नई दिल्ली: गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के बाद अब राजनीतिक दलों ने 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी के तहत कांग्रेस की स्टीयरिंग कमेटी (Congress Steering Committee) की बैठक रविवार को दिल्ली में बुलाई गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी' कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद स्टीयरिंग कमिटी की पहली बैठक को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि,''देश और पार्टी के प्रति हमारी जिम्मेदारी का सबसे बड़ा हिस्सा है। “Organizational Accountability from top to bottom”। अगर कांग्रेस संगठन मजबूत होगा, जवाबदेह होगा, लोगों की उम्मीद पर खरा उतरेगा, तो ही हम चुनावी जीत हासिल कर देश के लोगों की सेवा कर पाएंगे।
स्टीयरिंग कमिटी की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे,'' मैं स्टीयरिंग कमिटी की पहली बैठक में आप सबका स्वागत करता हूँ। पूरे देश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी साथियों का भी धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मुझमें विश्वास जताया।
सोनिया गांधी का विशेष अभिनंदन करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,''देश के सभी कांग्रेसजनों की ओर से श्रीमती सोनिया गांधी जी का विशेष अभिनंदन व धन्यवाद करना चाहूँगा, जिन्होंने नेतृत्व की कुशलता, अथक मेहनत, व कांग्रेस के बुनियादी सिद्धांतों में 'अटूट विश्वास के साथ दो दशक से अधिक पार्टी और देश का मार्गदर्शन किया। भविष्य में भी हम सब उनके असीम स्नेह व मार्गदर्शन के अभिलाषी रहेंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "साथियों, इससे पहले कि मैं देश के सामने जो चुनौतियाँ हैं, उन पर चर्चा करूं, मैं आप सबसे कांग्रेस संगठन के बारे में और हमारी जिम्मेदारियों के बारे में बात करना चाहूंगा। मेरा मानना है कि पार्टी और देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी का सबसे बड़ा हिस्सा है। “Organizational Accountability from top to bottom”। अगर कांग्रेस संगठन मजबूत होगा, जवाबदेह होगा, लोगों की उम्मीद पर खरा उतरेगा, तो ही हम चुनावी जीत हासिल कर देश के लोगों की सेवा कर पाएंगे।
उन्होंने कहा "मैं पार्टी के महासचिवगण व प्रभारीगण से चाहुंगा कि वो सबसे पहले खुद की जिम्मेदारी तथा संगठन की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें। आप अपने विवेक से चिंतन करें कि क्या महासचिव गण व प्रांतों के प्रभारी, पदाधिकारी अपने जिम्मेदारी वाले प्रांतों में महीने में कम से कम 10 दिन दौरा करते हैं? क्या आपने हर जिला, इकाई पर जाकर पार्टी के नेताओं से चर्चा की है, क्या स्थानीय समस्याएं जानी हैं? क्या सभी जिला कांग्रेस व ब्लॉक कांग्रेस कमिटी का गठन हो चुका है? क्या आपकी संघटन जमीनी हकीकत के मुताबिक लोगों के लिए संघर्ष कर रही हैं? क्या ब्लॉक व जिला स्तर पर ज्यादा से ज्यादा नए चेहरों को मौका दिया गया है? कितनी इकाईयां ऐसी हैं, जहां जिला व ब्लॉक, पाँच साल से नहीं बदले गए? ब्लॉक जिला व प्रदेश स्तर पर स्थानीय समस्याओं, प्रांतीय समस्याओं व देश के समक्ष चुनौतियों पर AICC के आदेशानुसार कितनी बार आंदोलन हुआ है? क्या अग्रिम संगठन, पार्टी के डिपार्टमेंट्स व उनकी इकाईयां उन वर्गों की आवाज उठा रही हैं, जिनकी आवाज बनने के लिए उनका गठन हुआ है?
