नई दिल्ली: अडानी मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "छिपाने या डरने जैसी कोई बात नहीं है।" अमित शाह की यह टिप्पणी हिंडनबर्ग की उस रिपोर्ट पर विवाद के बाद आई है जिसमें अडानी पर 'कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े घोटाले' का आरोप लगाया गया था, जिससे अडानी समूह को शेयर की कीमतों में गिरावट के कारण $120bn से अधिक का नुकसान हुआ था। विपक्ष ने एलआईसी और एसबीआई जैसे सार्वजनिक वित्तीय निकायों के जोखिम के दावों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और जांच की मांग की है।
अडानी से जुड़े मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ,“सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है। कैबिनेट का सदस्य होने के नाते इस समय इस मुद्दे पर मेरा कुछ भी बोलना सही नहीं होगा। परन्तु इसमें भाजपा के लिए कुछ छुपाने के लिए नहीं है और न ही किसी बात से डरने की जरूरत है|
संसद में एक्सपंज(अमर्यादित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा देना) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि,''पहली बार एक्सपंज नहीं हुआ है। संसद की कार्यवाही एक्सपंज वाक्यों से भरी पड़ी है। संसद में नियमों के हिसाब से बहस करनी होती है, संसदीय भाषा में करनी होती है|
गौरतलब है कि गौतम अडानी पर 'कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े घोटाले' का आरोपों लगा है| जिसको लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल लगातार अडानी समूह धोखाधड़ी के जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग कर रहे है| विपक्ष ने एलआईसी और एसबीआई जैसे सार्वजनिक वित्तीय निकायों के जोखिम के दावों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और जांच की मांग की है।
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