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24 अगस्त 2026

'आर्थिक पैकेज नहीं, एक और ढकोसला': 'लोन गारंटी योजना' पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 'कोविड से प्रभावित सेक्टरों के लिए 'लोन गारंटी योजना' पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है| वित्त मंत्र…

'आर्थिक पैकेज नहीं, एक और ढकोसला': 'लोन गारंटी योजना' पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
'आर्थिक पैकेज नहीं, एक और ढकोसला': 'लोन गारंटी योजना' पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 'कोविड से प्रभावित सेक्टरों के लिए 'लोन गारंटी योजना' पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 'क्रेडिट गारंटी योजना' की घोषणा किए जाने को ‘एक और ढकोसला’ करार देते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस ‘आर्थिक पैकेज’ से कोई परिवार अपने रहने, खाने, दवा और बच्चे की स्कूल की फीस का खर्च वहन नहीं कर सकता|



मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘FM (वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण) के ‘आर्थिक पैकेज’ को कोई परिवार अपने रहने-खाने-दवा-बच्चे की स्कूल फ़ीस पर ख़र्च नहीं कर सकता। पैकेज नहीं, एक और ढकोसला!



पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘कुछ प्रारंभिक सत्य: क्रेडिट गारंटी क्रेडिट नहीं है। क्रेडिट अधिक कर्ज है, कर्ज में डूबे कारोबार को कोई बैंकर कर्ज नहीं देगा। कर्ज के बोझ तले दबे या नकदी की कमी से जूझ रहे कारोबारियों को ज्यादा कर्ज नहीं चाहिए, उन्हें गैर-क्रेडिट पूंजी की जरूरत होती है।



पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘उस स्थिति में मांग (उपभोग) से अर्थव्यवस्था में गति नहीं आएगी जहां नौकरियां खत्म हो गई हों और आय कम हो गई हो। इस संकट का एक समाधान यह है कि लोगों के हाथ में पैसे दिए जाएं, खासकर गरीबों और मध्यम वर्ग की मदद की जाए।’’



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा,''अधिक आपूर्ति का मतलब अधिक मांग (खपत) नहीं है। इसके विपरीत, अधिक मांग (खपत) अधिक आपूर्ति को गति प्रदान करेगी। ऐसी अर्थव्यवस्था में मांग (खपत) नहीं बढ़ेगी जहां नौकरियां चली गई हैं और आय/मजदूरी कम हो गई है। इस संकट के समय में लोगों के हाथ में पैसा डालने की जरूरत है, खासकर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लिए।




गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के इरादे से स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिये 1.1 लाख करोड़ रुपये की रिण गारंटी योजना समेत विभिन्न उपायों की घोषणा की है।साथ ही उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिये आपातकाल ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत सीमा 50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 लाख करोड़ रुपये किये जाने का ऐलान भी किया।




निर्मला सीतारमण ने कहा,''कोविड से प्रभावित सेक्टरों के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना है और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए 50,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं| इस स्कीम में अकेले 50,000 करोड़ हेल्थ सेक्टर के लिए दिया जा रहा है, बाकी 60,000 करोड़ अन्य सेक्टरों में दिया जाएगा|





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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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