नई दिल्ली: करीब 6 लाख आशा वर्कर (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट) अपनी कई सारी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रही हैं| अपनी मांगों की ओर ध्यान दिलाने के लिए देश भर की आशा वर्कर 7 अगस्त यानी आज से दो दिन की हड़ताल पर हैं| इस को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि, आशा कार्यकर्ता घर-घर तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुँचती हैं।आशा वर्कर स्वास्थ्य वॉरीयर्स हैं लेकिन आज ख़ुद अपने हक़ के लिए हड़ताल करने पर मजबूर हैं। सरकार गूँगी तो थी ही, अब शायद अंधी-बहरी भी है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा,'आशा कार्यकर्ता देशभर में घर-घर तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुँचती हैं। वो सच मायने में स्वास्थ्य वॉरीयर्स हैं लेकिन आज ख़ुद अपने हक़ के लिए हड़ताल करने पर मजबूर हैं। सरकार गूँगी तो थी ही, अब शायद अंधी-बहरी भी है।
बता दें कि,''आशा वर्कर्स की मांग है कि उन्हें बेहतर और समय पर वेतन मिले, और एक कानूनी स्थिति जो न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करे, ताकि जिस तरह वो देश के पिछड़े और पहुंच से दूर इलाकों में जाकर अधिकारियों की मदद कर रही हैं वो जारी रख सकें| इस हड़ताल के लिए 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़ा मंच भी साथ आया है| इंटक, एआईटीयूसी, सीटू, जैसी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़े आंगनवाड़ी, आशा, मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े संगठन हड़ताल में शामिल होंगे|