मुंबई: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य में मंदिर खोलने की मांग को लेकर आज शिरड़ी साईं बाबा मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा आज पूरे राज्य में प्रदर्शन आयोजित कर रही है,सभी मंदिरों को फिर से खोलने की मांग कर रही थी| इस बीच महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है। राज्यपाल की चिट्ठी को लेकर मचे बवाल पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा। शरद पवार ने मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में राज्यपाल की भाषा पर भी सवाल उठाए।
बता दें कि राज्यपाल ने 'ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिख कर बंद धार्मिक स्थलों को दोबारा खुलवाने की बात कही थी।राज्यपाल ने कहा है कि "मुझे आश्चर्य है कि आपको मंदिरों को नहीं खोलने के लिए कोई दिव्य प्रेम प्राप्त हो रहा है या फिर आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं। यह एक ऐसा शब्द है, जिससे आप नफरत करते हैं। जिसपर विवाद शुरू हो गया| इस पर सीएम ने जवाब देते हुए कहा है कि राज्यपाल हमें हिंदुत्व का पाठ न पढ़ाएं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक जवाब भेजा गया है, जिसमें उद्धव ठाकरे ने कहा है कि 'पत्र में मेरे हिंदुत्व का उल्लेख करना गलत है|हिंदुत्व के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है| इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा उद्धव ठाकरे पर 'सेकुलर' तंज किए जाने को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी है|
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने अपने ट्वीट में कहा,''हमारे संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष ’शब्द जोड़ा गया है जो सभी धर्मों को समान बनाता है और इसीलिए मुख्यमंत्री को संविधान के ऐसे सिद्धांतों को लागू करना चाहिए। शरद पवार ने कहा,''दुर्भाग्य से मुख्यमंत्री के लिए माननीय राज्यपाल का पत्र एक राजनैतिक दल के नेता को लिखे गए अर्थ को स्वीकार करता है।
पवार ने पत्र में लिखा है कि पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए आपने ही 'दो गज की दूरी' का नारा दिया था। वहीं, राज्य सरकार 'मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी' की नीति के तहत काम कर रही है। इस नीति के तहत राज्य सरकार सेफ दूरी को मेनटेन करने की शिक्षा दे रही है। 'दो गज की दूरी' क्यों महत्वपूर्ण है, इसके बारे में भी जनता को बता रही है। उन्होंने आगे लिखा कि मुझे मीडिया के द्वारा पता चला है कि राज्य में धार्मिक स्थल खोलने को लेकर राज्यपाल ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से जनता के लिए धार्मिक स्थल खोलने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।