नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है| पेट्रोल-डीजल ही नहीं बल्कि खाद्य तेल के ??ाम ने भी आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है| सरसों तेल का भाव करीब दोगुना मंहगा हो चुका है| इस बीच पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस 11 जून को देशभर के पेट्रोल पंपों के सामने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 'केन्द्र की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण देश के लोग पिछले 15 महीने से कोविड-19 की मार से जूझ रहे हैं, जिसमें उन्हें एक तरफ तो सही समय पर दवाई और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिली, दूसरी तरफ गिरती अर्थव्यवस्था और घटते रोजगारों के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा आम नागरिकों को कोई आर्थिक सहायता ना दिए जाने के कारण आर्थिक परेशानियां झेल रहे हैं। इस सबके बावजूद जनता की दुख-तकलीफ से बिल्कुल बेपरवाह भाजपा सरकार देश के नागरिकों पर पेट्रोल व डीजल के मूल्यों में हर रोज बढ़ोतरी करके महंगाई का बोझ डाल रही हैं।
कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने कहा कि,''भाजपा सरकार ने पिछले 7 साल में पेट्रोल व डीजल के टैक्सों में बार-बार भारी बढ़ोतरी करके पेट्रोल व डीजल की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। भाजपा सरकार द्वारा कांग्रेस सरकार की तुलना में पेट्रोल पर 23 रुपए 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 28 रुपए 37 पैसे प्रति लीटर की दर से टैक्सों में बढ़ोतरी की गई है। इन्हीं गलत नीतियों और भारी भरकम टैक्सों के कारण देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें आज 100 रुपए प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर चुकी हैं और डीजल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर होने की कगार पर हैं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि,सभी जानते हैं कि पेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर सभी प्रकार की वस्तुओं पर पड़ता है और उन्हें महंगा बनाता है, जिससे आज देश का हर व्यक्ति महंगाई से त्रस्त है। भाजपा सरकार की गलत प्राथमिकताओं और जनविरोधी नीतियों का अंदाजा भी इस बात से लगाया जा सकता है कि कोरोना महामारी के पिछले 13 माह में ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 25 रुपए 97 पैसे और 24 रुपए 18 पैसे की अभूतपूर्व बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2021 के 5 माह में ही पेट्रोल-डीजल में 44 बार बढ़ोतरी की गई है, जो केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा जनता से लूट का जीता-जागता उदाहरण है।
वेणुगोपाल ने कहा कि,''पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ और ईंधन की कीमतों में की गई इस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आगामी शुक्रवार 11 जून, 2021 को पूरे देश में पेट्रोल पंपों के सामने प्रतिकात्मक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इन सांकेतिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस की कीमतों में हो रही निरंतर वृद्धि, अभूतपूर्व आर्थिक मंदी, बढ़ती बेरोजगारी और सभी जरूरी वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों से आम जनता को हो रही परेशानियों की तरफ ध्यान आकर्षित किया जाएगा। ये सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी की स्थानीय इकाइयों द्वारा विभिन्न इलाकों के स्थानीय, जिला और राज्य प्रशासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 प्रोटोकॉल का कठोरता से पालन करते हुए आयोजित किए जाएंगे। कोविड प्रदर्शन के समय जनसभाएं आयोजित नहीं होंगी और पार्टी नेताओं द्वारा पूरे समय मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जाएगी।
बता दें कि,''एक दिन की राहत के बाद एक बार फिर बुधवार यानी 9 जून, 2021 को पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा हो गया है| आज पेट्रोल के दामों में 24 से 27 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, वहीं डीजल के दाम 25-28 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ाए गए हैं| बता दें कि भले ही जून का यह महज नौवां दिन है, लेकिन अब तक पांच दिन रिटेल फ्यूल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं| जून में पेट्रोल 1.33 रुपए महंगा हो चुका है जबकि डीजल 1.32 रुपए महंगा हुआ है|