नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच कई राज्यों में वैक्सीन की कमी का मामला अब गरमाता जा रहा है| कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कई राज्यों में ने केंद्र को खत लिखा है| इस मामले पर विपक्ष ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी तेज कर दी है| सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबके लिए वैक्सीन अभियान की शुरुआत की है| राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी करते हुए ट्वीट किया,''कोरोना वैक्सीन देश की ज़रूरत है। आप भी इसके लिए अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए- सबको हक़ है सुरक्षित जीवन का। #SpeakUpForVaccinesForAll
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ,''385 दिन में भी कोरोना से लड़ाई नहीं जीत पाए- उत्सव, ताली-थाली बहुत हो चुके अब देश को वैक्सीन दो!
राहुल गांधी ने कहा कि ,हमारे वैज्ञानिक समुदाय और वैक्सीन आपूर्तिकर्ता ने समाधान विकसित करने के लिए ओवरटाइम काम किया, लेकिन उनके प्रयासों को केंद्र के खराब कार्यान्वयन और निगरानी ने कमजोर कर दिया|
उन्होंने कहा कि,''भारत के पास वैक्सीन की दौड़ में आगे होने का लाभ था; फिर भी हम वैक्सीनेशन प्रक्रिया में बहुत ही धीमी गति से चल रहे हैं। वर्तमान में, हम 3 महीने में अपनी जनसंख्या अनुपात का सिर्फ 1% ही वैक्सीनेशन (दोनों डोज) कर पाये हैं|
उन्होंने कहा कि,''यहां पर कोई स्पष्ट कारण नहीं है कि सरकार ने बड़े स्तर पर वैक्सीन के निर्यात की अनुमति क्यों दी; जबकि हमारा देश वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। वैक्सीन की 6 करोड़ से अधिक डोज का निर्यात किया जा चुका है| हमारे टीकाकरण कार्यक्रम को वैक्सीन प्रमाणपत्र पर एक व्यक्ति की तस्वीर से परे जाना है, अधिकतम टीकाकरण की गारंटी सुनिश्चित करना है|
राहुल गांधी ने कहा कि ,'इन्होंने 18 दिन में कोरोना से लड़ाई जीतने की बात कही। थाली-घण्टी बजवा दी। लेकिन कोरोना बढ़ता गया, अब दूसरी लहर है लाखों लोग शिकार हो गये हैं। अब इवेंटबाजी बंद कीजिये, जिसको वैक्सीन की जरूरत है दिलवाइये और वैक्सीन का एक्सपोर्ट बंद कीजिए|