नई दिल्ली: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अमेरिका से आयातित सेब पर 20% सीमा शुल्क में छूट के केंद्र सरकार के फैसले को सेब किसानों के गले पर 'छुरी' चलाने जैसा बताया है| सेब पर 20% सीमा शुल्क में छूट के केंद्र के फैसले पर महबूबा मुफ्ती ने कहा, "मेरे हिसाब से यह फैसला यहां के सेब की खेती करने वालों के गले पर छुरी चलाने जैसा है... दुनिया में सबसे अच्छे सेब कश्मीर के माने जाते हैं और उसके बाद बाहर से सेब क्यों लाने हैं? कैलिफोर्निया के अखरोट से हमारा अखरोट व्यापार पहले ही खराब हो गया है। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया' मज़ाक है..."
वहीँ, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, हिमाचल में सेब के बागानों से लगभग 14% GDP का हिस्सा है। आपदा के दौरान सेब का उत्पादन 1/4 हो गया है। ऐसे में केंद्र सरकार से राहत पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने किसानों का दम तोड़ने का काम किया है। आप अमेरिका के किसानों को सहायता दे रहे हैं, आप इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर अपने किसानों पर चाबुक चला रहे हैं...|
PM मोदी पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,''एक बार मैंने (PM मोदी ने) कमिटमेंट कर दी तो मैं खुद की भी नहीं सुनता- ...मोदी जी ने ऐसा कमिटमेंट अडानी और अमेरिका से किया है। जब मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं थे तो कहते थे- सेब पर 100% इंपोर्ट ड्यूटी लगा देंगे। लेकिन... अब खबरें हैं कि मोदी जी ने अमेरिका को कमिटमेंट किया है कि अमेरिका के सेब पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी कर दी गई है, जो कभी 70% थी।
श्रीनेत ने कहा,''मेजबान हो तो नरेंद्र मोदी जैसा। अमेरिका के राष्ट्रपति हिंदुस्तान आते हैं और अपने देश के किसानों के लिए उपहार लेकर चले जाते हैं। अमेरिका के सेब पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी कर दी जाती है। मोदी जी, अमेरिका के किसानों को उपहार दे रहे हैं और अपने देश के किसानों पर चाबुक चला रहे हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,''मोदी जी, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के अपने सेब किसानों पर चाबुक चला रहे हैं। हिमाचल में अनुमानित 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, जहां की GDP का करीब 14% हिस्सा सेब के बागानों से आता है। आज वहां के लोगों को सहायता की जरूरत है, लेकिन PM मोदी 5 लाख से ज्यादा सेब किसानों के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं।