कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नियंत्रित करने में असफल होने के बाद अब उसे प्रभावहीन करने का प्रयास किया जा रहा है| ममता बनर्जी ने अपनी सरकार से तुलना करते हुए कहा कि उनकी सरकार के साथ भी केंद्र ऐसा ही व्यवहार कर रहा है|
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि,''मैं इसकी निंदा करती हूं, दुर्भाग्य से, वे (केंद्र) ट्विटर को नियंत्रित नहीं कर सकते, इसलिए वे उन्हें बुलडोज़ (Bulldoze) करना चाहते हैं। इसी तरह, वे मुझे नियंत्रित नहीं कर सकते इसलिए वे (केंद्र) मेरी सरकार को बुलडोज़ (Bulldoze) करने की कोशिश कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि,''वे (केंद्र) हर उस व्यक्ति के साथ यह कर रहे हैं जिसे अपने पक्ष में नहीं ला पा रहे हैं| वे मुझे नियंत्रित नहीं कर सकते, इसलिए मेरी सरकार को भी प्रभावहीन करने की कोशिश कर रहे हैं| उन्हें इसे रोकना चाहिए|
सीएम बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कोई राजनीतिक हिंसा नहीं है। हम हिंसा की निंदा करते हैं। राजनीतिक हिंसा भाजपा का हथकंडा है। उन्हें यूपी जाना चाहिए था जहां शव तैर रहे है|
गौरतलब है कि सोशल मीडिया साइट ट्विटर का भारत में कानूनी सुरक्षा कवच देश के सूचना प्रौद्योगिक नियमों का अनुपालन नहीं करने और नए दिशानिर्देश के तहत अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करने से छिन गया है| अब तीसरे पक्ष की गैर कानूनी सामग्री की वजह से ट्विटर पर भी भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है|
इंटरनेट मीडिया के नए नियमों का पालन नहीं करने पर सरकार ने आईटी ऐक्ट के तहत प्राप्त सुरक्षा का अधिकार ट्विटर से वापस ले लिया है। यानी किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर ट्विटर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है| यानी कि ट्विटर अब आईटी अधिनियम, साथ ही देश के दंड कानूनों सहित किसी भी कानून के तहत दंड के लिए उत्तरदायी होगा।