नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना सबमिशन दाखिल किया। CBI ने कहा कि कोर्ट को CBI और ED को अपनी जांच जारी रखने देनी चाहिए। रिया चक्रवर्ती भी मामले के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी लिखित याचिका दाखिल की हैं।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर अपने जवाब में सीबीआई ने कहा कि, याचिका में मुख्य दलील दी गई और तर्क दिया गया कि अधिकांश लेनदेन मुंबई में हुए हैं और तदनुसार पटना पुलिस को इस मामले की जांच करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है| सीबीआई का कहना है कि याचिका गलत और कई कारणों से खारिज होने लायक है|
बिहार सरकार ने पटना में मुंबई से एफआईआर के हस्तांतरण की मांग करने वाली रिया चक्रवर्ती की याचिका में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विस्तृत जवाब दाखिल किया|बिहार सरकार ने अपने जवाब में दावा किया कि बिहार पुलिस के पास मामले की जांच करने का अधिकार क्षेत्र है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा,''पटना एसपी विनय तिवारी जो मुंबई पुलिस को अग्रिम सूचना के साथ 2 अगस्त को मुंबई पहुंचे, उनको वस्तुतः क्वारंटाइन" के नाम पर हिरासत में रखा गया था और जांच के संचालन के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अनुमति नहीं दी गई थी|बिहार पुलिस महानिरीक्षक (IGP), ने विनय तिवारी के 'क्वारंटाइन' को हटाने के लिए मुंबई के अधिकारियों से अनुरोध किया था, हालाँकि, दुर्भाग्य से उनके द्वारा उपेक्षा की गई थी|
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 21 अगस्त तक को सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस की सीबीआई जांच के लिए वकील अजय अग्रवाल द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी। जनहित याचिका में कहा गया है कि "जिस तरह से मुंबई पुलिस इस मामले को संभाल रही है, उससे पूरा देश स्तब्ध है"।
सुशांत सिंह राजपूत के जीवनकाल के दौरान, पटना से टेलीफोन पर उनसे बात करने की पिता की कोशिश को आरोपी व्यक्तियों द्वारा विफल कर दिया गया था। इससे उनके बेटे की जान बच सकती थी:सुप्रीम कोर्ट में पेश अपने जवाब में मृतक के पिता केके सिंह|
सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा कि,चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लंबी-चौड़ी दलीलें सुनी हैं, इसलिए मैं चाहता हूं कि यह टिप्पणी की जाए कि मामला सीबीआई के पास गया है। कोर्ट को निर्देश देना चाहिए कि मुंबई पुलिस जांच में सीबीआई की मदद करे|मैंने हमेशा कहा है कि मुंबई पुलिस बहुत पेशेवर फोर्स है। लेकिन किसी कारण से, इस मामले में, मुंबई पुलिस पूरी तरह से गलत दिशा में चली गई है। इसलिए परिवार को पटना पुलिस से संपर्क करना पड़ा|