मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

सुप्रीम कोर्ट ने MP हाई कोर्ट के फैसले को किया रद्द, यौन उत्पीड़न पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर आरोपी को दी थी जमानत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी को पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर दी गई जमानत के मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया| सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुन…

सुप्रीम कोर्ट ने MP हाई कोर्ट के फैसले को किया रद्द, यौन उत्पीड़न पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर आरोपी को दी थी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने MP हाई कोर्ट के फैसले को किया रद्द, यौन उत्पीड़न पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर आरोपी को दी थी जमानत | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी को पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर दी गई जमानत के मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया| सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को रद्द कर दिया ,जिसमें अदालत ने आरोपी व्यक्ति (अपनी पड़ोसी की शालीनता को अपमानित करने का आरोपी) पर जमानत की शर्त लगाते हुए कहा था कि वह पीड़िता से अनुरोध करे कि वह उसकी कलाई पर राखी बांध दे।




 कोर्ट ने विभिन्न अदालतों के न्यायाधीशों को महिलाओं के खिलाफ अपराध खासकर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच ने लिंग संवेदनशीलता पर जजों और वकीलों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।




पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर आरोपी को जमानत देने के फैसले को चुनौती देते हुए नौ महिला वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। महिला वकीलों ने कहा कि ऐसे आदेश महिलाओं को एक वस्तु की तरह दिखाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हाई कोर्ट और निचली अदालतों के जजों से महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों में स्टीरियोटाइप टिप्पणियां करने से बचने को कहा है| सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पीड़िता के घर जाकर उससे राखी बंधवाने की शर्त के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत देने के फैसले को  रद्द कर दिया।



अधिवक्ता अपर्णा भट की याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने यह शर्त लगाकर गलती की है क्योंकि खुद अदालत ने आरोपी को पीड़िता के साथ संपर्क स्थापित करने का निर्देश दे दिया है,जिससेे जमानत देने का उद्देश्य को पराजित हो रहा है। हाईकोर्ट इस तथ्य पर भी ध्यान देने में विफल रहा है कि यौन हिंसा के ज्यादातर मामलों में पीड़िता अपनी गवाही से मुकर जाती है और इनमें से कई मामलों में ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह अभियुक्त के परिवार से भयभीत और/या प्रेरित होती है।



याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट को इस तथ्य के बारे में अवगत और संवेदनशील होना चाहिए था कि इस मामले में एक महिला के खिलाफ यौन अपराध शामिल है; पीड़िता के लिए एफआईआर दर्ज करवाना और आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला शुरू करवाना बेहद मुश्किल होता है। याचिका में आगे कहा गया है, ''रक्षाबंधन भाइयों और बहनों के बीच एक संरक्षकता का त्योहार है। इसलिए उक्त जमानत शर्त वर्तमान मामले में शिकायतकर्ता द्वारा झेेले गए आघात को पूरी तरह से महत्वहीन बनाने के समान है।'' (जोर देते हुए कहा गया)





बता दें कि,''अप्रैल 2020 में पड़ोस में रहने वाली महिला के घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के आरोप में जेल में बंद विक्रम बागरी ने इंदौर में जमानत याचिका दायर की थी। 30 जुलाई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने आरोपी विक्रम बागरी को सशर्त जमानत दी थी। जमानत के साथ ही शर्त यह थी कि आरोपी रक्षाबंधन पर पीड़िता के घर जाकर उससे राखी बंधवाएगा और रक्षा का वचन देगा। सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद जस्टिस रोहित आर्य की सिंगल बेंच ने आरोपी को 50 हजार के मुचलके के साथ जमानत दी थी।





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 18 मार्च 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।