नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड के बैंकों (Swiss Banks) में भारतीयों और भारतीय कंपनियों का जमा पैसा 2020 में बढ़कर 2.55 अरब स्विस फ्रैंक (20,700 करोड़ रुपये से ज्यादा) हो गया| स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक की तरफ से बृहस्पतिवार को जारी सालाना डाटा के मुताबिक, साल 2020 के दौरान स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और संस्थानों व कंपनियों का जमा धन बढ़कर 2.55 अरब स्विस फ्रैंक (करीब 20,700 करोड़ रुपये) से अधिक हो गया। हालांकि कस्टमर डिपॉजिट में लगातार दूसरे साल गिरावट आई।
स्विस बैंकों में देश के नागरिकों का जमा धन बढ़ने को लेकर समाजवादी पार्टी ने मोदी सरकार पर हमला बोला| मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा,''नोटबंदी आजाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला है | सरकार ने नोटबंदी कर गरीबों को लाइन में लगा लगा कर बेमौत मार दिया| इससे विदेशों में जमा काला धन भी बढ़ गया और देश की जीडीपी भी घाटे में चली गई|
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया,'','"विदेशों में जमा काला धन भी बढ़ गया और देश की जीडीपी भी घाटे में चली गई" नोटबंदी के समय गरीबों को लाइन में लगा लगा कर सरकार ने बेमौत मार दिया और भविष्य की खुशहाली का झूठा सपना दिखाया। आज सच सबके सामने हैं। नोटबंदी आजाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला है!
गौरतलब है कि कोरोना काल में भले ही भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका लगा हो, लेकिन इस दौरान भी कई भारतीय रईसों और कंपनियों ने स्विस बैंक में अपनी जमापूंजी बढ़ाई| गुरुवार को स्विट्जरलैंड के केन्द्रीय बैंक की ओर से जारी किए गए सालाना डेटा से पता चला कि साल 2020 में स्विट्जरलैंड के बैंकों (Swiss Banks) में भारतीयों और भारतीय कंपनियों का जमा पैसा बढ़कर करीब 2.55 अरब स्विस फ्रैंक यानी 20,700 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है| ये आंकड़ा पिछले 13 सालों में सबसे ज्यादा है| रिपोर्ट के मुताबिक भारतीयों एवं कंपनियों की ओर से स्विस बैंक में रकम जमा करने के आंकड़े ने इससे पहले साल 2006 में रिकॉर्ड बनाया था|