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24 अगस्त 2026

अगर शर्म बची है तो मोदी सरकार को देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए: 'मेडिकल जर्नल लैंसेट' की सरकार की आलोचना पर बोले पी. चिदंबरम

नई दिल्ली: भारत में बढ़ते कोरोना को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट ने कहा,' कि भारत को कोविड-19 को नियंत्रित करने में…

अगर शर्म बची है तो मोदी सरकार को देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए: 'मेडिकल जर्नल लैंसेट' की सरकार की आलोचना पर बोले पी. चिदंबरम
अगर शर्म बची है तो मोदी सरकार को देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए: 'मेडिकल जर्नल लैंसेट' की सरकार की आलोचना पर बोले पी. चिदंबरम | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: भारत में बढ़ते कोरोना को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट ने कहा,' कि भारत को कोविड-19 को नियंत्रित करने में अपनी शुरुआती सफलताओं के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार ने आत्म-उकसावे वाली राष्ट्रीय तबाही की।




'द लैंसेट' की तीखी प्रतिक्रिया के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है| उन्होंने कहा,''अब अगर शर्म बची है, तो मोदी सरकार को देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।




वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा,''आज के लांसेट के संपादकीय के बाद, अगर शर्म बची है, तो सरकार को देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। महामारी से लड़ने का काम एक सशक्त समूह और प्रधानमंत्री पर छोड़ दिया जाना चाहिए, स्वास्थ्य मंत्री और डॉक्टर-सलाहकारों की तिकड़ी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई हिस्सा नहीं होना चाहिए।




कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,'''अब समूचे विश्व के वैज्ञानिक मुखरता से कह रहे हैं,  "भारत में महामारी की राष्ट्रीय तबाही के जिम्मेदार- श्री नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार। ये नाक़ाबिले माफ़ी है।




गौरतलब है,''मेडिकल रिसर्च जनरल 'द लेंसेट' ने अपने एक संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की कार्यशैली पर तल्ख टिप्पणी की है। जनरल ने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम माफी लायक नहीं हैं, उन्हें पिछले साल कोरोना महामारी के सफल नियंत्रण के बाद दूसरी लहर से निपटने में हुई अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।




द इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के संपादकीय के हवाले से अनुमान लगाया गया है कि भारत में इस साल 1 अगस्त तक कोरोना महामारी से 10 लाख लोगों की मौत हो जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो मोदी सरकार इस राष्ट्रीय तबाही के लिए जिम्मेदार होगी। क्योंकि, कोरोना के सुपर स्प्रेडर के नुकसान के बारे में चेतावनी के बावजूद सरकार ने धार्मिक आयोजनों को अनुमति दी, साथ ही कई राज्यों में चुनावी रैलियां कीं।



आलोचनाओं पर लगाम लगाने में लगी है सरकार

जनरल ने आगे लिखा कि मोदी सरकार कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के बजाय ट्विटर पर हो रही आलोचनाओं और खुली बहस को हटाने में ज्यादा जोर लगा रही है। जनरल ने भारत सरकार की वैक्सीन पॉलिसी की भी आलोचना की है। उसने लिखा कि सरकार ने राज्यों के साथ नीति में बदलाव पर चर्चा किए बिना अचानक बदलाव किया और 2% से कम जनसंख्या का टीकाकरण करने में ही कामयाब रही।




हेल्थ सिस्टम पर भी उठाए सवाल

जनरल ने भारत के हेल्थ सिस्टम पर भी सवाल खड़ा किया है। पत्रिका ने आगे लिखा कि अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही है, वे दम तोड़ रहे हैं। मेडिकल टीम भी थक गई है, वे संक्रमित हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर व्यवस्था से परेशान लोग मेडिकल ऑक्सीजन, बेड, वेंटिलेटर और जरूरी दवाइयों की मांग कर रहे हैं।



जानकारी के बावजूद सरकार बेपरवाह रही

लेंसेट ने आगे बताया कि हेल्थ मिनिस्टर डॉ. हर्षवर्धन मार्च के पहले ऐलान करते हैं कि अब महामारी खत्म होने को है। केंद्र सरकार ने बेहतर मैनेजमेंट के साथ कोरोना को हराने में सफलता प्राप्त की है। लेकिन दूसरी लहर की बार-बार चेतावनी के बावजूद भी सरकार नहीं चेती।




दूसरे वेव में मोदी सरकार ने बड़ी गलतियां की हैं। महामारी के बढ़ते संकट के बीच सरकार को एक बार फिर जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। संपादकीय में केंद्र सरकार को दो तरफा रणनीति पर काम करने का सुझाव दिया गया है। पहला- भारत को वैक्सीनेशन प्रोग्राम बेहतर ढंग से लागू करना चाहिए और इसे तेजी के साथ बढ़ाने पर काम हो। दूसरा- सरकार जनता को सही आंकड़े और जानकारियां मुहैया करवाए।






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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