नई दिल्ली: मोदी सरकार के 'परिसंपत्ति नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन' योजना को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा| राहुल गांधी ने कहा कि,'जनता के खून पसीने की कमाई से बनी सरकारी संपत्तियों को मोदी सरकार अपने चार पांच पूंजीपति मित्रों को सौंप रही है| जो सम्पत्ति 70 साल में बनी उसे तीन - चार उद्योगपतियों को बेचा जा रहा है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि,''प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने 2-3 पूंजीपति मित्रों के सहारे हिंदुस्तान के युवाओं पर आक्रमण कर रहे हैं। जैसे-जैसे सरकार निजी हाथों में सरकारी संपत्तियों को बेचेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खत्म होते चले जाएंगे।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि,'मोदी और भाजपा का एक नारा था कि '70 साल में कुछ नहीं हुआ' और कल वित्त मंत्री ने जो भी 70 साल में इस देश की पूंजी बनी थी उसे बेचने का फैसला ले लिया है, मतलब प्रधानमंत्री ने सब कुछ बेच दिया|
राहुल गांधी ने कहा कि,सारे के सारे निजीकरण एकाधिकार बनाने के लिए किए जा रहे हैं। पावर, टेलीकॉम, वेयर हाउसिंग, माइनिंग, एयरपोर्ट, पोर्ट्स ये सब एकाधिकार बनाने के लिए किया जा रहा है। आप जानते हो पोर्ट्स किसके हाथ में हैं, एयरपोर्ट किसको मिल रहे है|
जैसे ही एकाधिकार बनता जाएगा उसी तेज़ी से आपको रोज़गार मिलना बंद हो जाएगा। इस देश में जो छोटे और मध्यम व्यवसाय हैं जो कल आपको रोज़गार देंगे वो सब बंद हो जाएंगे, ख़त्म हो जाएंगे। 3-4 व्यवसाय रहेंगे इनको रोज़गार देने की कोई ज़रूरत नहीं रहेगी|
राहुल गांधी ने कहा कि,''हिन्दुस्तान की पूंजी बेची जा रही है, ये आपके भविष्य पर आक्रमण है। नरेंद्र मोदी जी अपने 2-3 उद्योगपति मित्रों के साथ हिन्दुस्तान के युवा पर आक्रमण कर रहे हैं, इसे आप अच्छी तरह समझिए|