दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को दार्जिलिंग में सुकना युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दार्जिलिंग के सुकना युद्ध स्मारक पर 'शस्त्र पूजा' किया। इस दौरान भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी उपस्थित रहें। इस दौरान रक्षा मंत्री ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा वैकल्पिक अलाइनमेंट गंगटोक-नाथुला रोड का उद्घाटन किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,''भारत चाहता है कि तनाव ख़त्म हो और शांति स्थापित हो। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूँ कि हमारी सेना भारत की एक इंच ज़मीन भी दूसरे के हाथ में नहीं जाने देगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,''भारत चीन की सीमा पर जो तनाव चल रहा है भारत ये चाहता है कि तनाव खत्म हो,शांति स्थापित हो है लेकिन कभी-कभी नापाक हरकत होती रहती है। मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि हमारे सेना के जवान किसी भी सूरत में अपने भारत की एक इंच भी ज़मीन किसी दूसरे के हाथों में जाने नहीं देंगे|
सिक्किम में बीआरओ द्वारा निर्मित एक एक्सल रोड का ई-उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज नेशनल हाईवे-310 के आंशिक वैकल्पिक मार्ग को, सिक्किम की जनता को समर्पित करते हुए मुझे बड़ी खुशी हो रही है। 'गंगटोक' से 'नाथू-ला' को जोड़ने वाला NH-310, पूर्वी सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की जीवन रेखा है|19.35 किलोमीटर लम्बे वैक्लपिक एन. एच. 310 का निर्माण करके, BRO ने पूर्वी सिक्किम के निवासियों एवं सेना की आकांक्षाओं को पूरा किया है|
रक्षा मंत्री ने कहा, पुराने वैकल्पिक मार्ग NH-310 पर भारी मात्रा में भूस्खलन एवं सिंकिंग की संभावनाओं वाला क्षेत्र है।इससे बरसात के मौसम में,यहाँ के लोगों एवं सेना को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।अब इस 19.35 किलोमीटर वैकल्पिक मार्ग NH-310बन जाने से ये दिक्कतें दूर हो सकेंगी|
राजनाथ सिंह ने कहा कि,''मैं आप सबको यह भी बताना चाहता हूँ कि BRO द्वारा सिक्किम के अधिकांश सीमावर्ती सड़कों का डबल लेन में अपग्रेडेशन किया जा रहा है। इसमें से ईस्ट सिक्किम में 65 किलोमीटर सड़क निर्माण-कार्य प्रगति पर है, तथा 55 किलोमीटर सड़क निर्माण योजना के तहत है|नॉर्थ सिक्किम में भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत ‘मंगन-चुगथांग-यूमेसेमडोंग’ और ‘चुगंथांग-लाचेन-जीमा-मुगुथांग-नाकुला’ तक 225 किलोमीटर डबल लेन सड़क का निर्माण कार्य नियोजित है। ये कार्य 9 पैकेजों में नियोजित किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 5710 करोड़ रुपए है|
रक्षा मंत्री ने कहा,''प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देश में, पूर्वोत्तर राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। BRO के पास पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुल 8090 किमी लम्बाई की सड़के हैं। इनमें से 5734 किमी. निर्माण योजना में है|हमारी सरकार का शुरू से ही देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित रहा है। सड़कें किसी भी राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं|