अंबाला/नई दिल्ली: चीन के साथ विवाद के बीच भारत की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप बुधवार दोपहर को अंबाला एयरबेस पर पहुंच गई है। राफेल जेट विमान का पहला बैच दोपहर करीब 3:30 बजे अंबाला एयरबेस पहुंचा| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल विमानों का भारत में स्वागत किया।
5 राफेल विमान के अंबाला पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया,'' राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।। नभः स्पृशं दीप्तम्... स्वागतम्! #RafaleInIndia (इसका मतलब है 'राष्ट्र की रक्षा से बड़ा न कोई पुण्य है, कोई न व्रत है और न ही कोई यज्ञ है। आकाश को स्पर्श करने वाले... स्वागत है।)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिलसिलेवार ट्वीट करके पांचों राफेल जेट के अंबाला पहुंचने की जानकारी दी| रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''राफेल अंबाला में सुरक्षित लैंड कर चुके हैं। भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का आना हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। ये मल्टीरोल विमान भारतीय वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे
भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इनकी तस्वीरों को भी शेयर किया। वायु सेना ने अपने ट्वीट में लिखा, गोल्डेन एरो का स्वागत है। राफेल विमानों का सुखोई ने स्वागत किया। बता दें कि राफेल विमानों के बेड़े को वायु सेना ने 'गोल्डेन एरो' नाम दिया है।
बता दें कि पांच राफेल विमानों के इस बेड़े ने सोमवार को फ्रांस के शहर बोरदु से उड़ान भरी थी। बीच में ये विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल धाफरा एयरबेस पर रुके थे। इन विमानों में 30 हजार फुट की ऊंचाई पर हवा में ही ईंधन भरा गया था, इस काम के लिए फ्रांस के टैंकर की मदद ली गई थी।
राफेल जेट की खासियतें राफेल जेटहवा से जमीन पर मार करने वाली और हवा से हवा में मार करने की मिसाइल जे जा सकता है| लगातार 10 घंटे उड़ सकता है.एक मिनिट में 60 हजार प्फुट की ऊंचाई पर जा सकता है| हवा में ईंधन भरा जा सकता है 2130 KM/घंटा की रफ्तार से उड़ने में सक्षम 3700 किमी तक मारक क्षमता है|