नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में कोविड-19 की स्थिति पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में टीके की 10 फीसदी तक बर्बादी हो रही है। उन्होंने टीके के बर्बादी को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर योजना और शासन की कमियों को तुरंत ठीक करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें कोरोना वायरस के म्यूटेंट की पहचान करने और उसके प्रभावों का आकलन करने की आवश्यकता है। उन्होंने देश में टीकाकरण की लगातार बढ़ रही गति और एक ही दिन 30 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किए जाने की भी सराहना की। लेकिन साथ ही उन्होंने टीके की खुराक के बर्बाद होने की समस्या को बहुत गंभीरता से लेने की चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा,'' तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में टीके की 10 फीसदी तक बर्बादी हो रही है। उन्होंने टीके के बर्बादी को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर योजना और शासन की कमियों को तुरंत ठीक करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि,'' संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बुनियादी कदमों में मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, स्वच्छता का ध्यान रखना जैसे कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने आग्रह किया कि इस तरह के कदमों में कोई ढिलाई न बरती जाए और इन कदमों को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जाय। उन्होंने टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाने का आह्वान किया और टीका बेकार होने तारीख के बारे में सतर्क रहने को भी कहा है। अंत में उन्होंने कहा कि “दवाई भी और कड़ाई भी” जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 70 जिलों में पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना के मामलों में 150 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आग्रह किया कि दोबारा तेजी से बढ़ने वाले संक्रमण को तुरंत रोकने की जरूरत है। नहीं तो कोरोना की दूसरी लहर को रोकना मुश्किल होगा। और ऐसा नहीं कर पाने पर पूरे देश में कोरोना की विस्फोटर स्थिति होने का डर है।कोरोना की "दूसरी लहर" को रोकने के लिए, प्रधानमंत्री ने तुरंत और निर्णायक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके लिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर प्रशासन की समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क को कम से कम समय में ट्रैक करना और आरटी-पीसीआर परीक्षण दर को 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने केरल, ओडीशा, छत्तीसगढ़ और यूपी जैसे राज्यों में आरटी-पीसीआर परीक्षणों पर ज्यादा जोर देने को कहा। यह राज्य रैपिड एंटीजन परीक्षणों पर अधिक बल दे रहे हैं।