नई दिल्ली: कर्नाटक में हिजाब पर लगा बैन फिलहाल जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कर्नाटक सरकार के 5 फरवरी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक खंडित फैसला सुनाया। कर्नाटक सरकार ने प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने पर रोक लगाई है।
'कर्नाटक हिजाब प्रतिबंध मामले' में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस हेमंत गुप्ता और सुधांशु धूलिया ने खंडित फैसला दिया| हिजाब मामले में दोनों जजों ने अलग-अलग फैसला सुनाया। एक जज ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, वहीं दूसरे जज ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज किया। मामला सीजेआई के पास भेजा जाएगा। मामला बड़ी बेंच को भेजा जाएगा।
जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने 10 दिनों की लंबी सुनवाई के बाद 22 सितंबर को कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसने शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम छात्रों द्वारा हिजाब पहनने पर प्रतिबंध को बरकरार रखा था। खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली कुल 23 याचिकाओं पर सुनवाई की थी|
कर्नाटक हिजाब मामले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाले उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के आदेश को बरकरार रखा था। वहीं, जस्टिस सुधांशु धूलिया ने हाई कोर्ट का फैसला पलटने के पक्ष में फैसला लिखा है
कर्नाटक हिजाब प्रतिबंध मामले में विभाजित फैसला होने के कारण न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता का कहना है कि मामला उचित दिशा के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा गया है।
जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "उच्च न्यायालय ने गलत रास्ता अपनाया। अनुच्छेद 14 और 19 का मामला। यह पसंद का मामला है, न ज्यादा और न ही कम।"
जस्टिस सुधांशु ने कहा कि उनके मन में सबसे बड़ा सवाल बालिकाओं की शिक्षा को लेकर है। "क्या हम उनके जीवन को बेहतर बना रहे हैं? यह मेरे दिमाग में एक सवाल है। मैंने 5 फरवरी के सरकारी आदेश को रद्द कर दिया है और प्रतिबंधों को हटाने का आदेश दिया है।"
खंडित फैसला: याचिकाकर्ता पक्ष के वकील
याचिकाकर्ता पक्ष के वकील आफताब अली खान ने कहा, "आज का फैसला एक खंडित फैसला है। जिसे देखते हुए बेंच ने इसे बड़ी बेंच को रेफर कर दिया है|
हिजाब पर लगा बैन फिलहाल जारी रहेगा
वकील वरूण सिन्हा ने कहा, "अभी हाई कोर्ट का फैसला लागू रहेगा क्योंकि एक जज ने याचिका को खारिज किया है और दूसरे ने उसे खारिज नहीं किया है। अब हाई कोर्ट का फैसला तब तक जारी रहेगा जब तक किसी बड़े बेंच का फैसला नहीं आ जाता है|
HC का आदेश अंतरिम समय में लागू रहेगा: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने बेंगलुरु में कहा, 'हम सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं। हमने बेहतर फैसले की उम्मीद की थी क्योंकि दुनिया भर की महिलाएं हिजाब और बुर्का नहीं पहनने की मांग कर रही हैं। कर्नाटक उच्च न्यायालय का आदेश अंतरिम समय में लागू रहेगा|
गौरतलब है कि, पीठ के समक्ष 23 याचिकाओं का एक बैच सूचीबद्ध किया गया है। उनमें से कुछ मुस्लिम छात्राओं के लिए हिजाब पहनने के अधिकार की मांग करते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर रिट याचिकाएं हैं। कुछ अन्य विशेष अनुमति याचिकाएं हैं जो कर्नाटक हाईकोर्ट के 15 मार्च के फैसले को चुनौती देती हैं, जिसने सरकारी आदेश दिनांक 05.02.2022 को बरकरार रखा था। इसने याचिकाकर्ताओं और अन्य ऐसी महिला मुस्लिम छात्रों को अपने पूर्व-विश्वविद्यालय कॉलेजों में हेडस्कार्फ़ पहनने से प्रभावी रूप से प्रतिबंधित कर दिया था।