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24 अगस्त 2026

Electoral Bonds: SBI ने चुनाव आयोग को सौंपी चुनावी चंदे की जानकारी, अब EC को 15 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर करना होगा अपलोड

नई दिल्‍ली: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मंगलवार को चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण सौंपा। यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग करने वाली याचिका को…

Electoral Bonds: SBI ने चुनाव आयोग को सौंपी चुनावी चंदे की जानकारी, अब EC को 15 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर करना होगा अपलोड
Electoral Bonds: SBI ने चुनाव आयोग को सौंपी चुनावी चंदे की जानकारी, अब EC को 15 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर करना होगा अपलोड | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्‍ली:  भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मंगलवार को चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण सौंपा। यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने के एक दिन बाद आया है। चुनाव आयोग ने कहा,“सर्वोच्च न्यायालय के 15 फरवरी और 11 मार्च के आदेश के अनुपालन में एसबीआई द्वारा आज ईसी को चुनावी चंदे की जानकारी प्रदान की गई है।”




चुनाव आयोग ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया,“15 फरवरी और 11 मार्च, 2024 के अपने आदेश में शामिल SBI को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आज भारतीय चुनाव आयोग को चुनावी बांड पर डेटा प्रदान किया गया है|”



सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को चौबीस घंटे के भीतर चुनावी चंदे की जानकारी आयोग को सौंपने का आदेश दिया था। चुनाव आयोग ने विवरण मिलने की पुष्टि की है। अब शीर्ष अदालत के आदेशानुसार, चुनाव आयोग को 15 मार्च शाम 5 बजे तक चुनावी चंदे की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी|

 


इससे एक दिन पहले सोमवार को, सर्वोच्च न्यायालय में एसबीआई और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की याचिका पर सुनवाई हुई थी| सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के उस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए 30 जून तक समय बढ़ाने की मांग की गई थी। 


बता दें कि,''भारतीय स्टेट बैंक ने 04 मार्च 2024 को चुनावी बांड (Electoral Bonds) के विवरण का खुलासा करने के लिए समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जबकि, एडीआर ने 07 मार्च 2024 को SBI की (चुनावी बॉन्ड का ब्योरा देने की समयसीमा 30 जून तक बढ़ाने की) अर्जी के खिलाफ चुनावी बांड मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी |



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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 011 मार्च 2024 को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण प्रस्तुत करने के लिए अधिक समय की मांग की गई थी और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई को 12 मार्च, मंगलवार को कामकाजी समय समाप्त होने तक इसे जमा करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को 15 मार्च शाम 5 बजे तक जानकारी अपनी वेबसाइट पर डालने का भी आदेश दिया था।



 चुनावी बॉन्‍ड के मुद्दे पर कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक को कड़ी फटकार लगाई और एसबीआई को अवमानना की चेतावनी देते हुए कहा था कि कल तक यह डेटा जारी होना चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है, तो कार्रवाई की जाएगी|



SBI की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि,'' बैंक को चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।   साल्वे का कहना है कि SBI की समस्या यह है कि पूरी प्रक्रिया को उलटना पड़ेगा। एसओपी ने सुनिश्चित किया था कि कोर बैंकिंग सिस्टम और बांड नंबर में खरीदार का कोई नाम नहीं हो।''


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सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजीव खन्ना, बीआर गवई, जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने बैंक की खिंचाई करते हुए कहा कि वह पिछले 26 दिनों से क्या कर रहा है। पीठ ने कहा, "पिछले 26 दिनों में आपने क्या कदम उठाए हैं? आपका आवेदन उस पर चुप है।"



पीठ ने कहा, एसबीआई को सिर्फ सीलबंद लिफाफा खोलना है, विवरण एकत्र करना है और चुनाव आयोग को जानकारी देनी है।



एसबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अदालत में दलील दी कि बैंक को विवरण एकत्र करने और उनका मिलान करने के लिए अधिक समय चाहिए क्योंकि जानकारी उसकी शाखाओं में दो अलग-अलग साइलो में रखी गई थी। उन्होंने आगे कहा कि एसबीआई को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम तीन सप्ताह का समय लगेगा।



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जवाब में, अदालत ने कहा कि उसने एसबीआई को केवल स्पष्ट खुलासा करने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा- SBI 12 मार्च तक सारी जानकारी का खुलासा करे। इलेक्शन कमीशन सारी जानकारी को इकट्ठा कर 15 मार्च शाम 5 बजे तक इसे वेबसाइट पर पब्लिश करे।



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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगा दी थी। साथ ही SBI को 12 अप्रैल 2019 से अब तक खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी 6 मार्च तक इलेक्शन कमीशन को देने का निर्देश दिया था। लेकिन,4 मार्च को SBI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर इसकी जानकारी देने के लिए 30 जून तक का वक्त मांगा था। 




15 फरवरी को दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले में, पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने केंद्र की चुनावी बांड योजना को रद्द कर दिया था, जिसने गुमनाम राजनीतिक फंडिंग की अनुमति दी थी, और इसे "असंवैधानिक" कहा था। 


tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 12 मार्च 2024 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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