नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला| प्रियंका गांधी ने माइनस जीडीपी, बेरोजगारी दर, लगातार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, सरसों तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर पर निशाना साधा| माइनस जीडीपी, बेरोज़गारी और महंगाई के आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि “अर्थव्यवस्था में आपदा और आपदा में अवसर” यही मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक है|
ट्विटर पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधाते हुए लिखा है,''विकास दर: -7.3
बेरोजगारी दर: 12%
दूसरी लहर: 1 करोड़ नौकरियां खत्म
2020: 97% लोगों की आय घटी
पेट्रोल- 100रु
सरसों का तेल- 200रु
रसोई गैस- 809रु
उन्होंने कहा कि ,''“अर्थव्यवस्था में आपदा और आपदा में अवसर” यही मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक है।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने सोमवार को 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के जीडीपी के आंकड़े जारी किए| वित्तीय वर्ष 2021 में भारत की विकास दर -7.3% रही जो पिछले चार दशक से अधिक समय में यह सबसे खराब प्रदर्शन है| सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान 1.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी| हालांकि पूरे वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी में 7.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है|
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था में 2020-21 के दौरान 7.3 प्रतिशत की गिरावट होने पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि अगर 2021-22 में ऐसी स्थिति से बचना है तो सरकार को अपनी गलतियां स्वीकार करते हुए विपक्ष एवं अर्थशास्त्रियों की सलाह सुननी चाहिए|
पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था की लिहाज से 2020-21 को पिछले चार दशक का ‘सबसे अंधकारमय’ साल करार दिया और यह आरोप भी लगाया कि कोरोना महामारी के साथ ही सरकार के ‘अकुशल एवं अक्षम आर्थिक प्रबंधन’ हालात और बिगड़ गए|
उन्होंने कहा, ‘‘जिसका अंदाजा लगाया जा रहा था, वही हुआ| पिछले वित्त वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई|’ चिदंबरम ने कहा कि 2018-19 में जीडीपी 140,03,316 करोड़ थी| 2019-20 में यह 145,69,268 करोड़ रुपये थी और 2020-21 में यह घटकर 135,12,740 करोड़ रुपये हो गई| यह देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति को बताता है|‘‘साल 2020-21 पिछले चार दशक में देश की अर्थव्यवस्था का सबसे अंधकारमय साल रहा है| चारों तिमाही के आंकड़े अर्थव्यवस्था की कहानी बयां करते हैं|