मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

विकास दुबे एनकाउंटर: SC ने कहा- केवल यह घटना ही नहीं बल्कि पूरा सिस्टम दांव पर है, जांच के लिए एक समिति का पुनर्गठन करने के लिए UP सरकार सहमत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे और उसके साथियों के एनकाउंटर पर निगरानी की जाँच की मांग करने वाली PIL सुनवाई की| इस मामले की सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने इस पूरे मामले में…

विकास दुबे एनकाउंटर: SC ने कहा- केवल यह घटना ही नहीं बल्कि पूरा सिस्टम दांव पर है, जांच के लिए एक समिति का पुनर्गठन करने के लिए UP सरकार सहमत
विकास दुबे एनकाउंटर: SC ने कहा- केवल यह घटना ही नहीं बल्कि पूरा सिस्टम दांव पर है, जांच के लिए एक समिति का पुनर्गठन करने के लिए UP सरकार सहमत | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे और उसके साथियों के एनकाउंटर पर निगरानी की जाँच की मांग करने वाली PIL सुनवाई की| इस मामले की सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे सिस्टम की विफलता बताया है| कोर्ट ने कहा कि 'हैदराबाद एनकाउंटर और विकास दुबे एनकाउंटर केस में एक बड़ा अंतर है| वे एक महिला के बलात्कारी और हत्यारे थे| ये (दुबे और सहयोगी) पुलिसकर्मियों के हत्यारे थे|



इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार दोबारा जांच समिति गठित किए जाने पर सहमत हो गई है। विकास दुबे और उसके साथियों के एनकाउंटर मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को शीर्ष अदालत के एक पूर्व न्यायाधीश और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को जांच समिति में शामिल करने का आदेश दिया।




 सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यहाँ मारे गए और हैदराबाद में जहाँ बलात्कारियों के पास कोई हथियार नहीं था दोनों मौतों में अंतर है। राज्य सरकार के रूप में आप (यूपी) शासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।




 सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा,''इसके लिए गिरफ्तारी, ट्राएल और सजा की जरूरत है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को भारत के मुख्य न्यायाधीश बताते हैं केवल यह घटना ही नहीं बल्कि पूरा सिस्टम दांव पर है। SC ने उत्तर प्रदेश सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश और जांच समिति में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को शामिल करने के लिए कहा| इस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सहमति जताई और सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वो विकास दुबे एनकाउंटर मामले की जांच के लिए एक समिति का पुनर्गठन करने के लिए तैयार है।







tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 20 जुलाई 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।