महासचिवों व प्रभारियों से मल्लिकार्जुन खरगे ने पूछा, "आपके प्रदेश में, जिसके आप प्रभारी हैं, अगले 30 दिन से 90 दिन के बीच में संगठन व जनहित के मुद्दों पर आंदोलन के लिए क्या रूपरेखा है? जिन प्रांतों में आज से साल 2024 के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं, वहाँ चुनाव तक क्या प्लानिंग व एक्टिविटी शेड्यूल है। जब तक आप स्वयं, आपके सचिवगण, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्षगण, पार्टी के विधायक मंडल व सांसदगण इन सब व अन्य महत्वपूर्ण चीज़ों का खाका तैयार कर जमीनी स्तर पर लागू नहीं करेंगे, हमारी जिम्मेदारी पूर्ण नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा "पार्टी में जहाँ अपने कर्तव्य को निभाने वाले बहुत जिम्मेदार लोग हैं, वहीं कुछ साथियों ने यह मान लिया है कि जिम्मेदारी निभाने में कमी को नजरंदाज कर दिया जाएगा। यह न तो ठीक है और न ही मंजूर किया जा सकता। जो लोग जिम्मेदारी निभाने में असक्षम हैं, उन्हें नए साथियों को मौका देना पड़ेगा।
खरगे ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सब संगठन व आंदोलन का एक खाका तैयार कर अगले 15 से 30 दिन में इस पर मिल बैठकर मुझसे चर्चा करेंगे। कांग्रेस स्टीयरिंग कमिटी के सदस्यों व पार्टी के अन्य नेताओं को भी जरूरत के अनुसार आप इस कार्यक्रम में शामिल करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ",देश में एक नया इतिहास लिखने वाली श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में चल रही "भारत जोड़ो यात्रा' आज 88 दिन पूरे कर रात के समय राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेगी। भारत जोड़ो यात्रा अब एक राष्ट्र आंदोलन का रूप ले चुकी है। एक ऐसा आंदोलन, जो देश में कमरतोड़ महंगाई, भयंकर बेरोजगारी, नाकाबिले बर्दाश्त आर्थिक व सामाजिक असमानता, तथा नफरत की राजनीति के खिलाफ एक निर्णायक जंग का आह्वान है। देश के करोड़ों लोग राहुल गांधी जी व कांग्रेस के संकल्प से जुड़े हैं। इनमें भारी संख्या वो लोग भी हैं, जो कांग्रेस से नहीं जुड़े थे, या फिर हमारी आलोचना किया करते थे। भारत जोड़ो यात्रा का एक राष्ट्रीय जन आंदोलन का रूप ले लेना ही इस यात्रा की सबसे बड़ी कामयाबी है। जिन प्रदेशों से यात्रा निकली है, वहां के कांग्रेसजनों ने आम जनता के साथ जोश व साहस से अपनी आवाज बुलंद की है। मैं इसके लिए उन्हें मुबारकबाद देता हूँ।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, " मैं आपके समक्ष यह भी रखना चाहूँगा कि इस राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन को देश के हर गांव, हर शहर, हर व्यक्ति तक पहुँचाने में हम सबकी क्या भूमिका रही है? जहां कई प्रदेशों ने भारत जोड़ो यात्रा निकाली है, क्या हम इसके बुनियादी उसूलों को हर गांव तक, हर शहर और कस्बे तक ले जा पाए हैं? मुझे लगता है कि हम जो कर पाए, वह एक सार्थक कोशिश तो है, पर नाकाफ़ी है। हम सबको इन मुद्दों को, यात्रा की भावना को, यात्रा के उसूलों को हर घर तक पहुँचाना है। संगठन महासचिव ने इस बारे एक विस्तृत 'हाथ से हाथ जोड़ो' प्लान तैयार किया है, जिसे वह आप सबसे साझा करेंगे। मुझे उम्मीद है कि आप इसे लागू करने बारे पूरी रूपरेखा पार्टी संगठन को देंगे, व जरूरत हो, तो हम मिलकर इस पर चर्चा करेंगे।
खरगे ने कहा, "मैंने यह सब इसलिए कहा क्योंकि मोदी सरकार ने देश के लोगों पर, उनके अधिकारों पर, उनकी उम्मीदों पर हमला बोल रखा है, और उनकी रक्षा की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "जब गरीब या मध्यम वर्ग या नौकरीपेशा का महीने का बजट ही बिगड़ जाए, तो यह उसकी जिंदगी पर हमला है। जब देश की अर्थव्यवस्था औंधे मुंह गिरी हो, व देश का रुपया सरकार की साख़ के साथ-साथ गिरता जाए, तो यह देश के विकास और तरक्की पर हमला है। जब देश के करोड़ों काबिल युवाओं के लिए रोजगार ही न हो, व मौजूदा रोजगार भी घटते जाएं, तो यह देश की आजीविका पर हमला है। जब देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, वंचितों और शोषितों में असुरक्षा का माहौल हो, और आए दिन सरकार उनके अधिकारों का दमन करे, तो यह देश के मेहनतकशों की जिंदगी पर हमला है। जब देश का किसान दिल्ली के दरवाजे पर आत्महत्या को मजबूर हो जाए, और उसे एमएसपी की गारंटी के लिए अपनी ही सरकार से संघर्ष करना पड़े, तो यह अन्नदाता की जिंदगी पर हमला है। जब पड़ोसी देश चीन हमारी सरजमीं पर कब्ज़ा करे बैठा हो तथा आए दिन नए सैन्य निर्माण करें और सरकार चुप रहे, तो यह देश की अखंडता पर हमला है।
खरगे ने कहा, "हमें मिलकर इन सबके खिलाफ व नफरत के बीज बो कर बंटवारे की खेती काटने वाली सत्ताधारी ताकतों के खिलाफ़ मिलकर लड़ना है। यही हम सबका कर्तव्य भी है, और राष्ट्रधर्म भी । तो आईये मिलकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। कांग्रेस के Plenary Session व अन्य बातों को लेकर एजेंडा आपके सामने है। मैं आप सबसे अनुरोध करूंगा कि भविष्य के रोडमैप के बारे अपनी राय रखें।