नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है| कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विलफुल डिफॉल्टर्स को बचाने का काम किया है, जिसके कारण रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल की नौकरी गई|
मंगलवार को रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर के बयान को शेयर करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा- "उर्जित पटेल बैंकिंग प्रणाली को क्लीन करने के प्रयास किया, इसलिए उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी... ..क्यों?......प्रधानमंत्री नहीं चाहते थे कि वे विल्फुल डिफाल्टरों पर कोई कार्रवाई करे|
दरअसल, आरबीआई के पूर्व गर्वनर उर्जित पटेल की हाल ही में एक किताब जारी है। इस किताब में मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने लोन न चुकाने वाले लोगों पर नरमी बरती और आरबीआई को भी ऐसा ही करने को कहा गया। इस मुद्दे पर राहुल ने अब केंद्र सरकार को घेरा है।
इस किताब में दावा किया गया था कि आरबीआई की तरफ से डिफॉल्टर को लेकर जो सर्कुलर जारी किया गया था, उसे लेकर सरकार की तरफ से आदेश दिया गया कि इसे वापस लिया जाए। बता दें कि, मोदी सरकार के कार्यकाल में उर्जित पटेल, रघुराम राजन आदि आरबीआई के गवर्नरों ने सरकार के साथ तनातनी के चलते इस्तीफा दे दिया था।
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के अनुसार, एक नए दिवालियापन कानून को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच मतभेद थे। पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा हैं कि बैंकिंग प्रणाली को साफ करने के प्रयासों ने पटेल को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी| आचार्य ने कहा कि रिजर्व बैंक की स्वायत्तता को सरकार लगातार कमजोर करने की कोशिश कर रही थी, इसीलिए उर्जित पटेल को समय से पहले पद छोड़ना पड़ा|
गौरतलब है कि गत 24 जुलाई को ही रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल की भी पुस्तक Overdraft -saving the Indian saver रिलीज हुई है, जिसमें उन्होंने भी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं| उर्जित पटेल ने कहा है कि तत्कालीन वित्त मंत्री के साथ उनका मतभेद दिवालिया मामलों को लेकर सरकार के फैसलों से शुरू हुआ, जिनमें कंपनियों से काफी नरमी बरती गई थी|