नई दिल्ली: बिहार में हाजीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद पशुपति कुमार पारस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अपना नाता तोड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे समझौते में उनकी पार्टी को शामिल नहीं किए जाने के बाद "अन्याय" का आरोप लगाते हुए मंगलवार को मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। आरएलजेपी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा थी, लेकिन आगामी आम चुनाव में उसे कोई सीट नहीं दी गई।
यह घटनाक्रम भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा बिहार में सीट-बंटवारे के विवरण की घोषणा के एक दिन बाद आया है। सोमवार को एनडीए ने बिहार की 40 सीटों का अपने घटक दलों में बंटवारा किया था। इसमें उनके भतीजे चिराग पासवान को लोक जनशक्ति पार्टी के नाम पर पांच सीटें दी गईं। चिराग और पारस, दोनों हाजीपुर से चुनाव लड़ना चाहते थे और यह मौका अंतत: दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे चिराग को दिया गया। चिराग पासवान गुट को पांच टिकट दिए गए हैं - हाजीपुर, जमुई, वैशाली, समस्तीपुर और खगड़िया।
पशुपति कुमार पारस और उनके बेटे प्रिंस राज सहित आरएलजेपी के पांच अन्य सांसद 2021 में भाजपा के साथ चले गए थे, जब चिराग पासवान ने अपने दम पर राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था। वह बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) को एनडीए का हिस्सा बनाए जाने के भी खिलाफ थे | चिराग और जदयू, जो अब एनडीए का हिस्सा है, के बीच कड़वे मतभेद के बाद पारस और उनके गुट ने चिराग को लोकसभा में संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया था
लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस ने मंगलवार को इस्तीफे की जानकारी दिल्ली में मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि,“हमारे और हमारी पार्टी के साथ अन्याय हुआ है। इसलिए, मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देता हूं।”
पारस बोले-“हमारे साथ अन्याय हुआ”
पारस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "कल, एनडीए गठबंधन ने बिहार लोकसभा के लिए 40 उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की... हमारी पार्टी के पांच सांसद थे और मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया।" उन्होंने कहा कि , ''सोमवार को जब एनडीए ने सीट बंटवारे की घोषणा की तो मुझे एहसास हुआ कि मेरे साथ व्यक्तिगत रूप से और मेरी पार्टी के साथ भी नाइंसाफी हुई है। इसलिए, मैंने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।''
भाजपा पुराने सदस्यों का सम्मान करती है.... नए सदस्यों का स्वागत करती है: विजय कुमार सिन्हा
पशुपति कुमार पारस के केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने और एनडीए में 'अन्याय' का आरोप लगाने पर बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "बीजेपी-एनडीए सबका सम्मान करती है और सबको मौका देती है। भाजपा पुराने सदस्यों का सम्मान करती है और नए सदस्यों का स्वागत करती है और उन्हें अवसर भी देती है। उनके परिवार के सदस्य चिराग पासवान को उनके पिता के निधन के बाद अवसर मिलना चाहिए था। लेकिन पार्टी उन्हें (पशुपति कुमार पारस) मौका देती रह गई। वह कैबिनेट मंत्री रहे...अब सभी को सम्मान दिया जाता है, कोई समस्या नहीं है। पीएम मोदी सभी को साथ लेकर चलते हैं और सही समय आने पर उचित सम्मान देते हैं।''
पारस कभी भी एनडीए के सच्चे सिपाही नहीं थे...: मांझी
पशुपति कुमार पारस के केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने और एनडीए में 'अन्याय' का आरोप लगाने पर बिहार के पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) नेता जीतन राम मांझी ने कहा, "वह दो तरह के बयान दे रहे थे। वह खुद को एनडीए का सिपाही बता रहे थे और अब उन्होंने एनडीए छोड़ दिया है। इसका मतलब है कि वह कभी भी एनडीए के सच्चे सिपाही नहीं थे..."
NDA में तो नाइंसाफी ....: तेज प्रताप यादव
RLJP प्रमुख पशुपति पारस द्वारा केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने पर राजद नेता तेज प्रताप यादव ने कहा, "NDA में तो नाइंसाफी होती ही है। अच्छा किया कि उन्होंने(पशुपति पारस) छोड़ दिया। उनको तो बहुत पहले ही छोड़ देना चाहिए था...यह अच्छा निर्णय है..."
भाजपा का चरित्र -मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं: मृत्युंजय तिवा
RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "भाजपा का यह चरित्र रहा है कि-मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं। पशुपति पारस के साथ उन्होंने वो ही किया जो इससे पहले भी सहयोगियों के साथ किया है...पहले चिराग पासवान की पार्टी को तोड़ा और अब चिराग पासवान को अपने साथ लाए और चाचा को सड़क पर छोड़ दिया...महागठबंधन में सीट बंटवारे का फार्मूला अंतिम दौर में है और जल्द इसकी घोषणा कर दी जाएगी..."