नई दिल्ली: लंबे समय से केंद्रीय कैबिनेट में जगह बनने के लिए जद्दोजहद कर रहे एलजेपी नेता पशुपति पारस ने आखिरकार कैबिनेट में जगह बना ली|भतीजे चिराग पासवान से बगावत करने के बाद पशुपति अब केंद्रीय मंत्री का पद संभालने के लिए तैयार है| बता दें कि हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद पशुपति कुमार पारस राजनीति के मौसम वैज्ञानिक कहे जाने वाले नेता रामविलास पासवान के बड़े भाई हैं|
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अश्विनी वैष्णव, पशुपति कुमार पारस, किरण रिजिजू, राज कुमार सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नारायण तातू राणे, सर्बानंद सोनोवाल को केंद्रीय मंत्री पद की शपथ दिलाई।
डॉ. वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रामचंद्र प्रसाद सिंह ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया, भूपेंद्र यादव, पुरुषोत्तम रुपाला ने राष्ट्रपति भवन में मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई|
राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह हो चुका है| अशोक हॉल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद का फेरबदल हो रहा है| सबसे पहले नारायण राणे ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है| उनके बाद असम को पूर्व मुख्यमं सर्वानंद सोनोवाल ने शपथ ली|
वहीं इससे पहले,''पशुपति पारस के शपथ लेने से पहले लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी| साथ ही लोजपा ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है| चिराग पासवान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करके लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी है
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा था कि पार्टी विरोधी और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने के कारण लोक जनशक्ति पार्टी से श्री पशुपति कुमार पारस जी को पहले ही पार्टी से निष्काषित किया जा चुका है और अब उन्हें केंद्रीय मंत्री मंडल में शामिल करने पर पार्टी कड़ा ऐतराज दर्ज कराती है।
पासवान ने कहा था कि,''प्रधानमंत्री जी के इस अधिकार का पूर्ण सम्मान है कि वे अपनी टीम में किसे शामिल करते हैं और किसे नहीं।लेकिन जहां तक LJP का सवाल है श्री पारस जी हमारे दल के सदस्य नहीं हैं।पार्टी को तोड़ने जैसे कार्यों को देखते हुए उन्हें मंत्री,उनके गुट से बनाया जाए तो LJP का कोई लेना देना नहीं है
पासवान ने कहा था कि,''लोकसभा अध्यक्ष के द्वारा पार्टी से निकाले गए सांसदों में से श्री पशु पति पारस जी को नेता सदन मानने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी ने माननीय लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उनके फ़ैसले पर पुनः विचार याचिका दी थी जो अभी भी विचाराधीन है।लोक जनशक्ति पार्टी ने आज माननीय लोकसभा अध्यक्ष के प्रारम्भिक फ़ैसले जिसमें पार्टी से निष्कासित सांसद श्री पशुपति पारस जी को लोजपा का नेता सदन माना था के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आज दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है।