नई दिल्ली: उद्धव ठाकरे गुट ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिवसेना का ‘नाम’ और चुनाव चिन्ह ‘धनुष और तीर’ आवंटित करने के चुनाव आयोग के कदम को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की है| उद्धव गुट के वकील ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की हैं|
ठाकरे गुट के नेता अनिल देसाई ने सोमवार (20 फरवरी, 2023) को कहा,''हम चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ (सुप्रीम कोर्ट) गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इसका उल्लेख किया गया था और अदालत बताएगी कि इसे कब सुनवाई के लिए लिया जा रहा है|''
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, 'मेरा सब कुछ छीन गया है। हमारी पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह छीन गया है लेकिन ठाकरे नाम छीन नहीं सकता। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, कल से सुनवाई शुरू होगी|
‘शिवसेना’ का नाम और ‘चुनाव चिन्ह’ छीनने के लिए हुई ₹2000 करोड़ की डील': संजय राउत का बड़ा दावा
उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने कहा, ''हम चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए हैं। मैं अपने बयान पर कायम हूं कि 2000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था, जिससे शिंदे गुट को पार्टी का नाम और सिंबल मिला। उचित समय पर हम इस संबंध में सबूत लेकर आएंगे|''
भारत निर्वाचन आयोग ने एकनाथ शिंदे की टीम को असली शिवसेना ('Shiv Sena' and 'Bow and Arrow') के रूप में मान्यता दे दी है| उद्धव ठाकरे गुट को एक बड़ा झटका देते हुए, चुनाव आयोग ने शुक्रवार (17 फरवरी, 2023) को आदेश दिया कि ‘शिवसेना’ का नाम और पार्टी का प्रतीक ‘धनुष और तीर’ एकनाथ शिंदे गुट के पास ही रहेगा|