नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में पहली बार कैबिनेट विस्तार बुधवार को हुआ| इस कैबिनेट विस्तार में यूपी से सात मंत्री बनाए गए| इस विस्तार के साथ ही बीजेपी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है| इसके साथ ही अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिहाज से सभी वर्गों को साधने की कोशिश की गई है| कैबिनेट विस्तार में तीन एससी वर्ग और तीन ओबीसी वर्ग के मंत्रियों को शामिल किया गया है|वहीं एक ब्राह्मण को जगह दी गई है|
राष्ट्रपति भवन में करीब डेढ़ घंटे तक चले शपथ ग्रहण समारोह में मोदी सरकार का आमूल-चूल परिवर्तन किया गया है| राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद का फेरबदल किया गया| कुल 15 कैबिनट और 28 राज्यमंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली| नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने वाले 43 चेहरों के नाम सामने आ गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा सात नेताओं का नाम शामिल है।
इस कैबिनेट विस्तार में राजनीतिक समीकरण के लिहाज से जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधा गया है। इन नए चेहरों में अनुप्रिया पटेल, डॉ एसपी बघेल, पंकज चौधरी, भानु प्रताप वर्मा, कौशल किशोर, बीएल शर्मा और अजय कुमार मिश्रा का नाम शामिल है। आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार में ओबीसी प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है।
मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली सरकार में सबसे युवा मंत्रियों में शुमार थीं। पंकज चौधरी महाराजगंज से और अजय कुमार मिश्रा लखीमपुर खीरी से सांसद हैं। वहीं, बीएल वर्मा राज्यसभा के सदस्य हैं। इनके अलावा कौशल किशोर मोहनलालगंज से सांसद हैं। मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार को उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के नजरिये से अहम माना जा रहा है।
1. उत्तर प्रदेश के खीरी लोकसभा से सांसद अजय कुमार को भी राज्यमंत्री बनाया गया है| ये खीरी से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं. ये ब्राह्मण समुदाय से आते हैं. चुनावों को देखते हुए सामाजिक समीकरण के तहत इन्हें मंत्री बनाया गया है|
2. बीजेपी के राज्यसभा सदस्य बीएल वर्मा को भी राज्यमंत्री बनाया गया है| इन्होंने 28वें नंबर पर शपथ ली| बीएल वर्मा बदायुं, उत्तर प्रदेश के ओबीसी समुदायसे ताल्लुक रखते हैं| यूपी चुनाव को देखते हुए इन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है| वर्मा कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं| 1980 से बीजेपी से जुड़े रहे हैं|
3.उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज से मई 2014 से बीजेपी के सांसद हैं कौशल किशोर| दलित समुदाय से आते हैं. इन्हें भी केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया है|
4.उत्तर प्रदेश के जालौन से बीजेपी सांसद भानु प्रताप वर्मा ने भी राज्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है| ये जालौन से पांचवीं बार सांसद चुने गए हैं| अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं. इन्होंने 1991092 में पहली विधान सभा का चुनव जीता था|
5.आगरा से सांसद एसपी सिंह बघेल को भी राज्यमंत्री बनाया गया है| 2014 में बीएसपी छोड़कर बीजेपी में आए हैं| यूपी सरकार में ये कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं| सपा में भी रहे हैं| पांच बार लोकसभा के सांसद रहे हैं|
6. मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया सिंह पटेल की मोदी सरकार में दोबारा एंट्री हुई है| उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है| मोदी सरकार-1.0 में भी अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाई गई थीं|ये ओबीसी समुदाय से आती हैं|
7. उत्तर प्रदेश से पंकज चौधरी ने सबसे पहले राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली| वो महाराजगंज लोकसभा सीट से छठी बार सांसद बने हैं| वो पूर्वांचल में बीजेपी की राजनीति में बड़ा चेहरा हैं| चौधरी ने हिन्दी में शपथ ली| यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें मंत्री बनाया जाना अहम है|