नई दिल्ली: दुनिया की सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है। नेपाल के विदेश मंत्री ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की संशोधित ऊंचाई का एलान कर दिया है। नेपाल सरकार ने एवरेस्ट की सटीक ऊंचाई मापने का निर्णय लिया था क्योंकि 2015 में आए भूकंप तथा अन्य कारणों से चोटी की ऊंचाई में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थी|
माउंट एवरेस्ट के माप के संबंध में इकट्ठा किए गए डाटा एक साल तक खंगालने के बाद नेपाल सरकार ने मंगलवार को माउंट एवरेस्ट की नई ऊंचाई की घोषणा की। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने बताया कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848.86 मीटर है, जो पहले के मुकाबले 2.8 फीट ज्यादा है।
माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मौजूदा समय में 8848 मीटर मानी जाती है। अब नई ऊंचाई 8848.86 मापी गई है। ऐसे में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की ऊंचाई और बढ़ गई है। बता दें कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने की कोशिश पिछले साल शुरू की गई थी। इस बेहद जटिल कार्य का अंजाम देने के पिछले साल एक अभियान दल चोटी पर भेजा था। उधर, इस साल तिब्बत की ओर से एवरेस्ट की ऊंचाई मापने के लिए भी एक अभियान दल भेजा।
दरअसल, नेपाल सरकार का ऐसा अनुमान था कि 2015 में आए विनाशकारी भूकंप सहित विभिन्न कारणों से चोटी की ऊंचाई में बदलाव आ सकता है। इसलिए चोटी की सही ऊंचाई को मापने का फैसला किया गया था। नेपाल के समाचार पत्र ने बताया है कि सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा 1954 में की गई माप के अनुसार, माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,848 मीटर थी। वहीं, हिमालय पर रिसर्च करने वाली कई संस्थाएं और वैज्ञानिक कई बार खुलासा कर चुके हैं कि हिमालय पर्वत श्रृंखला में मौजूद दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माऊंट एवरेस्ट की ऊंचाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।