नई दिल्ली: कांग्रेस ने कहा, कोरोना की दूसरी लहर अब एक अत्यंत गंभीर आपदा का रूप धारण कर चुकी है और ये कोरोना की दूसरी लहर मोदी सरकार की नाकामी का सबूत है।कांग्रेस ने कहा,'' प्रधानमंत्री देश को कोरोना संकट की गिरफ्त से निकालने के प्रति गंभीर नहीं हैं। टीकाकरण की धीमी गति, टीकों के निर्यात और टीकाकरण के लिए कोई योजना न होना लापरवाही को दर्शा रहा है। प्रधानमंत्री की लापरवाही ने देश को तबाही में धकेला है।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''कांग्रेस कार्यसमिति ने कोरोना की अप्रत्याशित त्रासदी पर अपनी गहन चिंता जाहिर की। समिति ने ये भी कहा कि कोरोना की दूसरी वेव अब एक अत्यंत गंभीर आपदा का रूप धारण कर चुकी है और ये मोदी सरकार की नाकामी का सबूत है|
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,,'कोरोना से जिस प्रकार से जानमाल का नुकसान हो रहा है और जिस प्रकार से यह सरकार अपराधिक तौर से निष्क्रिय है और मोदी सरकार ने पूरे देश को राम भरोसे छोड़ दिया है; उस पर कांग्रेस कार्य समिति ने व्यापक प्रस्ताव पारित किया है|
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,,कांग्रेस कार्यसमिति ने कोरोना की अप्रत्याशित त्रासदी, जो पूरे देश के ऊपर आई है उसको लेकर अपनी गहन चिंता जाहिर की; समिति ने यह भी कहा कि कोरोना की जो दूसरी लहर है वो गंभीर आपदा का रूप धारण कर चुकी है|
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,,'कोरोना की दूसरी लहर मोदी सरकार की नाकामी, निकम्मेपन और नाकारापन का एक सबूत है; यह इस बात का भी सबूत है कि मोदी सरकार ने लगातार वैज्ञानिक सोच और उनकी सलाह पर काम करने से इनकार कर दिया; यहां तक कि किसी पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट की राय तक नहीं मानी| जब संसद की समिति ने भी नवंबर 2020 में आगाह किया तो उस रिपोर्ट को भी पूरी तरह से कूड़ेदान के अंदर फेंक दिया गया; कांग्रेस कार्यसमिति ने मोदी सरकार की त्रुटिपूर्ण टीकाकरण की नीति पर भी गहन चिंता व्यक्त की |
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,,वैक्सीन की जो प्राइवेसी पॉलिसी है वह अपने आप में भेदभावपूर्ण है; त्रुटिपूर्ण भी है और कहीं ना कहीं उसमें से "एक वैक्सीन और तीन-तीन कीमतों" के चलते भेदभाव की बू आती है| कार्यसमिति ने खासतौर से चिंता जाहिर की कि 18 से 44 साल की भारत की भारत की युवा आबादी को कोरोना निरोधक टीका लगाने की जिम्मेवारी से भारत सरकार ने अपना पीछा छुडवा लिया है; इसका सारा आर्थिक बोझ अब प्रान्तों के ऊपर जबरन लाद दिया गया है|
कांग्रेस ने कहा,'''खासतौर से कोरोना के टीके में अब आप जाकर उसे नहीं लगवा सकते, जैसे पहले आप रजिस्टर कराने की प्रक्रिया है; इससे करोड़ों-करोड़ों देश के गरीबों को इन्टरनेट एक्सेस नहीं, उनको कोरोना टीकाकरण से वंचित करने का काम यह सरकार कर रही है|
कांग्रेस कार्यसमिति ने डॉ मनमोहन सिंह जी के 17 अप्रैल 2021 के पत्र का संज्ञान लेते हुए दोबारा यह बताया कि उन्होंने 5 रचनात्मक सुझाव कांग्रेस पार्टी की ओर से दिए थे; उन पर विचार करना तो दूर, सरकार ने उन पर जो अपमानजनक रवैया अपनाया वह बहुत निंदनीय है| कांग्रेस कार्यसमिति की पिछली मीटिंग के बाद अब सार्वजनिक तौर से यह रिपोर्ट्स आई हैं कि कोरोना महामारी का प्रकोप बड़े गहन तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुष्प्रभाव कर रहा है|
कांग्रेस कार्यसमिति ने यह भी गहन चिंता व्यक्त की कि कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों को सामने रखने की बजाय सरकार पूरे आंकड़ों को ही छुपाने का कुत्सित प्रयास कर रही है| CWC ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण माहौल में आंकड़ों को दबाना या छुपाना या फिर श्मशान घाट के चारों तरफ दीवार बनाना हल नहीं है; हल यह है कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचा सकें और सारे आंकडें सच्चाई से जनता के सामने रख सकें|
कांग्रेस ने कहा,''राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय संकल्प से ही एकजुट होकर कोरोना महामारी से लड़ा जा सकता है; इसके लिए प्रधानमंत्री जी को अपनी गलती स्वीकार कर नए सिरे से कोरोना से लड़ने हेतु खुद को और अपनी सरकार को डेडीकेट करना होगा | जिस प्रकार की देश में आपातकालीन स्थिति है; लोग मर रहे हैं, ऑक्सीजन, दवा और बेड उपलब्ध नहीं हैं; ऐसे हालात में कांग्रेस कार्यसमिति के सभी सदस्यों ने एक स्वर से कहा कि हम सब एकजुट होकर जिंदगियां बचाएं और इस महामारी से लड़ें|
कांग्रेस ने कहा,''देश स्वास्थ्य आपातकाल से गुजर रहा है। इस स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है, अंहकारी सरकार ने विपक्ष के सुझावों को भी दरकिनार किया है। कोरोना ने हर तरफ तबाही मचाई है, मगर भाजपाई नाकामी के कारण प्रवासी मजदूरों पर दोहरी मार पड़ी है। भाजपा की नाकामियों और अयोग्यता एवं गलत नीयत के चलते प्रवासी मजदूरों को भोजन से लेकर मजदूरी तो कष्ट सहने पड़े हैं।