नई दिल्ली: मणिपुर में महिलाओं को नग्न कर घुमाने के मामले का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि मणिपुर में महिलाओं को नग्न कर घुमाने का जो वीडियो सामने आया है वो वास्तव में परेशान करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सरकार से कार्रवाई करने को कहा है।
CJI का कहना है कि यह बिल्कुल अस्वीकार्य है, सांप्रदायिक झगड़े के क्षेत्र में महिलाओं को एक उपकरण के रूप में उपयोग करना। उन्होंने आगे कहा कि जो वीडियो सामने आए हैं उससे हम बेहद परेशान हैं। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो हम करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अब समय आ गया है कि सरकार वास्तव में कदम उठाए और कार्रवाई करे। संवैधानिक लोकतंत्र में यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। यह बहुत परेशान करने वाला है।
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से ये बताने को कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। मीडिया में दिखाई देने वाले दृश्यों के बारे में जो दिखाया गया है वह गंभीर संवैधानिक उल्लंघन और महिलाओं को हिंसा के साधन के रूप में उपयोग करके मानव जीवन का उल्लंघन दर्शाता है, जो संवैधानिक लोकतंत्र के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार उनके द्वारा उठाए गए कदमों से अदालत को अवगत कराएं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार को तय की है।
मणिपुर में पिछले करीब 90 दिनों से हिंसा जारी है। इस बीच कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में कूकी समुदाय की महिलाओं को नग्न कर सड़क पर घुमाया जा रहा है। वायरल वीडियो में जिन महिलाओं को नग्न करके घुमाया जा रहा है, वो कुकी समुदाय की हैं। यह वीडियो चार मई का बताया जा रहा है, जब हिंसा शुरुआती चरण में था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया है। फिलहाल, वीडियो वायरल होने पर मुख्य अपराधी जिसने हरे रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी (वायरल वीडियो में) और महिला को पकड़ रखा था उसे पहचान के बाद आज सुबह (20 जुलाई) को गिरफ़्तार कर लिया गया है। उसका नाम हुइरेम हेरोदास मैतेई (32 वर्ष) है और वह पेची अवांग लीकाई का है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 मई की दोपहर को लगभग 1000 लोगों की भीड़ ने कांगपोकपी जिले के गांव बी फीनोम गांव में हमला कर दिया था|उनके पास भारी मात्रा में ऑटोमैटिक हथियार थे| उन लोगों ने गांव के घरों में तोड़फोड़ ,लूटपाट और हत्या के बाद आग लगा दी थी| इस दौरान महिलाओं के साथ दिनदहाड़े बलात्कार किया गया।
भीड़ से जान बचाने के लिए 3 महिलाएं और 2 पुरुष जंगलों की तरफ भागे| उन्हें पुलिस की एक टीम बचाकर पुलिस स्टेशन ले जाने लगी, लेकिन एक भीड़ ने उन लोगों का रास्ता रोक लिया हिंसक भीड़ पुलिस से जबरन इन पांच लोगों को छुड़ा ले गई| फिर एक आदमी को भीड़ ने वहीं मार डाला| और तीन महिलाओं के कपड़े फाड़े और निर्वस्त्र करके जुलूस निकाला और इस सबका वीडियो भी बनाया| पुरुषों की भीड़ को उनके साथ-साथ चलते देखा जा सकता है। जब एक लड़की का उसके भाई के सामने गैंगरेप किया गया। तो भाई ने जब अपनी बहन को बचाने की कोशिश की तो उसकी हत्या कर दी गई।