नई दिल्ली :'राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,''सांसदों के निलंबन को वापस लेने के लिए हम लगातार पिछले 6-7 दिनों से अपनी बात रख रहे हैं। हम अध्यक्ष से विनती कर चुके हैं कि हमारी कोई गलती नहीं है फिर भी हमे सजा दी गई है। फिर भी वो अपने निर्णय पर अड़े हुए हैं हम नहीं चाहते कि सदन ऐसे ही चले|
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'हमने आज फिर से निलंबन का मुद्दा उठाया। हमने कहा कि निलंबन को वापस लिया जाए। लेकिन वो कह रहे हैं कि हमे मांफी मांगनी चाहिए। लेकिन हम किस चीज के लिए मांफी मांगे, क्या हमनें नियमों के खिलाफ कोई काम किया है?
'राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'यह निलंबन नियमों के खिलाफ है और संविधान के आर्टिकल 95 के खिलाफ भी है|
12 राज्यसभा सांसद पूरे सेशन के लिए निलंबित
सोमवार 29 नवंबर, 2021 को सदन के पिछले सत्र में अनुशासनहीनता के आरोप में राज्यसभा के 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है| निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के छह, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो, सीपीआई का एक और शिवसेना के दो सांसद शामिल हैं।
उच्च सदन के जिन 12 सांसदों को सस्पेंड किया गया है उनके नाम- एल्मारम करीम (माकपा), फुलो देवी नेताम (कांग्रेस), छाया वर्मा (कांग्रेस), रिपुन बोरा (कांग्रेस), बिनोय विस्वाम (भाकपा), राजमणि पटेल (कांग्रेस), डोला सेन ( तृणमूल कांग्रेस), शांत छेत्री ( तृणमूल कांग्रेस), सैयद नासिर हुसैन ( कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी ( शिवसेना), अनिल देसाई (शिवसेना) और अखिलेश प्रसाद सिंह ( कांग्रेस) हैं| उपसभापति हरिवंश की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सिलसिले में एक प्रस्ताव रखा जिसे विपक्षी दलों के हंगामे के बीच सदन ने मंजूरी दे दी|