नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र' (Rashtriya Swachhata Kendra) का उद्घाटन किया। यह स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक इंटरैक्टिव एक्सपीरियंस सेंटर है। राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र 'स्वच्छ भारत मिशन' को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया एक इंटरैक्टिव अनुभव केंद्र है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र में 'स्वच्छ भारत मिशन' पर एक लघु वीडियो भी देखा।
'राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र' का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा,'' आज का दिवस हिन्दुस्तान के इतिहास में 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' का है, हम अभियान चला रहे हैं 'गंदगी भारत छोड़ो' ,''आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। देश की आजादी में आज की तारीख यानि 8 अगस्त का बहुत बड़ा योगदान है। आज के ही दिन, 1942 में गांधी जी की अगुवाई में आज़ादी के लिए एक विराट जनांदोलन शुरू हुआ था, अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा था|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'ऐसे ऐतिहासिक दिवस पर, राजघाट के समीप, राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का लोकार्पण अपने आप में बहुत प्रासंगिक है। ये केंद्र, बापू के स्वच्छाग्रह के प्रति 130 करोड़ भारतीयों की श्रद्धांजलि है, कार्यांजलि है| राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र, गांधी जी के स्वच्छाग्रह और उसके लिए समर्पित कोटि-कोटि भारतीयों के विराट संकल्प को एक जगह समेटे हुए है। इस केंद्र में सत्याग्रह की प्रेरणा से स्वच्छाग्रह की हमारी यात्रा को आधुनिक टेक्नॉलॉजी के माध्यम से दर्शाया गया है, दिखाया गया है|
मोदी ने कहा,''गांधी जी कहते थे “स्वराज सिर्फ साहसी और स्वच्छ जन ही ला सकते हैं।” स्वच्छता और स्वराज के बीच के रिश्ते को लेकर गांधी जी इसलिए आश्वस्त थे क्योंकि उन्हें विश्वास था कि गंदगी अगर सबसे ज्यादा नुकसान किसी का करती है, तो वो गरीब है|जबतक जनता में आत्मविश्वास पैदा नहीं होता, तबतक वो आजादी के लिए खड़ी कैसे हो सकती था? इसलिए, साउथ अफ्रीका से लेकर चंपारण और साबरमती आश्रम तक, उन्होंने स्वच्छता को ही अपने आंदोलन का बड़ा माध्यम बनाया|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,जैसे गंगा जी की निर्मलता को लेकर हमें उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं, वैसे ही देश की दूसरी नदियों को भी हमें गंदगी से मुक्त करना है। यहां पास में ही यमुना जी हैं। यमुना जी को भी गंदे नालों से मुक्त करने के अभियान को हमें तेज़ करना है|
ये करते समय दो गज़ की दूरी, मास्क है ज़रूरी, इस नियम को ना भूलें। कोरोना वायरस हमारे मुंह और नाक के रास्ते ही फैलता भी है और फलता-फूलता भी है। ऐसे में मास्क, दूरी और सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकने के नियम का सख्ती से पालन करना है
देश को कमजोर बनाने वाली बुराइयां भारत छोड़ें, इससे अच्छा और क्या होगा। इसी सोच के साथ बीते 6 साल से देश में एक व्यापक भारत छोड़ो अभियान चल रहा है। गरीबी- भारत छोड़ो ..... खुले में शौच की मजबूरी- भारत छोड़ो.... पानी के दर-दर भटकने की मजबूरी- भारत छोड़ो...भारत छोड़ो के ये सभी संकल्प स्वराज से सुराज की भावना के अनुरूप ही हैं। इसी कड़ी में आज हम सभी को ‘गंदगी भारत छोड़ो’ का भी संकल्प दोहराना है। आइए, आज से 15 अगस्त तक यानि स्वतन्त्रता दिवस तक देश में एक सप्ताह लंबा अभियान चलाएं: