आदमी का विवेक शून्य हो जाता है, और जिस आदमी का विवेक शून्य हो जाता है, फिर वो इंसान नहीं, मानसिक गुलाम हो जाता है, इसलिए अज्ञानी नहीं, ज्ञानी बनो- बाबा साहेब| आज अंधविश्वास और अंधभक्ति के चौतरफा अंधेरे में, विवेकहीनता और मानसिक गुलामी के वातावरण में, एक अहंकारी शासक के जबरन थोपे जा रहे स्तुतिगान व व्यक्ति पूजा के माहौल में, और अभिव्यक्ति की आजादी को कंस की तरह बेड़ियों में जकड़ दिए जाने के युग में INC TV सामने आया है:|
सुरजेवाला ने कहा कि,''''इसकी औपचारिक शुरुआत हम 24 अप्रैल 2021 से करेंगे। यह INC TV डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म इस अंधविश्वास, अंधभक्ति, विवेकहीनता और अभिव्यक्ति की आजादी पर लगी गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की एक छोटी सी शुरुआत है। जो महात्मा गांधी की सोच के अनुरूप है |
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि,'' ,बाबा साहब जी ने कहा था- "किसी समाज या विचार को अगर जीवित रखना है तो तीन चीज़ों की आवश्यकता होती है। पहला - विचार, दूसरा-आचार और तीसरा- प्रचार। अगर ये तीन चीज़ें किसी संस्था या समाज में होती हैं तो वो 'आइडियोलॉजी' बहुत दिन तक चलती है और लोगों को फायदा होता है" | आज बाबा साहेब के विचारों को खत्म करने के लिए मोदी सरकार कोशिश कर रही है। संविधान कितना ही अच्छा हो लेकिन अगर उसे चलाने वाले लोग अच्छे नहीं तो वो बुरा हो सकता है। संविधान में कितनी भी कमियाँ हो लेकिन अगर उसे चलाने वाले लोग सही हों तो वो अच्छा हो सकता है|
खड़गे ने कहा कि,'' ,21 जनवरी 1920 को बाबा साहब ने अपना पहला पेपर निकाला। जिसका नाम उन्होंने "मूक नायक" रखा। यानी जनता मूक है, गरीब है, वंचित है, दलित है तो उनके नायक कौन होंगे? उनके विचारों को लोगों तक कहाँ तक पहुँचाना चाहिए| उसके बाद उन्होंने उस पेपर के मुताबिक यह भी कहा कि आज जितने भी अखबार मौजूद हैं वे किसी ना किसी जाति के हितों की रक्षा में लगे हैं। वे दूसरों के हितों की तरफ देखते तक नहीं। इसी कारण हमारा देश विषमताओं का मायका बना हुआ है |
खड़गे ने कहा कि,'' ,सत्ता के अभाव से, साथ ही गरीबी ने विशाल दलित समाज को गहरे गर्त में डाल रखा है। धर्म को लेकर बाबा साहब ने कहा था कि - "मैं एक ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व प्रेम का भाव सिखाता है| इस पेपर के बंद होने के बाद उन्होंने 1927 में एक और पेपर निकाला, वो भी बंद हो गया। फिर उसके बाद उन्होंने 15 नवम्बर 1929 को एक नया पेपर चलाया जिसका नाम था - 'जनता'। ये 'जनता' पेपर कम से कम 26 साल तक चला |
खड़गे ने कहा कि,'' ,जनता पेपर को बदल कर जब उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया तब उन्होंने उस पेपर का नाम "प्रबुद्ध भारत" रखा। ये नए-नए विचार और पेपर वो इसलिए लाए कि उनके विचारों का भी प्रचार हो और साथ ही दबे हुए और वंचित लोग हैं, उनको फायदा हो| हर किसी को डराना, यही भाजपा और मोदी जी का काम है। उसी से आज पत्रकार, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डरा रहे हैं|
खड़गे ने कहा कि,'' ,मोदी जी वहां ध्यान नहीं दे रहे हैं जहाँ देना चाहिए। यूपी में सबसे ज्यादा अन्याय और अत्याचार गरीबों व दलितों पर हो रहा है। उदाहरण के तौर पर हर 11 मिनट में एक दलित अत्याचार का शिकार हो रहा है। इसके बारे में मोदी जी कुछ नहीं कहते|
NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि,'' ,आज मैं बाबा साहब को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी कही हुई उस बात को याद करना चाहूंगा, जब उन्होंने कहा कि, 'हमारे दलित छात्रों को शिक्षित बनाइए ताकि वो आगे आने वाले समय में संघर्ष कर सकें| आज भाजपा की नीयत दलित छात्रों को उनकी शिक्षा से वंचित रखना है ताकि वो आगे आने वाले समय में अपनी आवाज इस सरकार के खिलाफ ना उठा सकें। यह सरकार उनकी आवाज को दबाना चाहती है|
नीरज कुंदन ने कहा कि,''2013-14 में जब यूपीए की सरकार थी तब छात्रों की प्री मेट्रिकल स्कॉलरशिप 882 करोड़ रूपए थी, उसके बाद जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, उसमें भारी गिरावट आई है। जो 2016-17 में 506 करोड़ हो गई|