नई दिल्ली: GVK समूह के उपाध्यक्ष जी. वी. संजय रेड्डी ने बुधवार को कहा कि मुंबई एयरपोर्ट में अपनी हिस्सेदारी अडानी समूह को बेचने के लिए सरकार की ओर से कोई दबाव नहीं था। अडानी ग्रुप पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर GVK समूह के उपाध्यक्ष जी. वी. संजय रेड्डी ने कहा कि ,“अजहां तक GVK का मुंबई हवाई अड्डा बेचने का सवाल है तो हम न ही गौतम अडानी या सरकार का कोई दबाव नहीं था। हमने हवाई अड्डे को व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए बेचा था|
दरअसल, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि ,“सरकार ने अडानी के पक्ष में नियमों को बदला, यह कहते हुए कि जिन लोगों को हवाई अड्डों का कोई पूर्व अनुभव नहीं था, वे (अडानी) पहले हवाई अड्डों के डेवलपमेंट में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा था, "यह नियम था कि अगर कोई एयरपोर्ट के व्यवसाय में नहीं है तो वे इन एयरपोर्ट को नहीं ले सकता है। इस नियम को बदल दिया गया और अडानी को छह हवाई अड्डे दिए गए। उसके बाद भारत के 'Most Profitable हवाई अड्डे- 'मुंबई एयरपोट' को GVK से सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों का उपयोग करके अडानी को दे दिया गया।"
श्री गांधी ने मंगलवार को कहा, “ अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी नियम बदले जा रहे हैं, जनता का पैसा लुटाया जा रहा है। पोर्ट, एयरपोर्ट, ऊर्जा, कोयला या रक्षा क्षेत्र हो, हर जगह अडानी ही हावी है। ऊपर से भारत सरकार सीबीआई-ईडी का दबाव डालकर अडानी की मदद कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि ,“रुल था कि अगर कोई एयरपोर्ट बिजनेस में नहीं था, तो वो इन एयरपोर्ट को ले नहीं सकता था। इस रुल को मोदी सरकार ने बदला । रुल बनाया किसने, ये महत्वपूर्ण नहीं है, रुल बदला किसने, बात ये है। तो रुल को बदला गया, उस समय मीडिया में इसके बारे में चर्चा हुई थी, रुल बदला गया और अडानी जी को 6 एयरपोर्ट दिए गए। एजेंसी का सीबीआई, ईडी का प्रयोग करके जीवीके पर दबाव डालकर हिंदुस्तान की सरकार ने उस एयरपोर्ट को अडानी जी के हाथों में कर दिया। रिजल्ट क्या आया रिजल्ट आया कि एयरपोर्ट्स में आज अडानी जी हिंदुस्तान के 24 प्रतिशत एयर ट्रैफिक को अपने एयरपोर्ट्स से निकालते हैं और 31 प्रतिशत एयरफ्रेट उनके एयरपोर्ट्स में से निकलता है।
GVK ग्रुप के चेयरमैन और उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी के खिलाफ CBIई ने दर्ज किया मामला
बता दें कि ,“ सीबीआई ने 2020 में जीवीके ग्रुप के चेयरमैन जी वेंकट कृष्णा (जीवीके) रेड्डी और उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई हवाई अड्डे के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं के लिए GVK समूह व मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अध्यक्ष डॉ. GVK रेड्डी, नके बेटे संजय रेड्डी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जी वेंकट कृष्णा रेड्डी और उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी पर 800 करोड़ रुपये की अनियमितता और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था| केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया था|
जीवीके ग्रुप के ठिकानों पर ईडी के छापे
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने 29 जुलाई 2020 को जीवीके ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन जी वेंकट कृष्णा (जीवीके) रेड्डी और उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी और कंपनी के प्रमोटर के कई ठिकानों (9-12) पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में कृष्णा रेड्डी और उनके बेटे और रिश्तेदारों के घर और दफ्तरों पर की गई। दोनों के खिलाफ जून में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। जीवीके ग्रुप पर मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डेवलपमेंट में 800 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप था।
मामले में 7 जुलाई, 2020 को ईडी ने जीवीके समूह और उसके अध्यक्ष जीवीके रेड्डी, उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी और कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ़ धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए की धारा 3 के तहत शिकायत दर्ज की थी।
अडानी समूह ने जीवीके समूह से हवाईअड्डे का नियंत्रण अपने हाथ में लिया
इसके क़रीब दो महीने बाद ही 31 अगस्त, 2020 को जीवीके समूह ने अडानी को मुंबई हवाई अड्डे और नवी मुंबई हवाई अड्डे में हिस्सेदारी देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार- उस हस्ताक्षर और अडानी समूह द्वारा मुंबई हवाई अड्डे के अधिग्रहण से कुछ महीने पहले ही जीवीके समूह ने अडानी समूह को रोकने की पूरी कोशिश की थी। रिपोर्ट के अनुसार जीवीके समूह ने अक्टूबर 2019 में भारत के सॉवरेन फंड (NIIF) सहित निवेशकों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे मुंबई एयरपोर्ट में हिस्सेदारी खरीदने से अडानी समूह को रोका जा सके। लेकिन अडानी समूह रुका नहीं। 2020 में ही अडानी समूह ने देश के दूसरे सबसे बड़े मुंबई एयरपोर्ट और नवी मुंबई में ग्रीनफ़िल्ड एयरपोर्ट का नियंत्रण जीवीके समूह से अपने हाथ में ले लिया।
जीवीके समूह के खिलाफ मामले में सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप हटाए
अडानी समूह को एयरपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जीवीके समूह के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के आरोप हटा दिए | 02 जनवरी 2023 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीबीआई की विशेष अदालत को सूचित किया कि संयुक्त उद्यम के हिस्से के रूप में मुंबई हवाई अड्डे के संचालन और रखरखाव के संबंध में जीवीके समूह और अन्य के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में कोई भी सरकारी अधिकारी शामिल नहीं पाया गया। सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान, लोक सेवकों की कोई भूमिका सामने नहीं आई है, और इसलिए वे आरोप नहीं लगाएंगे। अदालत ने सीबीआई की दलील को स्वीकार करने के बाद, भ्रष्टाचार के आरोपों को हटा दिया है|