नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने 15 अप्रैल, 2023 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में दो भाइयों अतीक अहमद और अशरफ को पुलिस हिरासत में बदमाशों द्वारा मारे जाने का आरोप लगाने वाली शिकायतों का संज्ञान लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस हिरासत में बदमाशों द्वारा अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की शिकायतों पर NHRC ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और प्रयागराज के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश और पुलिस आयुक्त, प्रयागराज को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर निम्नलिखित रिपोर्ट मांगी है|
i) विस्तृत रिपोर्ट- दो भाइयों -अतीक अहमद और अशरफ की हत्या से संबंधित सभी पहलुओं को शामिल करते हुए (गिरफ्तारी/हिरासत के लिए समय, स्थान और कारण सहित)
(ii) मृतकों के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत और FIR की कॉपी
(iii) गिरफ्तारी मेमो और निरीक्षण मेमो की कॉपी
(iv) क्या गिरफ्तारी की सूचना परिवार/रिश्तेदारों (अतीक-अशरफ के तीनों शूटरों के परिवार) को दी गई थी?
(v) जब्ती मेमो और बरामदगी ज्ञापन की कॉपी
(vi) मृतकों के मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट की कॉपी
(vii) सभी प्रासंगिक जीडी अर्क की प्रतियां (सभी सुपाठ्य और अंग्रेजी / हिंदी में लिखित होनी चाहिए);
(viii) जांच रिपोर्ट
(ix) पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट (पीएमआर की टाइप की हुई कॉपी विशेष रूप से चोटों का विवरण प्रदान किया जाना चाहिए);
(x) पोस्टमार्टम परीक्षा की वीडियो कैसेट/सीडी
(xi) घटना के दृश्य की साइट योजना सभी विवरण देते हुए
(xii) विसरा की रासायनिक और हिस्टोपैथोलॉजी परीक्षा (यदि लागू हो)
(xiii) एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु का अंतिम कारण
(xiv) मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट (2005 के अधिनियम 25 द्वारा संशोधित सीआरपीसी की धारा 176(1-ए) के तहत।
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15 अप्रैल की रात को अतीक -अशरफ को प्रयागराज में मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाते समय यूपी पुलिस की हिरासत में हॉस्पिटल के बाहर ही गोली मार दी गई थी|। इस हत्या को तब अंजाम दिया जब मीडिया अतीक और अशरफ से सवाल कर रही थी। हत्या के तुरंत बाद शूटरों ने आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था| अतीक अहमद को उसी दिन गोली मारी गई थी, जिस दिन यूपी पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए उसके बेटे असद अहमद और मकसूदन के बेटा गुलाम को दफनाया गया था।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को अतीक अहमद की हत्या की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक समिति का गठन किया है। पैनल का नेतृत्व इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरविंद कुमार त्रिपाठी करेंगे और इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीके सोनी और पूर्व डीजीपी सुबेश कुमार सिंह शामिल होंगे।
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