माणा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को उत्तराखंड के माणा में कहा,'''माणा गांव से मेरा पुराना नाता है| 25 साल पहले मैंने माणा गांव में ही उत्तराखंड BJP कार्यसमिति की बैठक बुलाई थी"| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, शुक्रवार को माणा में 3400 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क और रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा,'' माणा गांव, भारत के अंतिम गांव के रूप में जाना जाता है। लेकिन जैसे हमारे मुख्यमंत्री जी ने इच्छा प्रकट की अब तो मेरे लिए भी सीमा पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''सीमा पर बसे आप जैसे सभी मेरे साथी देश के सशक्त प्रहरी हैं। और मैं आज माणा गांव की पुरानी यादें ताजा करना चाहता हूं। शायद कुछ पुराने लोग हों उनको याद हो, मैं तो मुख्यमंत्री बन गया, प्रधानमंत्री बन गया, इसलिए सीमा के इस पहले प्रहरी गांव को याद कर रहा हूं, ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा,''आज से 25 साल पहले जब मैं उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में काम करता था। न कोई मुझे ज्यादा जानता था, ना मेरे उस प्रकार का कोई पब्लिक लाईफ था। मैं संगठन के लोगों के बीच में ही अपना जीवन गुजारता था, काम करता था और उस समय माणा में मैंने उत्तराखंड भाजपा की कार्यसमिति की मीटिंग बुलाई थी। तो मेरे उत्तराखंड के सारे कार्यकर्ता मेरे से बहुत उस समय नाराज थे, प्रश्न पूछते थे कि साहब इतना दूर कितनी मेहनत से जाना पड़ेगा, कितना समय जाएगा।
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मोदी ने कहा,'' मैंने कहा भाई जिस दिन उत्तराखंड बीजेपी के दिल में माणा का महत्व पक्का हो जाएगा ना, उत्तराखंड की जनता के दिल में भाजपा के लिए महत्व बन जाएगा। और उसी का परिणाम ये माणा गांव की मिट्टी की ताकत है। ये माणा गांव के मेरे भाइयों-बहनों का आदेश है, आशीर्वाद है कि आज लगातार आपके आशीर्वाद बने रहते हैं। और मैं तो उत्तराखंड में नई सरकार बनने के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में पहली बार बोल रहा हूं। तो मैं आज जब यहां आया हूं, और माणा की धरती से मैं पूरे उत्तराखंड के भाई-बहनों को, हम सबको दोबारा सेवा करने का मौका दिया है, इसलिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
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इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री ने केदारनाथ जाकर केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। वे आदि गुरु शंकराचार्य समाधि स्थल भी गए और मंदाकिनी आस्थापथ तथा सरस्वती आस्थापथ पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री बद्रीनाथ भी गए और श्री बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अलकनंदा रिवरफ्रंट पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की।